गुर्दे की पथरी (Kidney Stone): लक्षण, कारण, पथरी का इलाज और परहेज

Medically Reviewed By
Dr. Ragiinii Sharma
Written By Srujana Mohanty
on Aug 22, 2022
Last Edit Made By Srujana Mohanty
on Feb 24, 2026

गुर्दे की पथरी एक ऐसी समस्या है जो अचानक तेज दर्द के साथ सामने आती है और व्यक्ति को असहनीय पीड़ा दे सकती है। चिकित्सकीय भाषा में इसे Kidney stone या यूरोलिथियासिस कहा जाता है। यह स्थिति तब पैदा होती है जब गुर्दों में मौजूद खनिज और नमक मिलकर कठोर क्रिस्टल का रूप ले लेते हैं। ये क्रिस्टल धीरे-धीरे पत्थर जैसी संरचना बना लेते हैं, जिन्हें हम पथरी कहते हैं।
विश्व स्तर पर लगभग 10–12% पुरुष और 5–6% महिलाएं अपने जीवनकाल में कभी न कभी इस समस्या का सामना करती हैं। भारत जैसे गर्म देशों में, जहां डिहाइड्रेशन आम है, यह समस्या और अधिक देखने को मिलती है।
गुर्दे की पथरी क्या होती है?
हमारे गुर्दे रक्त को फ़िल्टर करके शरीर से अपशिष्ट पदार्थों को मूत्र के रूप में बाहर निकालते हैं। जब मूत्र में कुछ खनिज (जैसे कैल्शियम, ऑक्सालेट, यूरिक एसिड) अधिक मात्रा में जमा हो जाते हैं और पर्याप्त पानी नहीं होता, तो वे घुल नहीं पाते। यही कण आपस में चिपककर पथरी का निर्माण करते हैं।
पथरी केवल गुर्दे में ही नहीं, बल्कि मूत्रवाहिनी (ureter), मूत्राशय (bladder) या मूत्रमार्ग (urethra) में भी फंस सकती है। जब यह मूत्र के रास्ते को अवरुद्ध करती है, तब तीव्र दर्द शुरू होता है।
किडनी स्टोन किससे बने होते हैं?
हर पथरी की संरचना एक जैसी नहीं होती। इसके मुख्य प्रकार निम्न हैं:
- कैल्शियम पथरी – यह सबसे सामान्य प्रकार है। अधिकतर पथरी कैल्शियम ऑक्सालेट या कैल्शियम फॉस्फेट से बनती है।
- यूरिक एसिड पथरी – यह उन लोगों में अधिक देखी जाती है जिनका मूत्र अधिक अम्लीय होता है या जिन्हें गाउट या मधुमेह जैसी समस्या हो।
- स्ट्रुवाइट पथरी – बार-बार मूत्र संक्रमण (UTI) होने पर बन सकती है और आकार में जल्दी बड़ी हो सकती है।
- सिस्टीन पथरी – यह एक दुर्लभ प्रकार है और आनुवंशिक बीमारी सिस्टिनुरिया के कारण होती है।
गुर्दे की पथरी के लक्षण
शुरुआती अवस्था में छोटी पथरी कोई लक्षण नहीं देती। लेकिन जैसे ही वह हिलती है या मूत्रवाहिनी में फंसती है, लक्षण स्पष्ट होने लगते हैं।
सबसे प्रमुख लक्षण है कमर या पेट के एक हिस्से में अचानक तेज दर्द। यह दर्द लहरों में आता है और जांघों या निचले पेट तक फैल सकता है।
इसके अलावा निम्न लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं:
- पेशाब में जलन
- पेशाब का रंग गुलाबी या लाल होना (खून आना)
- बार-बार पेशाब की इच्छा
- मतली और उल्टी
- बदबूदार या धुंधला मूत्र
- संक्रमण होने पर बुखार और ठंड लगना
यदि दर्द असहनीय हो, पेशाब रुक जाए या तेज बुखार आए, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
गुर्दे की पथरी के कारण
गुर्दे की पथरी बनने के पीछे कई कारण मिलकर काम करते हैं:
- पर्याप्त पानी न पीना (डिहाइड्रेशन)
- अधिक नमक का सेवन
- हाई प्रोटीन डाइट
- ऑक्सालेट युक्त भोजन (पालक, चॉकलेट, नट्स)
- मोटापा
- परिवार में पथरी का इतिहास
- कुछ दवाइयाँ
- बार-बार मूत्र संक्रमण
विशेष रूप से गर्म क्षेत्रों में रहने वाले लोगों में जोखिम अधिक होता है।
गुर्दे की पथरी का निदान
यदि डॉक्टर को पथरी का संदेह होता है, तो वे कुछ जांच करवाते हैं। आमतौर पर रक्त परीक्षण से कैल्शियम और यूरिक एसिड का स्तर देखा जाता है। मूत्र परीक्षण से संक्रमण या खनिजों की अधिकता का पता चलता है।
अल्ट्रासाउंड सबसे सामान्य और सुरक्षित जांच है। कई मामलों में CT स्कैन अधिक सटीक जानकारी देता है, खासकर जब पथरी का आकार या स्थान स्पष्ट न हो।
पथरी का इलाज कैसे होता है?
पथरी का इलाज उसके आकार, प्रकार और स्थान पर निर्भर करता है।
यदि पथरी छोटी है (लगभग 5 मिमी या उससे कम), तो अक्सर अधिक पानी पीने से वह अपने आप निकल जाती है। डॉक्टर दर्द कम करने की दवाएं और कुछ ऐसी दवाएं देते हैं जो मूत्रवाहिनी की मांसपेशियों को आराम देती हैं ताकि पथरी आसानी से निकल सके।
बड़ी पथरी के मामले में विशेष उपचार की आवश्यकता होती है।
एक सामान्य प्रक्रिया है एक्स्ट्राकोर्पोरियल शॉक वेव लिथोट्रिप्सी (ESWL), जिसमें ध्वनि तरंगों से पथरी को छोटे टुकड़ों में तोड़ा जाता है।
यदि पथरी बहुत बड़ी हो या जटिल स्थिति हो, तो यूरेटेरोस्कोपी या परक्यूटेनियस नेफ्रोलिथोटॉमी जैसी सर्जिकल प्रक्रियाएँ की जाती हैं।
सही उपचार का निर्णय केवल विशेषज्ञ डॉक्टर ही कर सकते हैं।
पथरी का इलाज और परहेज
इलाज के बाद भी यदि जीवनशैली में बदलाव नहीं किया गया तो पथरी दोबारा हो सकती है।
क्या करें:
- रोज 2–3 लीटर पानी पिएं
- नमक कम करें
- संतुलित कैल्शियम लें
- वजन नियंत्रित रखें
- नींबू पानी और नारियल पानी लें
क्या न करें:
- ज्यादा नमक और प्रोसेस्ड फूड
- अत्यधिक रेड मीट
- विटामिन C सप्लीमेंट का अधिक सेवन
- बार-बार डिहाइड्रेशन
पथरी का इलाज और परहेज दोनों साथ-साथ जरूरी हैं।
क्या पथरी गंभीर है?
हाँ, यदि समय पर इलाज न किया जाए तो यह मूत्र मार्ग में रुकावट, संक्रमण और यहां तक कि किडनी डैमेज का कारण बन सकती है। इसलिए लक्षणों को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है।
निष्कर्ष
गुर्दे की पथरी एक दर्दनाक लेकिन नियंत्रित की जा सकने वाली बीमारी है। समय पर जांच, सही पथरी का इलाज और उचित परहेज अपनाकर न केवल इसका उपचार संभव है बल्कि भविष्य में इसे दोबारा होने से भी रोका जा सकता है।
यदि आपको अचानक कमर या पेट में तेज दर्द महसूस हो, तो इसे सामान्य गैस या एसिडिटी समझकर नजरअंदाज न करें। सही समय पर डॉक्टर से सलाह लेना ही सबसे सुरक्षित कदम है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. पथरी का इलाज कैसे होता है?
पथरी का इलाज उसके आकार और स्थान पर निर्भर करता है। 5 मिमी तक की छोटी पथरी अधिक पानी पीने और दवाइयों से अपने आप निकल सकती है। बड़ी पथरी के लिए ESWL (ध्वनि तरंग से तोड़ना), यूरेटेरोस्कोपी या सर्जरी की आवश्यकता पड़ सकती है।
2. क्या पथरी बिना ऑपरेशन ठीक हो सकती है?
हाँ। अधिकांश छोटी गुर्दे की पथरी बिना ऑपरेशन के ठीक हो जाती है। डॉक्टर दर्द निवारक दवाएं और ऐसी दवाएं देते हैं जो पथरी को आसानी से बाहर निकलने में मदद करती हैं।
3. पथरी कितने दिन में निकलती है?
छोटी पथरी आमतौर पर 7 से 20 दिनों में पेशाब के रास्ते निकल सकती है। यह व्यक्ति की स्थिति और पानी पीने की मात्रा पर निर्भर करता है।
4. पथरी का दर्द कहाँ होता है?
दर्द आमतौर पर कमर के एक तरफ शुरू होता है और पेट के निचले हिस्से या जांघ तक फैल सकता है। यह दर्द लहरों में आता है और काफी तीव्र होता है।
5. क्या नींबू पानी पथरी में फायदेमंद है?
हाँ। नींबू में साइट्रेट होता है जो कैल्शियम पथरी बनने से रोकने में मदद करता है। नियमित रूप से सीमित मात्रा में नींबू पानी पीना लाभकारी हो सकता है।
6. पथरी का परहेज क्या है?
पथरी से बचने के लिए:
- रोज 2–3 लीटर पानी पिएं
- नमक कम करें
- ऑक्सालेट युक्त भोजन सीमित करें
- संतुलित मात्रा में कैल्शियम लें
- प्रोसेस्ड और ज्यादा प्रोटीन वाले भोजन से बचें
7. क्या गुर्दे की पथरी दोबारा हो सकती है?
हाँ, यदि जीवनशैली में बदलाव न किया जाए तो पथरी दोबारा हो सकती है। जिन लोगों को पहले पथरी हो चुकी है, उनमें पुनरावृत्ति का जोखिम अधिक होता है।
8. क्या पथरी जानलेवा हो सकती है?
अधिकांश मामलों में पथरी जानलेवा नहीं होती, लेकिन यदि संक्रमण, पेशाब रुकना या किडनी डैमेज हो जाए तो स्थिति गंभीर हो सकती है। समय पर इलाज जरूरी है।



