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Pus Culture Test in Hindi: मतलब, प्रक्रिया, रिपोर्ट और कीमत

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Pus Culture Test in Hindi: मतलब, प्रक्रिया, रिपोर्ट और कीमत

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Medically Reviewed ByDr. Mayanka Lodha Seth
Written By
Kirti Saxena
Last Edited ByKirti SaxenaAug 7, 2026
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अगर कोई घाव लंबे समय तक ठीक नहीं हो रहा, फोड़ा बार-बार हो रहा है या एंटीबायोटिक दवाएं लेने के बावजूद संक्रमण बना हुआ है, तो डॉक्टर Pus Culture and Sensitivity (C/S) Test कराने की सलाह दे सकते हैं।

 

यह एक महत्वपूर्ण माइक्रोबायोलॉजिकल जांच है, जो संक्रमित घाव या फोड़े से लिए गए मवाद (Pus) के नमूने की जांच करके संक्रमण पैदा करने वाले बैक्टीरिया या अन्य सूक्ष्मजीवों की पहचान करती है। साथ ही, यह भी पता लगाती है कि कौन-सी एंटीबायोटिक उस संक्रमण पर सबसे प्रभावी होगी। इससे डॉक्टर सही उपचार चुनने, अनावश्यक एंटीबायोटिक के उपयोग से बचने और संक्रमण को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करने में मदद मिलती है।

 

इस लेख में जानेंगे कि Pus Culture and Sensitivity Test क्या है, यह क्यों किया जाता है, इसकी प्रक्रिया, तैयारी, रिपोर्ट का मतलब और किन स्थितियों में यह जांच आवश्यक होती है।

 

Pus (मवाद) क्या होता है?

Pus Culture and Sensitivity Test को समझने से पहले यह जानना ज़रूरी है कि मवाद (Pus) क्या होता है।

 

जब शरीर में बैक्टीरिया, फंगस या अन्य सूक्ष्मजीवों के कारण संक्रमण होता है, तो उनसे लड़ने के लिए प्रतिरक्षा प्रणाली प्रभावित स्थान पर सफेद रक्त कोशिकाएं भेजती है। इस प्रक्रिया के दौरान मरी हुई सफेद रक्त कोशिकाएं, सूक्ष्मजीव, क्षतिग्रस्त ऊतक और अन्य कोशिकीय अवशेष मिलकर एक गाढ़ा पीला या सफेद तरल बनाते हैं, जिसे मवाद (Pus) कहा जाता है।

 

मवाद का बनना इस बात का संकेत है कि शरीर संक्रमण से लड़ रहा है। हालांकि, यह यह भी दर्शाता है कि संक्रमण अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है और सही उपचार के लिए कारण की पहचान करना आवश्यक हो सकता है। ऐसे मामलों में Pus Culture and Sensitivity Test संक्रमण पैदा करने वाले सूक्ष्मजीवों और उन पर प्रभावी एंटीबायोटिकों की पहचान करने में मदद करता है।

 

Pus Culture Test क्या होता है?

Pus Culture and Sensitivity (C/S) Test एक प्रयोगशाला जांच है, जिसमें घाव, फोड़े या किसी संक्रमित हिस्से से लिए गए मवाद के नमूने की जांच की जाती है। इसका उद्देश्य संक्रमण पैदा करने वाले बैक्टीरिया या फंगस की पहचान करना और यह पता लगाना होता है कि कौन-सी एंटीबायोटिक उस संक्रमण के खिलाफ सबसे प्रभावी होगी।

 

यह जांच दो चरणों में की जाती है:

Culture (कल्चर): मवाद के नमूने को एक विशेष माध्यम में रखा जाता है, ताकि उसमें मौजूद बैक्टीरिया या फंगस विकसित हो सकें। इससे संक्रमण के लिए जिम्मेदार सूक्ष्मजीव की पहचान की जाती है। (वायरस की पहचान सामान्य Pus Culture Test से नहीं की जाती।)

 

Sensitivity (सेंसिटिविटी): सूक्ष्मजीव की पहचान होने के बाद उसे विभिन्न एंटीबायोटिक दवाओं के संपर्क में रखा जाता है। इससे यह पता चलता है कि कौन-सी दवा संक्रमण पर प्रभावी होगी और किन दवाओं के प्रति सूक्ष्मजीव प्रतिरोधी है।

 

इसी पूरी प्रक्रिया को Pus Culture and Sensitivity (C/S) Test कहा जाता है। यह डॉक्टर को सही एंटीबायोटिक चुनने और संक्रमण का प्रभावी उपचार करने में मदद करती है।

 

Pus Culture Test कब करवाते हैं?

Pus Culture Test कब करवाते हैं?

डॉक्टर यह जांच तब लिखते हैं जब:

  • घाव या चोट से मवाद निकल रहा हो और ठीक नहीं हो रहा
  • फोड़ा (Abscess) बार-बार हो
  • एंटीबायोटिक दवाएं लेने के बाद भी संक्रमण कम न हो
  • ऑपरेशन के बाद घाव में संक्रमण के लक्षण दिखें
  • दाँत, आँख, कान, नाभि या नाखून में लगातार मवाद आए
  • जलने के बाद घाव में संक्रमण हो
  • मूत्र नली या जननांग में संक्रमण के लक्षण हों

 

संक्रमण के सामान्य लक्षण जो इस जांच की ज़रूरत का संकेत देते हैं:

  • घाव के आसपास लालिमा और सूजन
  • छूने पर गर्माहट और दर्द
  • पीले या हरे रंग का मवाद
  • बुखार आना
  • घाव से बदबू आना

 

Pus Culture Test की प्रक्रिया - कैसे होती है यह जांच?

Pus Culture and Sensitivity Test एक सरल और सामान्यतः कम दर्द वाली जांच है। इसमें डॉक्टर या प्रशिक्षित लैब तकनीशियन संक्रमित घाव, फोड़े या अन्य प्रभावित हिस्से से बाँझ स्वैब या सिरिंज की मदद से मवाद का नमूना लेते हैं। यदि फोड़ा बंद हो, तो आवश्यकता पड़ने पर उसे सुरक्षित तरीके से खोलकर नमूना लिया जा सकता है। यह नमूना घाव, त्वचा के फोड़े, दाँत के फोड़े, आँख, कान या गले के संक्रमण, सर्जरी के बाद के संक्रमित घाव, या नाखून, नाभि और जननांग के संक्रमित हिस्से से लिया जा सकता है।

 

इसके बाद नमूने को प्रयोगशाला में कल्चर मीडियम पर रखकर नियंत्रित तापमान में 24 से 72 घंटे तक विकसित होने दिया जाता है, ताकि उसमें मौजूद बैक्टीरिया या फंगस की पहचान की जा सके। सूक्ष्मजीव की पहचान होने के बाद उस पर विभिन्न एंटीबायोटिक दवाओं का परीक्षण किया जाता है। इससे यह पता चलता है कि कौन-सी एंटीबायोटिक संक्रमण के इलाज में सबसे प्रभावी होगी और किन दवाओं के प्रति सूक्ष्मजीव प्रतिरोधी हैं।

 

इस जांच के लिए आमतौर पर उपवास या किसी विशेष तैयारी की आवश्यकता नहीं होती। हालांकि, यदि आप पहले से कोई एंटीबायोटिक दवा ले रहे हैं या हाल ही में ली है, तो इसकी जानकारी डॉक्टर को अवश्य दें, क्योंकि इससे जांच के परिणाम प्रभावित हो सकते हैं।

 

Pus Culture Test की रिपोर्ट कैसे समझें?

रिपोर्ट मिलने के बाद सबसे आम सवाल होता है, "इसका मतलब क्या है?" यह रिपोर्ट बताती है कि संक्रमण पैदा करने वाला सूक्ष्मजीव मौजूद है या नहीं और उसके इलाज के लिए कौन-सी एंटीबायोटिक सबसे प्रभावी होगी।

 

1. No Growth (कोई वृद्धि नहीं)

  • इसका मतलब है कि नमूने में कोई बैक्टीरिया या फंगस विकसित नहीं हुआ।
  • इसे सामान्य (Negative) परिणाम माना जाता है।
  • हालांकि, कुछ मामलों में यह False Negative भी हो सकता है, जैसे:
    • नमूना देने से पहले एंटीबायोटिक दवा लेना।
    • नमूना सही तरीके से एकत्र न किया जाना।
    • नमूने में सूक्ष्मजीवों की संख्या बहुत कम होना।

 

2. Growth Present (वृद्धि पाई गई)

  • इसका मतलब है कि नमूने में बैक्टीरिया या फंगस की वृद्धि हुई है और वही संक्रमण का कारण हो सकता है।
  • रिपोर्ट में संक्रमण पैदा करने वाले सूक्ष्मजीव का नाम भी दिया जाता है, जैसे:
    • Staphylococcus aureus
    • Escherichia coli (E. coli)
    • Pseudomonas aeruginosa
    • Klebsiella pneumoniae

 

3. Sensitivity (S), Resistant (R) और Intermediate (I) का मतलब

  • Sensitive (S): बैक्टीरिया इस एंटीबायोटिक से नष्ट हो सकते हैं। यह दवा प्रभावी मानी जाती है।
  • Resistant (R): बैक्टीरिया इस एंटीबायोटिक के प्रति प्रतिरोधी है। यह दवा असरदार नहीं होगी।
  • Intermediate (I): इस दवा का असर सीमित हो सकता है और कुछ विशेष परिस्थितियों में ही इसका उपयोग किया जाता है।

 

रिपोर्ट का उदाहरण

एंटीबायोटिक

परिणाम

Amoxicillin

Resistant (R) – प्रभावी नहीं

Ciprofloxacin

Sensitive (S) – प्रभावी

Clindamycin

Intermediate (I) – सीमित प्रभाव

Ceftriaxone

Sensitive (S) – प्रभावी

 

ध्यान दें: Pus Culture and Sensitivity Test की रिपोर्ट के आधार पर डॉक्टर वही एंटीबायोटिक चुनते हैं, जो Sensitive (S) श्रेणी में हो। बिना डॉक्टर की सलाह के रिपोर्ट देखकर स्वयं एंटीबायोटिक शुरू या बंद न करें।

 

Pus Culture Test के प्रकार

Pus Culture Test के प्रकार

Aerobic Culture (एरोबिक कल्चर)

इस जांच में उन बैक्टीरिया की पहचान की जाती है जो ऑक्सीजन की उपस्थिति में बढ़ते हैं। यह Pus Culture का सबसे सामान्य प्रकार है और त्वचा, घाव तथा अन्य बाहरी संक्रमणों की जांच में उपयोग किया जाता है।

 

Anaerobic Culture (एनारोबिक कल्चर)

इसमें उन बैक्टीरिया की जांच की जाती है जो ऑक्सीजन के बिना बढ़ते हैं। यह गहरे घाव, पेट के अंदर के संक्रमण, दाँत के गंभीर संक्रमण और कम ऑक्सीजन वाले ऊतकों के संक्रमण की पहचान के लिए किया जाता है।

 

Fungal Culture (फंगल कल्चर)

इस जांच का उपयोग फंगल संक्रमण की पहचान करने के लिए किया जाता है। यदि डॉक्टर को बैक्टीरिया की बजाय फंगस से संक्रमण होने का संदेह हो, तो यह टेस्ट कराया जाता है।

 

आखिरी बात

Pus Culture and Sensitivity Test संक्रमण के कारण की पहचान करने और उसके लिए सबसे प्रभावी एंटीबायोटिक चुनने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह जांच न केवल सही और लक्षित उपचार सुनिश्चित करती है, बल्कि अनावश्यक एंटीबायोटिक के उपयोग को कम करके एंटीबायोटिक प्रतिरोध जैसी बढ़ती वैश्विक स्वास्थ्य समस्या से निपटने में भी मदद करती है।

 

यदि डॉक्टर इस जांच की सलाह दें, तो इसे समय पर अवश्य करवाएं। रिपोर्ट आने के बाद स्वयं दवा शुरू या बंद करने के बजाय डॉक्टर से परामर्श करें, ताकि संक्रमण का सुरक्षित और प्रभावी उपचार किया जा सके।

 

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. क्या Pus Culture Test से पता चल जाता है कि कौन-सी एंटीबायोटिक लेनी चाहिए?

हाँ। Pus Culture and Sensitivity Test यह बताता है कि संक्रमण पैदा करने वाले बैक्टीरिया पर कौन-सी एंटीबायोटिक सबसे प्रभावी होगी और किन दवाओं के प्रति बैक्टीरिया प्रतिरोधी (Resistant) है। इसके आधार पर डॉक्टर सही दवा चुनते हैं।

 

2. अगर Pus Culture Report में "No Growth" आए, लेकिन घाव में मवाद हो, तो क्या करें?

ऐसा कभी-कभी हो सकता है, खासकर यदि पहले से एंटीबायोटिक दवा ली जा रही हो या नमूना सही तरीके से न लिया गया हो। ऐसे में डॉक्टर दोबारा जांच या अन्य टेस्ट की सलाह दे सकते हैं।

 

3. क्या एंटीबायोटिक शुरू करने के बाद Pus Culture Test कराया जा सकता है?

किया जा सकता है, लेकिन एंटीबायोटिक दवा के कारण रिपोर्ट प्रभावित हो सकती है। इसलिए, यदि संभव हो, तो नमूना दवा शुरू करने से पहले लिया जाता है। दवा बंद या शुरू करने का निर्णय हमेशा डॉक्टर की सलाह से ही लें।

 

4. क्या Pus Culture Test से फंगल संक्रमण का भी पता चलता है?

हाँ, यदि डॉक्टर को फंगल संक्रमण का संदेह हो, तो Fungal Culture कराया जाता है। सामान्य Pus Culture मुख्य रूप से बैक्टीरियल संक्रमण की पहचान के लिए होता है।

 

5. किन लोगों को Pus Culture and Sensitivity Test करवाना चाहिए?

जिन लोगों का घाव लंबे समय तक ठीक नहीं हो रहा हो, बार-बार फोड़े हो रहे हों, घाव से लगातार मवाद निकल रहा हो या एंटीबायोटिक लेने के बाद भी संक्रमण में सुधार न हो, उन्हें डॉक्टर की सलाह पर यह जांच करानी चाहिए।

 

6. क्या Pus Culture Test से MRSA जैसे एंटीबायोटिक-प्रतिरोधी बैक्टीरिया का पता चल सकता है?

हाँ। यह जांच MRSA (Methicillin-resistant Staphylococcus aureus) जैसे एंटीबायोटिक-प्रतिरोधी बैक्टीरिया की पहचान करने और उनके लिए प्रभावी दवा चुनने में मदद कर सकती है।

 

7. क्या Pus Culture Test के लिए खाली पेट रहना पड़ता है?

नहीं। इस जांच के लिए उपवास (Fasting) की आवश्यकता नहीं होती। हालांकि, यदि आप कोई एंटीबायोटिक दवा ले रहे हैं, तो इसकी जानकारी डॉक्टर को अवश्य दें।

 

8. क्या Pus Culture Test घर पर कराया जा सकता है?

हाँ। Redcliffe Labs सहित कुछ NABL-मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाएँ प्रशिक्षित तकनीशियन द्वारा होम सैंपल कलेक्शन की सुविधा प्रदान करती हैं। हालांकि, यह सुविधा संक्रमण के प्रकार, नमूने की प्रकृति और संक्रमित स्थान पर निर्भर करती है। नमूना संग्रह से पहले प्रयोगशाला से उपलब्धता की पुष्टि कर लें।

 

सन्दर्भ (References)

  1. Bacteria Culture Test: What It Is, Types, Procedure & Results
  2. Pus (Aerobic) Culture Test: Procedure, Purpose, Results

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