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Pathri ke Lakshan: जानें किडनी स्टोन के संकेत और उपचार

Kidney

Pathri ke Lakshan: जानें किडनी स्टोन के संकेत और उपचार

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Medically Reviewed ByDr. Geetanjali Gupta
Written By
Komal Daryani
Last Edited ByKomal DaryaniJul 19, 2025
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पथरी एक सामान्य स्वास्थ्य समस्या है, जिसे हम अंग्रेजी में "किडनी स्टोन" भी कहते हैं, जो मुख्य रूप से किडनी में मिनरल्स और अन्य तत्वों के जमाव से होती है। यह स्थिति बेहद दुखद हो सकती है और समय पर ध्यान न दिए जाने पर गंभीर समस्याएँ उत्पन्न कर सकती हैं।

आइए जानते हैं पथरी के लक्षण, इसके कारण और इसके उपचार के बारे में। आइए जानते हैं इन सभी प्रश्नों के उत्तर इस ब्लॉग के माध्यम से।

पथरी के लक्षण/pathri ke lakshan ( Kidney stones Symptoms )

पथरी के लक्षणों को समझना बेहद जरूरी है, जैसे बारिश के पहले आसमान में बादलों का दिखना यह संकेत देता है कि बारिश आने वाली है, उसी तरह शरीर भी हमें संकेत देता है जब पथरी बनने लगती है। सही समय पर अगर इन संकेतों को पहचान लिया जाए, तो इनको कम किया जा सकता है। आइए जानते हैं कुछ महत्वपूर्ण लक्षण:

1. पीठ या पेट के निचले हिस्से में तेज दर्द

पथरी का सबसे सामान्य लक्षण है अचानक होने वाला तेज दर्द, जो पीठ या पेट के निचले हिस्से में महसूस होता है। यह दर्द असहनीय हो सकता है और इसे "रेनल कोलिक" के नाम से जाना जाता है। पथरी के मूत्रमार्ग में फंसने पर यह दर्द और अधिक बढ़ जाता है।

2. मूत्र में रक्त आना (Hematuria)

पथरी के कारण मूत्रमार्ग में चोट लग सकती है, जिससे मूत्र में खून आने लगता है।

3. मूत्र करने में कठिनाई या जलन

पथरी मूत्रमार्ग को बाधित कर देती है, जिससे मूत्र करते समय दर्द या जलन महसूस होती है। 

4. मतली और उल्टी

पथरी के कारण होने वाले दर्द के साथ-साथ मतली और उल्टी की समस्या भी हो सकती है। यह शरीर के दर्द और यूरिनरी सिस्टम में रुकावट के परिणामस्वरूप होता है।

5. बुखार और ठंड लगना

यदि पथरी के कारण मूत्र संक्रमण हो जाता है, तो व्यक्ति को बुखार और ठंड लगने जैसी समस्याएँ हो सकती हैं। यह स्थिति गंभीर हो सकती है और तुरंत चिकित्सीय सलाह की आवश्यकता होती है। 

6. पेशाब की मात्रा कम होना

पथरी के मूत्रमार्ग को आंशिक या पूर्ण रूप से अवरुद्ध करने से मूत्र की मात्रा कम हो सकती है। यह स्थिति लंबे समय तक रहने पर किडनी की कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकती है।

7. कमर और कूल्हों में दर्द

कभी-कभी पथरी के लक्षण ( pathri ke lakshan ) केवल पेट या पीठ तक सीमित नहीं रहते, बल्कि कमर और कूल्हों तक भी फैल सकते हैं। यह दर्द स्थिर हो सकता है या अस्थिर रूप से आ-जा सकता है।

पथरी के कारण

पथरी का निर्माण विभिन्न कारणों से हो सकता है। आइए जानते हैं पथरी के प्रमुख कारणों के बारे में:

1. पानी की कमी:

शरीर में पर्याप्त मात्रा में पानी की कमी होने से मूत्र का भार बढ़ जाता है। इससे खनिज एकत्रित होकर पथरी का निर्माण कर सकते हैं। 

2. अस्वस्थ आहार:

वसा, शर्करा और सोडियम की अधिक मात्रा वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करने से पथरी बनने की संभावना बढ़ जाती है। 

3. जिनेटिक फैक्टर:

यदि परिवार में किसी को गुर्दे की पथरी हुई है, तो इसके होने की संभावना बढ़ जाती है। कुछ लोग आनुवंशिक रूप से पथरी के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं।

4. मधुमेह और उच्च रक्तचाप:

इन बीमारियों से ग्रसित व्यक्तियों में पथरी होने का खतरा अधिक होता है। ये बीमारियाँ शरीर में मेटाबॉलिज्म को प्रभावित कर सकती हैं, जिससे पथरी बनने की संभावना बढ़ती है।

5. शारीरिक गतिविधि की कमी

सक्रिय जीवनशैली का अभाव और गतिहीन रहना भी पथरी के निर्माण में योगदान कर सकता है। नियमित व्यायाम करने से शरीर के मेटाबॉलिज्म को सही रखने में मदद मिलती है।

पथरी के उपचार 

आइए पथरी के विभिन्न उपचार विधियों पर चर्चा करते हैं:

  1. घरेलू उपचार:

पानी का सेवन: पथरी के छोटे आकार को बाहर निकालने के लिए दिन में 8-10 गिलास पानी पीना जरूरी है। यह मूत्र को पतला करता है और पथरी के निकलने में मदद करता है।

नींबू का रस: नींबू के रस में सिट्रिक एसिड होता है, जो पथरी के आकार को कम करने में मदद कर सकता है। इसे पानी में मिलाकर पीना फायदेमंद हो सकता है।

  1. दवाएं:

पेनकिलर्स: कुछ दवाएं पथरी के आकार को कम करने में मदद करती हैं, जिससे वे प्राकृतिक रूप से बाहर निकल सकें।

  1. सर्जरी:

पायलेटोमी: यह प्रक्रिया बड़े आकार की पथरी के लिए की जाती है। इसमें गुर्दे की बाहरी सतह को काटकर पथरी को निकाला जाता है।

  1. पोषण संबंधी सलाह:

पथरी के प्रकार के अनुसार, डॉक्टर आपको विशेष आहार योजना देने की सलाह दे सकते हैं। जैसे, ऑक्सालेट युक्त खाद्य पदार्थों से बचना या सोडियम का सेवन कम करना।

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