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RFT Test in Hindi: अर्थ, प्रक्रिया, परिणाम व सामान्य रेंज

Health

RFT Test in Hindi: अर्थ, प्रक्रिया, परिणाम व सामान्य रेंज

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Medically Reviewed ByDr Sohini Sengupta
Written By
Komal Daryani
Last Edited ByKomal DaryaniApr 20, 2026
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'आरएफटी टेस्ट' टेस्ट आपकी किडनी के काम करने की क्षमता को मापने का एक अच्छा तरीका है। ये किडनी के ब्लड में से खराब चीजों को निकालकर मूत्र यानी कि यूरिन को प्रोड्यूस करता है। इस टेस्ट के मदद से डायबिटीज के प्रभाव को भी जांचा जा सकता है, जो आपकी किडनी पर किस तरह का प्रभाव डालता सकता है। 

'आरएफटी टेस्ट' क्या होता है?

रीनल फंक्शन टेस्ट, जिसे आरएफटी टेस्ट भी कहा जाता है, आपकी किडनी सिस्टम के फंक्शन्स की जांच करने के लिए एक टेस्ट होता है। किडनी शरीर के पेट के पीछे स्थित अंग होती हैं जो अंडकोश की आकार में होती हैं। ये खून से कचरे को छानने और यूरिन में उन्हें निकालने का काम करती हैं। रीनल फंक्शन टेस्ट हमें ये देखने में मदद करता है कि हमारी किडनी कैसे काम कर रही है। 

ये टेस्ट किडनी से संबंधित कई समस्याओं जैसे ग्लोमेरुलोनेफ्राइटिस (Glomerulonephritis), रीनल आर्टरी स्टेनोसिस (renal artery stenosis) और नेफ्रोटिक सिंड्रोम (Nephrotic syndrome.) की मौजूदगी की पहचान करने में मदद कर सकता है। ये टेस्ट आमतौर पर उन लोगों पर किया जाता है जिन्हें हाई ब्लड प्रेशर, शुगर, किडनी रोग या एनीमिया (Anemia) है। 

साथ ही, ये परीक्षण ये भी पता लगाने करने में मददगार होता है कि कोई दवा किडनी पर कितना प्रभाव डाल रही है। ये कई किडनी रोगों, जैसे कि क्रोनिक किडनी रोग (Chronic Kidney Disease), की इलाज में मदद के लिए भी उपयोगी है।

किडनी में होने वाली समस्याओं के सबसे आम लक्षण :-

लिए जान लेते हैं किडनी में होने वाली परेशानियों के कुछ सबसे आम लक्षण है 

  • थकान/ऊर्जा की कमी
  • कंसंट्रेशन की कमी
  • अच्छी नींद ना होना 
  • खुजली और सूखी त्वचा
  • बार-बार पेशाब आना
  • यूरिन में ब्लड 
  • आँखों के आसपास लगातार सूजन
  • पैरों और टखनों में सूजन
  • भूख की कमी
  • मांसपेशियों में जकड़न

किडनी फंक्शन्स के लिए स्पेशल टेस्टिंग

अलग अलग लैब के अनुसार किडनी फंक्शन्स के पैनल में अलग अलग टेस्ट शामिल हो सकते हैं, लेकिन आमतौर पर ये कुछ टेस्ट किए जाते हैं:

  • सीरम क्रिएटिनिन – क्रिएटिनिन एक वेस्ट प्रोडक्ट है जो शरीर में मांसपेशियों की नॉर्मल एक्टिविटी की वजह से बनता है। एक बढ़ी हुई क्रिएटिनिन लेवल का मतलब यह हो सकता है कि किडनी अच्छे से काम नहीं कर रहे हैं।
  • खून यूरिया नाइट्रोजन – ये खून में यूरिया की मात्रा को मापता है। यूरिया शरीर में प्रोटीन के टूटने के वजह से बनता है। इसे यूरिया नाइट्रोजन भी कहा जाता है, जो किडनी से निकाले गए एक कचरा है। यह किडनी के बहुत ज्यादा डैमेज होने के का संकेत देता है।
  • सीरम एल्बुमिन – एल्बुमिन एक प्रकार का प्रोटीन है जो लिवर में पैदा होता है। हेल्दी किडनी यूरिन में एल्बुमिन को निकलने नहीं होने देते हैं। यूरिन में कम एल्बुमिन का मतलब है कि किडनी अच्छी तरह से काम कर रहे हैं।
  • कैल्शियम – हड्डियों, दांतों, मांसपेशियों, दिल और नसों के लिए कैल्शियम इंपॉर्टेंट मिनरल है। कम या ज्यादा दोनों ही लेवल कंडीशन को बताते हैं जिन पर ध्यान देने की आवश्यकता होती है। ये हार्ट, नर्वस और मसल्स को प्रॉपर फंक्शनिंग में मदद करता है। 
  • सोडियम – एक इलेक्ट्रोलाइट जो शरीर में पानी संतुलन बनाए रखता है। कम सोडियम का लेवल एक वाटर डिफिशिएंसी को इंगित करता है और किडनी से रिलेटेड बीमारी का सुझाव देता है।
  • पोटेशियम- सोडियम की तरह ये भी एक इलेक्ट्रोलाइट है जो शरीर में हेल्दी वाटर बैलेंस और एसिड-बेस बैलेंस बनाए रखता है। 
  • क्लोराइड – ये इलेक्ट्रोलाइट शरीर में पानी के बैलेंस को बनाए रखने के लिए दूसरे इलेक्ट्रोलाइट्स के साथ कॉम्बिनेशन में काम करता है।
  • फास्फोरस – ये मिनरल हड्डियों, दांतों और मांसपेशियों में मौजूद होता है। फास्फोरस किडनी से निकलता है। फास्फोरस का लेवल ज्यादा होने से किडनी की बीमारी के कारण हो सकता है।

RFT (रीनल फंक्शन टेस्ट) की सामान्य रेंज है:-

RFT टेस्ट

पुरुषों में

महिलाओं में

क्रिएटिनिन

0.6 से 1.2 मिलीग्राम/डेसीलीटर (mg/dL)

0.5 से 1.1 मिलीग्राम/डेसीलीटर (mg/dL)

ब्लड यूरिया नाइट्रोजन (BUN)

8 से 20 मिलीग्राम/डेसीलीटर (mg/dL)

8 से 20 मिलीग्राम/डेसीलीटर (mg/dL)

सेरम क्रिएटिनिन क्लियरेंस (Ccr)

97 से 137 मिलीलीटर/मिनट

88 से 128 मिलीलीटर/मिनट

आरएफटी को मेंटेन कैसे करें

रीनल फंक्शन को बनाए रखने और किडनी के स्वास्थ्य को अच्छा रखना सबसे जरूरी है। 

ये कुछ टिप्स आपको रीनल फंक्शन को बनाए रखने में मदद कर सकती हैं:

  • पर्याप्त पानी पिएं : दिन भर में ज्यादा से ज्यादा मात्रा में पानी पिएं ताकि अपनी किडनी से टॉक्सिन्स चीज़ो को बाहर निकालने में मदद मिले। हर दिन कम से कम 8 गिलास पानी पिएं, या अधिक अगर आप शारीरिक रूप से एक्टिव हैं या हॉट क्लाइमेट में रहते हैं।
  • संतुलित आहार लें : फल, सब्जी, पूरे अनाज, पौष्टिक प्रोटीन, और स्वस्थ तेलों से भरपूर आहार लें। प्रोसेस्ड खाद्य, सेंधा नमक, और अधिक चीनी की खपत को कम करें। ज्यादा नमक से बचें, क्योंकि ये ब्लड प्रेशर बढ़ा सकता है और किडनी पर दबाव डाल सकता है।
  • रक्तचाप का ध्यान रखें : उच्च रक्तचाप किडनी में खून की नसों को डैमेज कर सकता है और किडनी रोग का कारण बन सकता है। 
  • रक्त चीनी का नियंत्रण करें : मधुमेह किडनी रोग का मेन कारण है। अगर आपको डायबिटीज है, तो अपने ब्लड में चीनी लेवल को दवाओं, आहार, व्यायाम, और नियमित निगरानी के माध्यम से ठीक करें।
  • स्वस्थ वजन बनाए रखें : अधिक वजन या मोटापा किडनी समस्याओं का कारण बन सकता है। स्वस्थ आहार और नियमित व्यायाम के माध्यम से स्वस्थ वजन बनाए रखने की कोशिश करें।

ये थी कुछ जरूरी बातें आरएफटी टेस्ट से जुड़ी, जो आपको मदद करेगी अपनी किडनी को सही रखने में। इस टेस्ट की मदद से आप अपने शरीर में होने वाली कई परेशानियों का पता लगा सकते हैं जैसे की किडनी से जुड़े रोग, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर आदि। साथ ही आप सही डाइट और दिए गए आरएफटी मेंटेन करने के तरीकों को फॉलो करेंगे तो आप अपने शरीर को स्वस्थ रख सकते हैं और किडनी से जुड़ी बीमारियों से भी बच सकते हैं।

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