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LDL Cholesterol in Hindi: हाई एलडीएल कोलेस्ट्रॉल के लक्षण, कारण, उपाय

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LDL Cholesterol in Hindi: समझें, नियंत्रित करें, स्वस्थ रहें

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Medically Reviewed By
Dr. Ragiinii Sharma

Written By Komal Daryani
on Feb 3, 2024

Last Edit Made By Komal Daryani
on Mar 18, 2024

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LDL Cholesterol in Hindi
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एलडीएल कोलेस्ट्रॉल को अक्सर ‘बुरा कोलेस्ट्रॉल’ कहा जाता है, क्योंकि इसकी अधिक मात्रा आपकी ब्लड वेसल्स को बंद कर सकती है, जिससे आगे बढ़कर हृदय रोग और स्ट्रोक जैसी हेल्थ प्रॉब्लम हो सकती हैं। ब्लड में कुछ एलडीएल कोलेस्ट्रॉल की जरुरत होती है, लेकिन जब इसकी मात्रा अधिक होती है, तो यह गंभीर समस्या का कारण बन सकता है।

एलडीएल कणों में बड़ी मात्रा में कोलेस्ट्रॉल और कम मात्रा में प्रोटीन होता है।  एलडीएल कोलेस्ट्रॉल क्या है और यह आपके लिए किस तरह से चिंताजनक हो सकती है, इसके बारे में आगे जानेंगे विस्तार से जानेंगे।

कोलेस्ट्रॉल क्या है?

कोलेस्ट्रॉल को बनाने का काम लीवर करता है|  कोलेस्ट्रॉल एक तरह की चिपचिपा पदार्थ है जो शरीर के सभी सेल्स में पाया जाता है। यह नर्व्स को सुरक्षा देता है। लेकिन जब इसकी मात्रा बहुत ज्यादा हो जाती है, तो यह नसों की दीवारों पर जमने लगता है। जिससे ब्लड फ्लो का रास्ता पतला हो जाता है। कोलेस्ट्रॉल एक तरह का फैट होता है। यह आपके शरीर को सेल मेम्बरेन, सेक्स हार्मोन समेत कई हार्मोन्स और विटामिन डी बनाने में मदद करता है।

एलडीएल को खराब कोलेस्ट्रॉल क्यों कहा जाता है?

एलडीएल कोलेस्ट्रॉल को बैड कोलेस्ट्रॉल के रूप में जाना जाता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि एक्सट्रा एलडीएल कोलेस्ट्रॉल आपकी धमनियों में प्लाक बनाने (एथेरोस्क्लेरोसिस) का काम करता है। प्लाक बनने के कारण ये समस्याएं हो सकती हैं:

  • कोरोनरी आर्टरी डिजीज।
  • सेरेब्रोवास्कुलर डिजीज।
  • पेरिफेरल आर्टरी डिजीज।
  • एओर्टिक एन्यूरिज्म (धमनी का बढ़ जाना)।

एलडीएल कोलेस्ट्रॉल की सामान्य सीमा क्या है?

ऐसा कहा जाता है कि ज्यादातर जवान लोगों को अपना एलडीएल कोलेस्ट्रॉल 100 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर से नीचे रखना चाहिए। अगर आपको कभी एथेरोस्क्लेरोसिस की समस्या रही है, तो आपका एलडीएल 70 मिलीग्राम/डीएल से कम होना चाहिए। यहां हम एलडीएल कोलेस्ट्रॉल की सामान्य सीमा के बारे में बता रहे हैं।

एलडीएल कोलेस्ट्रॉल लेवलकैटेगरी 
100 mg/dL से कमनॉर्मल
100-129 mg/dLनॉर्मल से थोड़ा ऊपर
130-159 mg/dLनॉर्मल से थोड़ा ज्यादा
160-189 mg/dLअधिक
190 mg/dL और उससे अधिकबहुत अधिक

जरुरत पड़ने पर डॉक्टर लिपिड पैनल नामक एक साधारण रक्त परीक्षण के माध्यम से आपके कोलेस्ट्रॉल के लेवल की टेस्ट करवाते हैं ।

एलडीएल कोलेस्ट्रॉल हाई होने का कारण

एलडीएल कोलेस्ट्रॉल हाई होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिनमें से कुछ इस तरह के है:

  • आपके द्वारा लिए जाने वाला खाना- फैट वाले मीट, फूल फैट वाले डेयरी प्रोडक्ट, बेकरी और फास्ट फूड जैसे फ़ूड आइटम्स आपके कोलेस्ट्रॉल के लेवल के लिए हानिकारक होता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि इनमें अधिक मात्रा में सैचुरेटेड फैट और कुछ चीजों में ट्रांस फैट होती है। ये दोनों फैट आपके एलडीएल कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाते हैं।
  • शरीर का वजन- अधिक वजन बढ़ने से आपका एलडीएल कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है।
  • दवाइयाँ- अपने ब्लड प्रेशर या एचआईवी को कंट्रोल करने के लिए आप जो कुछ दवाएं लेते हैं, वे आपके एलडीएल लेवल को बढ़ा सकती हैं।
  • मेडिकल इश्यू- अगर आपको ब्लड सुगर, क्रोनिक किडनी रोग है तो आपका एलडीएल कोलेस्ट्रॉल लेवल अधिक हो सकता है।
  • उम्र- जैसे-जैसे किसी की उम्र बढ़ती है, वैसे वैसे कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ने लग सकता है। इसलिए, उम्र के बढ़ने से एलडीएल कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ सकता है।
  • लिंग- लिंग के अनुसार भी एलडीएल कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है। ऐसा माना जाता है। कि महिला में आमतौर पर मेनोपॉज के बाद एलडीएल का लेवलअधिक होता है।
  • वंशानुगत कारण यदि आपके करीबी बायोलॉजिकल फैमिली के सदस्य को हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या है, तो आपको भी इस समस्या के होने का जोखिम अधिक होता है।
  • तंबाकू का उपयोग- सिगरेट पीना या तंबाकू से बनी चीजों का उपयोग करना आपके एचडीएल लेवल को कम कर देता है। आपको अपने ब्लड से अतिरिक्त एलडीएल कोलेस्ट्रॉल छुटकारा पाने के लिए स्वस्थ मात्रा में एचडीएल कोलेस्ट्रॉल की जरुरत है। इस प्रकार, अपने एचडीएल लेवल को कम करके, तंबाकू का इस्तेमाल आपके एलडीएल लेवल को बढ़ा सकता  है।

हाई एलडीएल कोलेस्ट्रॉल के लक्षण

एलडीएल कोलेस्ट्रॉल के बढ़ने पर कुछ लक्षण नजर आ सकते हैं। इन लक्षणों को ध्यान में रख कर हाई एलडीएल कोलेस्ट्रॉल का निदान किया जा सकता है।

  • त्वचा में बदलाव- एलडीएल कोलेस्ट्रॉल के बढ़ने पर त्वचा के रंग कुछ बदलाव नजर आ सकते हैं। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से नसों में ब्लड सर्कुलेशन कम हो जाती है। दराअसल, ब्लड सर्कुलशन कम होने पर ही इस तरह के लक्षण नजर आते हैं। 
  • आंखों पर असर- हाई एलडीएल कोलेस्ट्रॉल का असर आंखों पर भी देखा जा सकता है। इस स्थिति में आंखों में पीले धब्बे दिखाई दे सकता है और आपको धुंधला नजर आ सकता है।
  • ऐंठन होना- कोलेस्ट्रॉल के बढ़ने पर पैर में ऐंठन की समस्या हो सकती है। कई लोगों को पैरों जांघों कूल्हों और पंजों में ऐंठन फील हो सकता है| कुछ लोगों को पैरों में या शरीर के किसी हिस्से में तेज दर्द भी हो रहा है तो आपको इसकी जांच करा लेनी चाहिए।
  • ज्यादा पसीना आना – शरीर में पसीना आना कोई बड़ी बात तो नहीं है पर अगर आपको जरुरत से ज्यादा पसीना आता है तो ये बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल के लक्षण हो सकते हैं| 
  • सीने में दर्द या एनजाइना- एलडीएल कोलेस्ट्रॉल के बढ़ने के कारण एथेरोस्क्लेरोसिस की समस्या होती है, जो हृदय में खून के प्रवाह को कम कर सकता है। इससे सीने में दर्द या बेचैनी हो सकती है, जिसे एनजाइना के रूप में जाना जाता है।
  • पेरिफेरल धमनी रोग- शरीर के अंगों में रक्त का प्रवाह कम होने से दर्द या सुन्नता हो सकती है, खासकर शारीरिक गतिविधि के दौरान।

अगर आपको लगता है कि आपका दिनचर्या सही नहीं है और कोलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ है, तो तुरंत डॉक्टर से चेकअप कराएं। अगर एलडीएल कोलेस्ट्रॉल लेवल 100-129 mg/dL अधिक है, तो कोलेस्ट्रॉल को कम करने के तरीके को अपनाएं। कोलेस्ट्रॉल के बारे में और अधिक जानकारी के लिए Redcliffe की वेबसाइट पर पब्लिश आर्टिकल को पढ़ते रहें।

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