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Heart Blockage Symptoms in Hindi - हृदय ब्लॉकेज के लक्षण: कैसे पहचानें और सावधानियां

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Medically Reviewed By
Dr Divya Rohra

Written By Kirti Saxena
on Feb 3, 2024

Last Edit Made By Kirti Saxena
on Mar 18, 2024

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हमारे शारीरिक स्वास्थ्य का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा हृदय है, और इसके सही कार्य के लिए शुद्ध खून सर्कुलेशन अत्यंत आवश्यक है। हृदय ब्लॉकेज एक स्थिति है जिसमें शिराओं में रक्त प्रवाह में रुकाव हो जाता है, जिससे हृदय को पर्याप्त ऑक्सीजन पहुंचने में कठिनाई होती है। इस स्थिति के लक्षणों को पहचानना महत्वपूर्ण है ताकि समय रहते उपचार की जा सके। इस ब्लॉग पोस्ट में, हम हृदय ब्लॉकेज के लक्षणों पर चर्चा करेंगे और इससे बचाव के उपायों पर भी विचार करेंगे।

हार्ट ब्लॉकेज क्या है? (What is Heart Blockage?)

हार्ट ब्लॉकेज एक मेडिकल शब्द है जिसका अर्थ होता है कि हार्ट में रक्त प्रवाह को बाधित करने वाली वस्तुओं की वजह से धमनी या नसों में ब्लॉकेज हो गई है। इसका परिणाम होता है कि रक्त प्रवाह कम हो जाता है और रक्त का सही मात्रा में हार्ट के तमाम हिस्सों तक पहुंचने में दिक्कत होती है।

हार्ट ब्लॉकेज के प्रकार – Types Of Heart Blockage 

हार्ट ब्लॉक, जिसे अन्य शब्दों में आवृत्ति संबंधित गतिविधियों में रुकावट के रूप में भी जाना जाता है, कई प्रकार के हो सकते हैं। इन्हें निम्नलिखित प्रकारों में विभाजित किया जा सकता है:

पूर्ण आवृत्ति संबंधित ब्लॉक (Complete Heart Block): इस प्रकार के हार्ट ब्लॉक में, हार्ट के ऊपरी और निचले भागों के बीच की संबंधित गतिविधियों में पूरी रुकावट होती है। इससे हृदय की ऊपरी और निचली कमरों के बीच का संबंध टूट जाता है और दिल की प्रमुख गतिविधियों को संचारित करने में रुकावट होती है।

पूर्ण आवृत्ति संबंधित ब्लॉक (Second-Degree Heart Block): इस प्रकार के हार्ट ब्लॉक में, कुछ संबंधित गतिविधियाँ संचारित होती हैं लेकिन यह संबंधित गतिविधियों में रुकावट की स्थिति का उत्तराधिकारी हो सकता है। इसे मुख्यत: पहले और दूसरे डिग्री के हार्ट ब्लॉक में विभाजित किया जा सकता है।

तीसरे डिग्री का हार्ट ब्लॉक (Third-Degree Heart Block): इस प्रकार के हार्ट ब्लॉक में, हृदय के ऊपरी और निचले भागों के बीच का संबंध पूरी तरह से कट जाता है। इससे दिल की संबंधित गतिविधियों में पूर्ण रुकावट होती है, जिससे दिल की प्रमुख गतिविधियों का नियमित संचार होना संभाव नहीं है।

हार्ट ब्लॉक के प्रकार का निर्धारण शिक्षित चिकित्सक द्वारा किया जाता है और उपचार की आवश्यकता उनके विश्लेषण के आधार पर होती है। उपयुक्त चिकित्सा देखभाल के बिना, हार्ट ब्लॉक गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है, इसलिए सभी लक्षणों और समस्याओं को ध्यानपूर्वक चिकित्सक से साझा करना महत्वपूर्ण है।

हार्ट ब्लॉकेज के लक्षण – Symptoms of Heart Blockage 

हार्ट ब्लॉकेज के निम्नलिखित लक्षण होते है जैसे की – 

  1. छाती में दर्द: हृदय ब्लॉकेज का सबसे सामान्य लक्षण छाती में दर्द होता है। यह दर्द हाथों, कंधों, और नक्सल में भी महसूस हो सकता है।

2. सांस लेने में कठिनाई: ब्लॉकेज के कारण, हृदय को पर्याप्त ऑक्सीजन पहुंचाने में कठिनाई होती है, जिससे सांस लेने में परेशानी हो सकती है।

3. थकान: यदि आप छोटी-मोटी क्रियाओं के बाद भी अत्यधिक थकान महसूस कर रहे हैं, तो इसे गंभीरता से लेकर लेना चाहिए।

4. उल्टी और तीव्र बारीकी से सांस लेना: हृदय ब्लॉकेज के कारण शरीर के कुछ हिस्सों को सही ढंग से ऑक्सीजन पहुंचाने में समस्या हो सकती है, जिससे उल्टी और तीव्र बारीकी से सांस लेने की समस्या हो सकती है।

5. चक्कर आना: हृदय समस्याएं अचानक चक्कर आने का कारण बन सकती है, जिसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

नियमित धड़कन में बदलाव: हृदय ब्लॉकेज के कारण हृदय की धड़कन में अनियमितता हो सकती है, जिसे महसूस करना महत्वपूर्ण है।

हृदय ब्लॉकेज एक सामान्य तौर से शिरोरक्तसंचार में रुकावट उत्पन्न करने वाली स्थिति है जो हृदय के आस-पास के धमनियों को प्रभावित करती है। यह एक सीधा कारण हो सकता है या अन्य बीमारियों के एक समूह का परिणाम भी हो सकता है।

हृदय ब्लॉकेज के कारण – Causes Of Heart Blockage

हृदय ब्लॉकेज के कई कारण हो सकते है जैसे की –

हृदय ब्लॉकेज के कआधारभूत अवस्थाएं (Risk Factors): बढ़ती आयु, अधिक रक्तचाप, उच्च खराब चोलेस्ट्रॉल, मधुमेह, धूम्रपान, मोटापा, और घरेलू जीवनशैली की बुरी आदतें जैसे कारक हृदय बीमारियों की भूमिका में हो सकते हैं।

एथेरोस्क्लेरोसिस (Atherosclerosis): यह हृदय की धमनियों की दीवारों पर धवनियां जमने और उसमें चर्बी, कैल्शियम, और अन्य सब्स्टेंसेस का जमाव है, जिससे धमनियों में ब्लॉकेज हो सकती है।

थ्रोम्बोसिस (Thrombosis): कभी-कभी, धमनियों में खोने का जमाव हो सकता है जिससे थ्रॉम्बस (खून का थक्का) बन सकता है, जो धमनियों को बंद कर सकता है और ब्लड सप्लाई को रोक सकता है।

इन्फ्लैमेशन (Inflammation): शरीर में अंतरिक्षदार पदार्थों के कारण हृदय में इन्फ्लेमेशन उत्पन्न हो सकता है, जो धमनियों की बढ़ती ब्लॉकेज की समस्या उत्पन्न कर सकता है।

आनुवंशिक प्रवृतियां (Genetic Predisposition): कुछ लोगों को आनुवांछिक रूप से बढ़ते हृदय बीमारियों का जोखिम होता है, यानी उनके परिवार में हृदय संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।

हृदय ब्लॉकेज के कारण होने पर व्यक्ति को अक्सर दिल का दौरा (heart attack) हो सकता है, जो जीवन-threatening हो सकता है। इसलिए, समय रहते इसे पहचानना और उपचार करना महत्वपूर्ण है। व्यक्ति को अच्छे आहार, नियमित व्यायाम, और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की सिफारिश की जाती है ताकि ऐसी समस्याओं का जोखिम कम हो सके।

हार्ट ब्लॉकेज का निदान – Heart Blockage Daignosis 

हार्ट ब्लॉकेज का निदान एक चिकित्सक द्वारा किया जाता है और इसके लिए कई प्रकार के चिकित्सा तथा डायग्नॉस्टिक टूल्स  (diagnostic tools) का इस्तेमाल होता है जैसे की – 

इलेक्ट्रोकार्डियोग्राफी (ECG): यह एक मुख्य टूल  है जिसका उपयोग हृदय की गतिविधियों को रिकॉर्ड करने के लिए किया जाता है। ECG रिपोर्ट में हार्ट ब्लॉकेज की संकेत मिल सकते हैं।

हॉल्टर मॉनिटरिंग: इसमें रोज़मारा की जिंदगी में चिकित्सक द्वारा प्रदान किए जाने वाले विशेष इलेक्ट्रोकार्डियोग्राफी रिकॉर्डिंग होती है, जिससे हृदय की गतिविधियों का निरीक्षण किया जा सकता है।

तीन-डी ईसीजी (3D-ECG) और आंगुलर स्पीड (Angular Spee): यह नई तकनीकें हैं जो अधिक विस्तृत तरीके से हृदय की संरचना और गतिविधियों का निरीक्षण कर सकती हैं।

ब्लड टेस्ट्स: रक्त परीक्षण भी हृदय समस्याओं का पता लगाने में मदद कर सकता है, जैसे कि कोलेस्‍ट्रॉल और ट्राईग्लिसराइड्स की मात्रा का मूल्यांकन करना।

रैडियोलॉजिक तकनीकें: कई बार आंगियोग्राफी और मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग (MRI) का इस्तेमाल हृदय की संरचना को देखने के लिए किया जाता है।

स्ट्रेस टेस्टिंग: जब दिल की संवेग से संबंधित समस्याएं संदेहित होती हैं, तो स्ट्रेस टेस्ट या डॉपामाइन टेस्ट किया जा सकता है।

ईसोटोप स्कैनिंग: इसका उपयोग हृदय में रक्तसंचार की बाधा की स्थिति की जांच के लिए किया जा सकता है।

हार्ट ब्लॉकेज का निदान कई प्रक्रियाओं और तंतुओं का संयोजन होता है, और इसे सही ढंग से जांचने के बाद चिकित्सक उचित इलाज की सिफारिश करेंगे।

हार्ट ब्लॉकेज का उपचार – Treatment of Heart Blockage

हार्ट ब्लॉकेज का उपचार व्यक्ति के स्वास्थ्य स्थिति और लक्षणों के आधार पर निर्धारित किया जाता है। यह उपचार चिकित्सा पेशेवर सलाहकार द्वारा ही किया जा सकता है, इसलिए यदि आपको ऐसे समस्याएं हैं, तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। यहां कुछ सामान्य हार्ट ब्लॉकेज के उपचार के प्रमुख तरीके हैं:

दवाएं –

  • ब्लड थिनर्स (एंटीकोगुलेंट्स) और एंटीप्लेटलेट दवाएं: इन दवाओं का उपयोग खून को पतला करने और रक्तदाब को कम करने के लिए किया जाता है।
  • बीटा-ब्लॉकर्स: इन दवाओं का उपयोग हृदय की दर को कम करने और उच्च रक्तदाब को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है।

कार्डिएक प्रोसीजर्स (Cardiac Procedures)

  • एंजियोप्लास्टी और स्टेंटिंग: इस प्रक्रिया में ब्लड वेसल्स को खोलने के लिए एंजियोप्लास्टी किया जाता है और कभी-कभी स्टेंट्स लगाए जाते हैं ताकि वे स्थिर रहें।
  • कार्डिएक बाईपास सर्जरी: इस प्रक्रिया में रक्त संचार को सुधारने के लिए नए रक्त संचार पथों को बनाने के लिए चिरायुक्ती की जाती है।

लाइफस्टाइल चेंज्ज:

  • आहार और व्यायाम: स्वस्थ आहार और नियमित व्यायाम से हार्ट स्वस्थ रह सकता है।
  • धूम्रपान और शराब का परिहार: यह आपके हृदय स्वास्थ्य को सुधारने में मदद कर सकता है।

डायलिसिस और हृदय ट्रांसप्लांट

  • अगर हार्ट ब्लॉकेज के कारण किसी क्षेत्र की कमी हो रही है, तो कभी-कभी डायलिसिस या हृदय ट्रांसप्लांट की आवश्यकता हो सकती है।

नियमित मेडिकल चेकअप:

  • नियमित चेकअप से हार्ट स्वास्थ्य की निगरानी रखी जा सकती है और समस्याओं को पहले ही पहचाना जा सकता है।

हर व्यक्ति की स्थिति अद्यतित चिकित्सकीय परीक्षण के आधार पर भिन्न हो सकती है, इसलिए चिकित्सक से संपर्क करके उचित उपचार प्राप्त करना महत्वपूर्ण है।

हार्ट ब्लॉकेज से बचने के लिए सावधानियां – Precautions to Avoid Heart Blockage

स्वस्थ आहार:

संतुलित आहार खाना हृदय स्वास्थ्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। ताजगी से भरपूर फल और सब्जियां खाएं और तेल और मिठा कम करें।

नियमित व्यायाम:

नियमित रूप से व्यायाम करना हृदय को स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है। योग, तैराकी, और साइकिलिंग जैसे व्यायाम विकल्पों को अपनाएं।

नियमित चेकअप:

वर्षभर में नियमित चेकअप कराना हृदय स्वास्थ्य की नजर रखने में मदद कर सकता है।

तंबाकू और शराब से बचें:

तंबाकू और शराब का सेवन हृदय स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है, इसलिए इनसे बचना चाहिए।

स्ट्रेस प्रबंधन:

स्ट्रेस को नियंत्रित करने के लिए योग और मेडिटेशन जैसी तकनीकें अपनाएं।

आशा है कि ये जानकारी आपको हृदय ब्लॉकेज के लक्षणों को समझने में मदद करेगी और आप सही समय पर उपचार करवाएंगे। हमेशा याद रखें कि स्वस्थ जीवनशैली और नियमित चेकअप से हृदय स्वास्थ्य को सुरक्षित रखना संभव है।

FAQS 

1. हार्ट में ब्लॉकेज की समस्या उत्पन होने के कारण क्या है ?

एक मुख्य कारण धमनीयों में आवृत्ति हो सकती है, जिससे हृदय को आवश्यक आधिकृत रक्त पहुंचने में कठिनाई होती है.

अतिरिक्त चर्बी (कोलेस्टेरॉल) का जमाव धमनीयों में हो सकता है, जिससे नार्मल रक्त परिसंचरण में रुकावट आ सकती है.

2. हार्ट में ब्लॉकेज के लक्षण क्या है ?

  • छाती में दर्द या दबाव
  • सांस लेने में कठिनाई
  • बेहोशी की अवस्था
  • थकान और कमजोरी
  • उल्टी, सीने में बेकाबू लगना

3. क्या हार्ट ब्लॉकेज वंशानुगत है?

हां, कुछ मामलों में हार्ट ब्लॉकेज वंशानुगत हो सकती है.

4. मुझे कितनी बार हृदय स्वास्थ्य जांच करानी चाहिए?

यह व्यक्ति की स्थिति पर निर्भर करता है, लेकिन सामान्यत: साल में एक बार हृदय स्वास्थ्य जांच करवाना उचित है 

5. क्या रक्त परीक्षण के माध्यम से हृदय की रुकावट का पता लगाया जा सकता है?

हां, रक्त परीक्षण से कुछ हृदय समस्याओं का पता लगाया जा सकता है, जैसे कि कोलेस्टेरॉल स्तर और ब्लड प्रेशर.

6. धूम्रपान और हृदय रोग के बीच क्या संबंध है?

धूम्रपान से हृदय रोग का जोखिम बढ़ता है, क्योंकि तंतु, निकोटीन, और अन्य धूम्रपान संबंधित तत्व हृदय स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं.

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1 Comments

  • Dashrath Singh thapa

    Mar 29, 2024 at 1:32 AM.

    Good information thank you

    • MyHealth Team

      Apr 11, 2024 at 6:03 AM.

      Hi Dashrath, We are glad you found the information helpful! If you have any more questions or need further assistance, feel free to ask.

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