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Thyroid Symptoms in Hindi – जानें कारण, लक्षण और इलाज

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Thyroid Symptoms in Hindi – जानें कारण, लक्षण और इलाज

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Medically Reviewed By
Dr. Ragiinii Sharma

Written By Srujana Mohanty
on Dec 22, 2022

Last Edit Made By Srujana Mohanty
on Apr 27, 2026

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आज के समय में थायराइड की बीमारी भारत में तेज़ी से बढ़ रही है। अनुमान है कि देश में 4 करोड़ से अधिक लोग किसी न किसी थायराइड विकार से पीड़ित हैं, और इनमें से बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है जिन्हें यह पता ही नहीं कि वे इस बीमारी से ग्रस्त हैं।

थकान, वजन बढ़ना, बाल झड़ना, मूड स्विंग, ये सभी लक्षण अक्सर तनाव या उम्र का असर मानकर नज़रअंदाज़ कर दिए जाते हैं। लेकिन असल में ये थायराइड की गड़बड़ी के शुरुआती संकेत हो सकते हैं।

इस लेख में हम आपको थायराइड से जुड़ी हर ज़रूरी जानकारी देंगे, थायराइड क्या है (thyroid in hindi), इसके प्रकार, लक्षण, कारण, जांच, इलाज, खानपान और घरेलू उपाय, ताकि आप समय रहते सही कदम उठा सकें।

थायराइड क्या है? (What is Thyroid in Hindi)

थायराइड गर्दन के सामने की तरफ स्थित एक तितली के आकार की अंतःस्रावी ग्रंथि है। यह छोटी सी ग्रंथि हमारे शरीर के कई महत्वपूर्ण कार्यों को नियंत्रित करती है, मेटाबॉलिज्म से लेकर हृदय की धड़कन और मानसिक स्वास्थ्य तक।

थायराइड ग्रंथि तीन मुख्य हार्मोन बनाती है:

  • T3 (Triiodothyronine): शरीर की कोशिकाओं तक ऊर्जा पहुंचाता है।
  • T4 (Thyroxine): मेटाबॉलिज्म, हृदय गति, तापमान और पाचन को नियंत्रित करता है।
  • TSH (Thyroid Stimulating Hormone): मस्तिष्क की पिट्यूटरी ग्रंथि से निकलता है और थायराइड को T3 और T4 बनाने का संकेत देता है।

जब इन हार्मोन का संतुलन बिगड़ता है तो थायराइड की समस्या शुरू होती है।

थायराइड इन चीज़ों को नियंत्रित करता है:

  • मेटाबॉलिज्म और ऊर्जा स्तर
  • हृदय की धड़कन और रक्तचाप
  • शरीर का तापमान
  • हड्डियों और मांसपेशियों का स्वास्थ्य
  • मासिक धर्म और प्रजनन क्षमता
  • मानसिक स्वास्थ्य और एकाग्रता

थायराइड के कारण (Causes of Thyroid in Hindi)

थायरॉइड रोग मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं, हाइपोथायरायडिज्म और हाइपरथायरायडिज्म, और ये विभिन्न स्थितियों के कारण हो सकते हैं जो थायरॉइड ग्रंथि के कार्य को प्रभावित करती हैं।

हाइपोथायरायडिज्म पैदा करने वाली स्थितियां:

  • थायराइडाइटिस (Thyroiditis): थायरॉयड ग्रंथि की सूजन, जिससे हार्मोन का उत्पादन कम हो सकता है।
  • हाशिमोटो का थायरॉयडिटिस (Hashimoto's thyroiditis): एक ऑटोइम्यून स्थिति जिसमें शरीर की कोशिकाएं थायरॉयड पर हमला करके उसे नुकसान पहुंचाती हैं।
  • पोस्टपार्टम थायरॉइडाइटिस (Postpartum thyroiditis): बच्चे के जन्म के बाद 5%–9% महिलाओं में होने वाली अस्थायी स्थिति।
  • आयोडीन की कमी (Iodine Deficiency): हार्मोन बनाने के लिए आयोडीन की आवश्यकता होती है, इसकी कमी से थायराइड प्रभावित होता है।
  • गैर-कार्यशील थायरॉयड ग्रंथि (Non-functioning thyroid gland): जन्म से थायरॉयड का सही तरीके से काम न करना, जो समय पर इलाज न होने पर समस्याएं पैदा कर सकता है।

हाइपरथायरायडिज्म पैदा करने वाली स्थितियां:

  • ग्रेव्स रोग (Graves' disease): ऑटोइम्यून स्थिति जिसमें थायरॉयड अत्यधिक हार्मोन बनाता है।
  • थायराइडिसिस (Thyroiditis): सूजन के कारण हार्मोन का अचानक रिलीज होना, जो कुछ हफ्तों या महीनों तक चल सकता है।
  • अत्यधिक आयोडीन (Excessive iodine): अधिक आयोडीन से थायराइड आवश्यकता से अधिक हार्मोन बनाता है, जिससे हाइपरथायरायडिज्म हो सकता है।

Also Read: Simple Lifestyle Changes To Manage Your Thyroid

हाइपोथायरायडिज्म vs हाइपरथायरायडिज्म

पहलूहाइपोथायरायडिज्म (Hypothyroidism)हाइपरथायरायडिज्म (Hyperthyroidism)
हार्मोन स्तरबहुत कम (थायरॉयड हार्मोन की कमी)बहुत अधिक (थायरॉयड हार्मोन की अधिकता)
वजन में बदलाववजन बढ़ता हैवजन घटता है
हृदय गतिधीमी (ब्रैडीकार्डिया)तेज़ (टैकीकार्डिया)
ऊर्जा स्तरथकान, सुस्ती, कमजोरीबेचैनी, घबराहट, अधिक सक्रियता
तापमान सहनशीलताठंड सहन नहीं होतीगर्मी सहन नहीं होती
मूड/मानसिक स्थितिडिप्रेशन, उदासीचिड़चिड़ापन, एंग्जायटी
पाचनकब्ज़दस्त
मासिक धर्मभारी, लंबे और अनियमितहल्का, कम या बंद
त्वचा/बालसूखी त्वचा, बाल झड़नापतली त्वचा, बाल पतले होना
मुख्य कारणहाशिमोटो रोग, आयोडीन की कमीग्रेव्स रोग, थायरॉयडाइटिस

थायराइड रोग के सामान्य लक्षण क्या हो सकते हैं? (Common Symptoms of Thyroid)

हाइपोथायरायडिज्म के लक्षण कौन-कौन से हैं?

हाइपोथायरायडिज्म के लक्षण धीरे-धीरे विकसित होते हैं और अक्सर सालों तक पहचान में नहीं आते:

  • पर्याप्त नींद के बाद भी लगातार थकान और कमज़ोरी
  • बिना कारण वजन बढ़ना
  • हमेशा ठंड लगना, खासकर हाथ-पैरों में
  • रूखी, बेजान और सूजी हुई त्वचा
  • बालों का अधिक झड़ना और नाखूनों का टूटना
  • याददाश्त कमज़ोर होना और सोचने में कठिनाई
  • डिप्रेशन और उदासी
  • मासिक धर्म में अनियमितता, भारी और लंबे पीरियड्स
  • जोड़ों में दर्द और मांसपेशियों में अकड़न
  • कर्कश या भारी आवाज़
  • कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना
  • चेहरे और आंखों के आसपास सूजन

हाइपरथायरायडिज्म के लक्षण कौन-कौन से हैं?

हाइपरथायरायडिज्म के लक्षण अचानक और तेज़ी से सामने आते हैं:

  • भूख बढ़ने के बावजूद वजन तेज़ी से घटना
  • दिल की धड़कन तेज़ या अनियमित होना
  • घबराहट, बेचैनी और चिड़चिड़ापन
  • नींद न आना
  • अधिक पसीना आना और गर्मी असहनीय लगना
  • हाथों में कंपन
  • मांसपेशियों में कमज़ोरी
  • आंखें उभर आना, विशेषकर ग्रेव्स रोग में
  • बार-बार दस्त होना
  • मासिक धर्म का हल्का होना या बंद हो जाना

थायराइड की जांच कैसे होती है? (Thyroid Test in Hindi)

थायराइड की सही पहचान के लिए डॉक्टर निम्नलिखित जांच करवाते हैं:

टेस्ट

क्यों ज़रूरी है

सामान्य स्तर

TSH Test

सबसे पहली और सबसे महत्वपूर्ण जांच

0.4 – 4.0 mIU/L

T3 Test

Triiodothyronine हार्मोन का स्तर

80 – 200 ng/dL

Free T4 Test

Thyroxine हार्मोन का स्तर

0.8 – 1.8 ng/dL

Anti-TPO Test

हाशिमोटो (ऑटोइम्यून) थायराइड की पहचान

< 35 IU/mL

Thyroid Antibody Test

ग्रेव्स रोग की पहचान

डॉक्टर के अनुसार

Thyroid Ultrasound

ग्रंथि का आकार और गांठ की जांच

FNAC / Biopsy

थायराइड कैंसर की पुष्टि

थायरॉइड विकारों की रोकथाम और सावधानियां

कई मामलों में थायरॉइड विकारों को पूरी तरह से रोका नहीं जा सकता। हालांकि, कुछ सावधानियाँ अपनाकर इनके जोखिम और जटिलताओं को कम किया जा सकता है।

  1. आयोडीन का संतुलित सेवन

    कुछ क्षेत्रों में आयोडीन की कमी के कारण हाइपोथायरायडिज्म हो सकता है। इसलिए आहार में पर्याप्त मात्रा में आयोडीन (जैसे आयोडीन युक्त नमक) लेना ज़रूरी है।

    वहीं, आयोडीन की अत्यधिक मात्रा हाइपरथायरायडिज्म का कारण बन सकती है। इसलिए बहुत अधिक आयोडीन युक्त खाद्य पदार्थ जैसे समुद्री शैवाल, मछली आदि का अत्यधिक सेवन करने से बचना चाहिए।
  2. सोया खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित रखें

    सोया आधारित खाद्य पदार्थ थायरॉइड हार्मोन के उत्पादन को प्रभावित कर सकते हैं, खासकर उन लोगों में जिनके आहार में पहले से आयोडीन की कमी है। इसलिए ऐसे क्षेत्रों में सोया का सेवन सीमित करना उचित है।
  3. दवाओं का सही उपयोग

    यदि आप थायरॉइड की दवाएं ले रहे हैं, तो उन्हें डॉक्टर के निर्देशानुसार ही लें। दवा की अधिक या कम मात्रा दोनों ही हार्मोन संतुलन को बिगाड़ सकती हैं।
  4. धूम्रपान से बचें

    अधिक धूम्रपान थायरॉइड ग्रंथि को प्रभावित करता है और हार्मोन के संतुलन को बिगाड़ सकता है। इसलिए धूम्रपान छोड़ना थायरॉइड स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है।
  5. समय पर जांच और उपचार

    थायरॉइड विकारों को पूरी तरह रोकना कठिन हो सकता है, लेकिन समय पर जांच (जैसे TSH टेस्ट) और सही उपचार से इसकी जटिलताओं को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

थायराइड में क्या खाना चाहिए?

खाद्य पदार्थफायदा
आयोडीन युक्त नमकथायराइड हार्मोन उत्पादन के लिए ज़रूरी
अंडेआयोडीन और सेलेनियम का अच्छा स्रोत
नारियलMCFA से भरपूर, मेटाबॉलिज्म सुधारता है
मछली (Salmon, Tuna)सेलेनियम और ओमेगा-3 से भरपूर
Brazil Nutsसेलेनियम का सबसे अच्छा स्रोत
हरी सब्जियां और फलएंटीऑक्सीडेंट और पोषण
दही और छाछप्रोबायोटिक्स से गट हेल्थ बेहतर होती है

थायरॉइड में किन चीज़ों से बचें / सीमित करें

  1. गोइट्रोजेनिक खाद्य पदार्थ (Goitrogens): कच्ची गोभी, ब्रोकोली, पत्तागोभी जैसी सब्ज़ियां कच्चे रूप में थायरॉइड हार्मोन के उत्पादन को प्रभावित कर सकती हैं। हालांकि, इन्हें पकाकर खाने से यह प्रभाव काफी कम हो जाता है, इसलिए पूरी तरह बंद करने की ज़रूरत नहीं होती।
  2. अत्यधिक सोया उत्पाद: सोया आधारित खाद्य पदार्थ थायरॉइड दवाओं के अवशोषण को कम कर सकते हैं। इसलिए दवा लेने के आसपास सोया का सेवन सीमित रखना चाहिए।
  3. प्रोसेस्ड और जंक फूड: ये खाद्य पदार्थ शरीर में सूजन बढ़ाते हैं और आवश्यक पोषक तत्वों की कमी पैदा कर सकते हैं, जिससे थायरॉइड स्वास्थ्य प्रभावित होता है।
  4. अत्यधिक कैफीन: बहुत ज़्यादा कैफीन थायरॉइड दवाओं के अवशोषण में बाधा डाल सकता है और लक्षणों (जैसे घबराहट) को बढ़ा सकता है।
  5. शराब (Alcohol): शराब थायरॉइड ग्रंथि के कार्य को प्रभावित कर सकती है और दवाओं की प्रभावशीलता को भी कम कर सकती है।
  6. ग्लूटेन (विशेषकर हाशिमोटो रोग में): कुछ शोध बताते हैं कि हाशिमोटो रोग के मरीजों में ग्लूटेन कम करने से लक्षणों में सुधार हो सकता है, हालांकि यह सभी पर लागू नहीं होता।

थायराइड का इलाज क्या है? (Treatment of Thyroid)

यदि आप थायराइड से परेशान है, तो उपचार के विकल्पों में शामिल हो सकते हैं:

  • एंटी-थायराइड दवाएं (मेथिमाज़ोल और प्रोपाइलथियोरासिल): ये ऐसी दवाएं हैं जो आपके थायरॉयड को हार्मोन बनाने से रोकती हैं।

  • रेडियोधर्मी आयोडीन (Radioactive iodine): यह उपचार आपके थायरॉयड की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाता है, जिससे थायराइड हार्मोन के उच्च स्तर को बनाने से रोका जा सकता है।

  • बीटा ब्लॉकर्स (Beta blockers): ये दवाएं आपके शरीर में हार्मोन की मात्रा में बदलाव नहीं करती हैं, लेकिन ये आपके लक्षणों को प्रबंधित करने में मदद करती हैं।

  • सर्जरी (Surgery): उपचार का एक अधिक स्थायी रूप, आपका डॉक्टर आपके थायरॉयड (थायरॉइडेक्टोमी) को शल्यचिकित्सा से हटा सकता है। यह इसे हार्मोन बनाने से रोकेगा। हालांकि, आपको अपने शेष जीवन के लिए थायरॉयड प्रतिस्थापन हार्मोन लेने की आवश्यकता होगी।

यदि आप थायराइड हार्मोन (हाइपोथायरायडिज्म) के निम्न स्तर से परेशान है, तो मुख्य उपचार विकल्प है:

थायराइड प्रतिस्थापन दवा (Thyroid replacement medication): यह दवा आपके शरीर में थायराइड हार्मोन वापस जोड़ने का सिंथेटिक (मानव निर्मित) तरीका है। आमतौर पर इस्तेमाल होने वाली एक दवा को लेवोथायरोक्सिन (levothyroxine) कहा जाता है। एक दवा का उपयोग करके, आप थायराइड रोग का प्रबंधन कर सकते हैं और सामान्य जीवन जी सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. क्या थायराइड रोग ठीक हो सकता है?

हाँ, अधिकांश थायरॉइड रोगों का इलाज संभव है और इन्हें दवा से नियंत्रित किया जा सकता है, लेकिन कई मामलों में लंबे समय तक दवा लेनी पड़ती है।

2. थायराइड रोग का मुख्य कारण क्या है?

थायरॉइड रोग के प्रमुख कारणों में आयोडीन की कमी, ऑटोइम्यून रोग (जैसे ग्रेव्स रोग और हाशिमोटो रोग), थायरॉइड में सूजन, गांठ (नोड्यूल), कैंसर, कुछ दवाएं या रेडिएशन थेरेपी, तथा आनुवंशिक कारण शामिल हैं।

3. क्या थायराइड की बीमारी गंभीर है?

थायरॉइड रोग हल्के (जैसे गण्डमाला) से लेकर गंभीर (जैसे थायराइड कैंसर) तक हो सकते हैं।
सबसे आम समस्याएं हार्मोन के असंतुलन (हाइपोथायरायडिज्म और हाइपरथायरायडिज्म) से जुड़ी होती हैं, जो अगर समय पर इलाज न हो तो गंभीर हो सकती हैं, लेकिन सही उपचार से इन्हें नियंत्रित किया जा सकता है।

निष्कर्ष (Conclusion)

थायराइड एक आम लेकिन गंभीर स्वास्थ्य समस्या है जो सही समय पर पहचान और उचित इलाज से पूरी तरह नियंत्रित की जा सकती है। थकान, वजन में बदलाव, बाल झड़ना या मूड स्विंग जैसे लक्षणों को नज़रअंदाज़ न करें, ये थायराइड की चेतावनी हो सकते हैं।

सही खानपान, नियमित व्यायाम, तनाव प्रबंधन और समय पर जांच से थायराइड के साथ एक स्वस्थ और सामान्य जीवन जीना पूरी तरह संभव है।

अगर आपको थायराइड के कोई भी लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो देर न करें। Redcliffe Labs में घर बैठे Thyroid Profile Test (TSH + T3 + T4) बुक करें। हमारे trained phlebotomists आपके दरवाजे पर आएंगे और रिपोर्ट 24 घंटे में मिलेगी।

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4 Comments

  • Deepak Kumar

    Jun 14, 2024 at 3:22 AM.

    Jankari bahut achhi lagi main kafi kuch jan paya thyroid ke bare men

    • MyHealth Team

      Jun 14, 2024 at 12:24 PM.

      That is excellent

  • Yaman

    Mar 30, 2024 at 6:43 PM.

    I'm facing sexual issue like ED after i find i'm diagonised with hypothyroidism as my Tsh level are very high....so does thyroid lead to sexual issue ED or not ?

    • Myhealth Team

      Apr 1, 2024 at 10:29 AM.

      Hi Yaman, Yes, hypothyroidism, especially when untreated, can contribute to sexual issues like erectile dysfunction (ED). Thank you

  • NARAYAN SHARMA

    Aug 27, 2023 at 7:42 AM.

    My wife is experiencing same symptoms as metioned in your composition. Thaks a lot for alerting us.

    • Myhealth Team

      Apr 1, 2024 at 10:32 AM.

      Hi Narayan, We are glad you have found the answers to your questions. Thankyou

    • Myhealth Team

      Aug 29, 2023 at 7:24 AM.

      It's our Pleasure Mr Narayan

  • Health Divin

    Aug 3, 2023 at 12:01 PM.

    thyroid ke bare me bahut hi vistaar se btaya gya hai. bahut achcaha lekh hai.

    • Myhealth Team

      Apr 1, 2024 at 10:30 AM.

      Hi Divin, Glad you have liked the information. Thankyou

    • Myhealth Team

      Aug 17, 2023 at 9:58 AM.

      Thank you, It means a lot.

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