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पीरियड मिस होने के कितने दिन बाद प्रेगनेंसी टेस्ट करें?

women's health

पीरियड मिस होने के कितने दिन बाद प्रेगनेंसी टेस्ट करे?

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Medically Reviewed By
Dr. Mayanka Lodha Seth

Written By Sheena Mehta
on Dec 2, 2025

Last Edit Made By Sheena Mehta
on Dec 2, 2025

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पीरियड न आना (मिस होना) अक्सर गर्भावस्था का संकेत हो सकता है, खासकर अगर पिछले चक्र नियमित थे और पिछले कुछ हफ्तों में गर्भनिरोधक उपाय नहीं किए गए हों । असुरक्षित यौन संबंध के बाद पीरियड मिस होने पर महिलाओं में गर्भवती होने का डर होता है । हालांकि मासिक धर्म चक्र अनियमित होने के अन्य कारण भी हो सकते हैं। पीरियड बार-बार लेट या मिस होना सिर्फ प्रेगनेंसी नहीं, बल्कि PCOS (पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम) या हार्मोनल असंतुलन, थायरॉयड समस्याएँ, अत्यधिक तनाव, वजन में बदलाव या कुछ दवाइयाँ लेने के परिणामस्वरूप भी हो सकता है । इसलिए यदि आपका पीरियड देर से आ रहा है तो पहले प्रेगनेंसी की जाँच करने के साथ-साथ इन कारणों पर भी ध्यान दें।

घरेलू प्रेगनेंसी टेस्ट का सही समय और तरीका

घर पर आसानी से उपलब्ध प्रेगनेंसी टेस्ट किट से गर्भावस्था का पता लगाया जा सकता है। सही समय पर टेस्ट करने से परिणाम सटीक होते हैं। आम सलाह यह है कि पीरियड मिस होने के लगभग 7–10 दिन बाद टेस्ट करें । इससे पहले यदि आप टेस्ट करते हैं तो हार्मोन का स्तर कम होने के कारण रिपोर्ट गलत (नेगेटिव) आ सकती है । कुछ संवेदनशील “अर्ली डिटेक्शन” किट 3–5 दिन पहले भी हल्का संकेत दे सकती हैं, लेकिन सबसे विश्वसनीय परिणाम के लिए मिस्ड पीरियड के बाद कम से कम एक सप्ताह का इंतजार करना बेहतर है ।

टेस्ट के लिए इन बातों का ध्यान रखें: 

सुबह का पहला मूत्र प्रयोग करना सबसे अच्छा माना जाता है क्योंकि उसमें HCG हार्मोन की मात्रा अधिक होती है। प्रयोग से पहले किट पैकेट के निर्देश अच्छी तरह पढ़ें और उसी के अनुसार कदम उठाएँ। 

आमतौर पर प्रक्रिया इस तरह होती है:

किट खोलकर टेस्ट स्ट्रिप को सुबह के मूत्र के नमूने में कुछ सेकंड डुबोकर रखें, फिर 5 मिनट प्रतीक्षा करें। स्ट्रिप पर दो खड़ी लाइनें दिखने पर परिणाम पॉजिटिव और एक लाइन होने पर निगेटिव माना जाता है।

प्रेगनेंसी टेस्ट कब करें?

  • प्रारंभिक जाँच: अगर पीरियड मिस हो गया है, तो पहले दिन ही टेस्ट किया जा सकता है, मगर भले ही परिणाम निगेटिव आए तो भी घबराएं नहीं। हार्मोन का स्तर अभी कम होने पर रिपोर्ट गलत हो सकती है।

  • सटीकता के लिए इंतजार: डॉक्टर्स के अनुसार बेहतर परिणाम के लिए पीरियड मिस्ड होने के 7–10 दिन बाद टेस्ट करना चाहिए।

  • अर्ली डिटेक्शन: कुछ घरेलू टेस्ट किटें आमतौर पर मिस होने के लगभग 5–6 दिन पहले भी हल्का संकेत दे सकती हैं, लेकिन ये 100% विश्वसनीय नहीं होती।

घर पर प्रेगनेंसी टेस्ट कैसे करें

प्रेगनेंसी टेस्ट को करने के लिए:-

 

  • पैकेट खोलें और दिए निर्देश को ध्यान से पढ़ें।

  • सुबह का पहला पेशाब लें और किट की टेस्ट स्ट्रिप को दिए अनुसार मूत्र में डुबोएँ।

  • लगभग 5 मिनट प्रतीक्षा करें और किट पर रेखाओं की संख्या देखें। दो रेखाएँ आने पर गर्भवती, एक रेखा आने पर परिणाम निगेटिव (गर्भावस्था नहीं) माना जाता है।

 

इन घरेलू टेस्ट की सटीकता लगभग 97% तक होती है, बशर्ते टेस्ट समय पर और सही तरीके से किया जाए।

मेडिकल जांच (ब्लड टेस्ट और अल्ट्रासाउंड)

घरेलू किट से पॉजिटिव परिणाम आने पर या यदि परिणाम के बावजूद संदेह हो, तो डॉक्टर से सलाह लें। डॉक्टर खून की जाँच (β-hCG ब्लड टेस्ट) करवाएँगे, जो शुरुआत के दिनों में भी हार्मोन को सटीक रूप से मापता है। आमतौर पर गर्भधारण के 7–10 दिन बाद यह टेस्ट करवा लेने की सलाह दी जाती है। ब्लड टेस्ट अत्यधिक विश्वसनीय होता है और शुरुआती गर्भावस्था की पुष्टि में मदद करता है।

साथ ही प्रारंभिक अल्ट्रासाउंड (सोनोग्राफी) करवाना भी जरूरी होता है। अल्ट्रासाउंड से यह देखा जाता है कि भ्रूण सही स्थान (गर्भाशय) में ठीक से विकसित हो रहा है या नहीं। यदि किसी संदेह जैसे एकटोपिक प्रेगनेंसी (गर्भाशय के बाहर गर्भ) हो तो अल्ट्रासाउंड विशेष रूप से मददगार है। आमतौर पर अल्ट्रासाउंड से गर्भधारण की पुष्टि 6–7 हफ्ते के भीतर की जाती है। इसके अलावा गर्भावस्था के दौरान नियमित चेकअप में समय-समय पर रक्त, यूरिन और अल्ट्रासाउंड टेस्ट कराए जाते हैं जिससे माँ और शिशु दोनों की सेहत की निगरानी होती है।

लक्षण – टेस्ट कब करना चाहिए?

यदि आपको निम्नलिखित किसी भी लक्षण के साथ पीरियड मिस होने का अनुभव हो तो प्रेगनेंसी टेस्ट कराना चाहिए:

  • मासिक धर्म न होना: समय पर पीरियड मिस होना गर्भावस्था का सबसे प्रमुख संकेत है।

  • हल्की स्पॉटिंग या इम्प्लांटेशन ब्लीडिंग: इम्प्लांटेशन के समय हल्के खून के धब्बे दिख सकते हैं, जो पीरियड जैसा भारी रक्तस्राव नहीं होता।

  • पेट या कमर में ऐंठन/दर्द: गर्भधारण के शुरुआती दिनों में कुछ महिलाओं को मासिक दर्द जैसा हल्का दर्द या ऐंठन महसूस हो सकती है।

  • स्तनों में बदलाव: स्तनों में भारीपन, असामान्य संवेदनशीलता या दर्द महसूस होना प्रेगनेंसी के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं।

  • मतली/उल्टी (मोर्निंग सिकनेस): खासकर सुबह के समय जी मिचलाना या उल्टी का मन होना एक आम लक्षण है।

  • अत्यधिक थकान: बिना कारण अचानक अधिक थकान या नींद आना भी गर्भावस्था का संकेत हो सकता है।

  • मूड स्विंग्स: मूड में जल्दी-जल्दी बदलाव आना, चिड़चिड़ापन, या भावुकता भी हो सकती है।

  • बार-बार पेशाब आना: प्रेग्नेंसी हार्मोन के कारण मूत्राशय पर प्रभाव पड़ता है, जिससे बार-बार पेशाब आने की समस्या हो सकती है।

यदि ये लक्षण लगातार दिखाई दें, तो टेस्ट ज़रूर करें। शुरुआती लक्षण हर महिला में भिन्न हो सकते हैं, लेकिन उपर्युक्त लक्षण आम हैं।

टेस्ट नेगेटिव आए लेकिन पीरियड न आया, तो क्या करें?

यदि घर का प्रेगनेंसी टेस्ट नेगेटिव आता है और मासिक धर्म नहीं होता, तो घबराएँ नहीं। कई बार हार्मोन का स्तर बहुत कम होने पर पहले टेस्ट में पॉजिटिव नहीं दिखता। सबसे पहले 3–5 दिन और इंतजार करके दोबारा टेस्ट करें। सुबह का पहला मूत्र लेकर फिर जांच करें – कई बार अगली सुबह परिणाम स्पष्ट होता है।

अगर दोबारा भी टेस्ट नेगेटिव आता है और फिर भी पीरियड नहीं होता, तो डॉक्टर से परामर्श आवश्यक है। ऐसा हो सकता है कि कोई अन्य समस्या (जैसे हार्मोनल असंतुलन, थायरॉयड विकार, PCOS, अत्यधिक तनाव या वजन में तेजी से बदलाव) पीरियड लेट होने का कारण बन रही हो। डॉक्टर विभिन्न जांच (जैसे ब्लड टेस्ट, अल्ट्रासाउंड आदि) कराकर सही कारण का पता लगाएंगे और उचित इलाज देंगे।

विश्वसनीय प्रेगनेंसी टेस्ट किट्स

भारतीय बाज़ार में कई भरोसेमंद प्रेगनेंसी टेस्ट किट्स उपलब्ध हैं। लोकप्रिय और विश्वसनीय ब्रांडों में Prega News, i-Can, Velocit, तथा Cipla की Confirm शामिल हैं। इन किट्स की सटीकता लगभग 97% तक होती है (सही समय पर इस्तेमाल पर) और इनका उपयोग घर पर बहुत आसान है। आप मेडिकल स्टोर से इन किट्स को खरीद सकती हैं।

सावधानियाँ और सलाहें

  • किट के पैकेट पर दिए निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़ें और उसी के अनुसार ही टेस्ट करें।

  • नया किट ही उपयोग करें; उपयोग किए हुए या एक्सपायर किट से रिजल्ट गलत आ सकता है।

  • टेस्ट के पहले दिन में बहुत अधिक पानी पिएँ, क्योंकि इससे मूत्र पतला हो सकता है।

  • सुबह का पहला पेशाब लें, इसमें HCG हार्मोन की सांद्रता सबसे अधिक होती है।

  • जांच के दौरान किट को क्षैतिज सतह पर रखें और परीक्षण पूरा होने तक इंतजार करें; आधी-अधूरी जांच से नतीजा खराब हो सकता है।

  • परिणाम देखने का समय समाप्त हो जाने पर किट को न देखें, क्योंकि बहुत देर बाद दिखने वाली रेखा फैल (evaporation line) सकती है।

  • यदि टेस्ट परिणाम अस्पष्ट हो या संदेह हो, तो कुछ दिन बाद दोबारा टेस्ट करें या डॉक्टर से सलाह लें।

इन सावधानियों का पालन करने से आप गलत परिणाम के जोखिम को कम कर सकती हैं।

निष्कर्ष: पीरियड मिस होने पर सबसे पहले प्रेगनेंसी की जाँच करना चाहिए, मगर एक सप्ताह तक इंतज़ार कर सही समय पर होम किट या ब्लड टेस्ट करें। भूले से भी जल्दी-जल्दी बिना तैयारी के टेस्ट न करें। अगर नेगेटिव भी आए और पीरियड नहीं आए, तो पुन: जाँच करें और जरूरी हो तो डॉक्टर को दिखाएँ। सही समय, सही तरीका और विश्वसनीय किट से जांच करने पर आप सटीक परिणाम पा सकती हैं। आपके साथ हो रही प्रत्येक परिवर्तन पर ध्यान दें और आवश्यकता पड़ने पर जल्द चिकित्सकीय सलाह अवश्य लें।

 

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