प्लेटलेट्स कम होने पर क्या नहीं खाना चाहिए: जानिए पूरी जानकारी


भाई साहब, प्लेटलेट्स कम होना कोई मज़ाक नहीं है। डेंगू हो या कोई और वायरल बुखार, अगर प्लेटलेट्स नीचे चले गए तो शरीर का पूरा सिस्टम गड़बड़ा जाता है।
जब हमारे शरीर में प्लेटलेट्स कम होते हैं तो शरीर में संक्रमण होता है, रक्तस्त्राव होता है और थकन जैसा गंभीर समस्यों का सामना करना पड़ता है।
आइए हम इस ब्लॉग के माध्यम से जानेंगे प्लैटलेट्स क्या होता है, प्लेटलेट्स कम होने के लक्षण, और प्लैटथीम कम होने पर क्या नहीं खाना चाहिए क्या नहीं खाना चाहिए ।
प्लैटलेट्स क्या होता है ( What are Platelets )
प्लेटलेट्स हमारे खून में मौजूद छोटे-छोटे कण होते हैं जो खून को जमाने (clotting) का काम करते हैं। सीधे शब्दों में कहें, अगर आपको कहीं चोट लग जाए तो प्लेटलेट्स ही वो सिपाही हैं जो खून बहना रोकते हैं।
अगर इनकी संख्या कम हो जाए, तो ज़रा सी चोट पर भी खून रुकता नहीं और यही हालत गंभीर बन सकती है। यानि अगर तुम्हें कहीं चोट लग जाए, तो प्लेटलेट्स तुरंत एक्टिव हो जाते हैं और खून बहना रोक देते हैं। अब सोचो अगर ये प्लेटलेट्स ही कम हो जाएँ तो क्या होगा? एक छोटी सी चोट भी बड़ा मसला बन सकती है।
प्लेटलेट्स कम होने के लक्षण
प्लेटलेट्स हमारे खून में मौजूद छोटे-छोटे सेल्स होते हैं, जो खून को थक्का बनाने और घाव जल्दी भरने में मदद करते हैं। जब प्लेटलेट्स की संख्या शरीर में सामान्य से कम हो जाती है, इसे थ्रोम्बोसाइटोपेनिया कहते हैं। प्लेटलेट्स कम होने पर शरीर कई तरीके से संकेत देता है। अगर समय पर ध्यान न दिया जाए, तो यह गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है।
प्लेटलेट्स कम होने के आम लक्षण:
बार-बार ब्लीडिंग या खून बहना
- नाक या मसूड़ों से खून आना
- चोट लगने पर खून ज्यादा समय तक रुक न पाना
त्वचा पर छोटे लाल या बैंगनी धब्बे (Bruises)
- बिना किसी चोट के शरीर पर छोटे-छोटे लाल या बैंगनी दाग दिखना
- अक्सर हाथ, पैर या पेट पर ज्यादा दिखाई देते हैं
सिर दर्द और चक्कर आना
- प्लेटलेट्स कम होने से शरीर में खून का प्रवाह प्रभावित होता है
- सिर में दर्द, चक्कर या कमजोरी महसूस हो सकती है
असामान्य रक्तस्राव
- महिला में माहवारी के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव
- छोटे-छोटे घावों से भी खून का ज्यादा बहना
थकान और कमजोरी
- शरीर में प्लेटलेट्स की कमी होने पर ऑक्सीजन की सप्लाई पर असर पड़ता है
- लगातार थकान या कमजोरी महसूस होना
लाल या गहरे रंग का यूरिन
- प्लेटलेट्स कम होने पर कभी-कभी पेशाब का रंग बदल सकता है
- यह संकेत हो सकता है कि खून से संबंधित कोई समस्या है
प्लेटलेट्स कम होने पर क्या नहीं खाना चाहिए?
प्लेटलेट्स हमारे खून में पाए जाने वाले छोटे-छोटे सेल्स होते हैं, जो खून को जमा होने में मदद करते हैं। अगर प्लेटलेट्स कम हो जाएँ (जिसे हम थ्रॉम्बोसाइटोपेनिया भी कहते हैं), तो खून बहने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में सिर्फ दवा या डॉक्टर की सलाह ही नहीं, बल्कि खान-पान पर भी खास ध्यान देना जरूरी है।
आइए जानते हैं कि प्लेटलेट्स कम होने पर कौन-सी चीज़ें नहीं खानी चाहिए:
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अत्यधिक तैलीय और फास्ट फूड
पिज़्ज़ा, बर्गर, फ्राइज़, और अन्य फास्ट फूड्स प्लेटलेट्स की संख्या पर नेगेटिव असर डाल सकते हैं। ये खाने वाली चीज़ें शरीर में इन्फ्लेमेशन बढ़ाती हैं और प्लेटलेट्स को ठीक से काम करने से रोक सकती हैं।
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अत्यधिक मीठा और शुगर वाले पदार्थ
ज्यादा मीठी चीज़ें, जैसे केक, पैस्टीज़, कोल्ड ड्रिंक, या जूस में शुगर की मात्रा बहुत अधिक होती है। यह प्लेटलेट्स को कमजोर कर सकता है और इम्यून सिस्टम पर भी असर डालता है।
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बहुत ज्यादा नमक या प्रोसेस्ड फूड्स
ज्यादा नमक वाली चीज़ें, जैसे पैकेटेड स्नैक्स, चिप्स, या तला हुआ खाना प्लेटलेट्स की कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकती हैं।
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अल्कोहल और शराब
शराब प्लेटलेट्स को बनाने वाली हड्डी के मज्जा (Bone Marrow) पर नकारात्मक असर डालती है। इसके कारण प्लेटलेट्स की संख्या और उनका काम दोनों प्रभावित हो सकते हैं।
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कैफीन की अधिकता
कॉफी, चाय और एनर्जी ड्रिंक में ज्यादा कैफीन प्लेटलेट्स की कमी को और बढ़ा सकता है। हल्की मात्रा में तो ठीक है, लेकिन ज़्यादा मात्रा से बचना चाहिए।
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कच्चा या अधपका मांस और समुद्री भोजन
कुछ कच्चे मांस या समुद्री खाने में बैक्टीरिया और वायरस होने की संभावना रहती है। प्लेटलेट्स कम होने पर इम्यून सिस्टम कमजोर होता है, तो ऐसे खाने से इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है।
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कुछ हर्ब्स और सप्लीमेंट्स
लहसुन, अदरक, गिंकोबिलोबा, और ओमेगा-3 सप्लीमेंट्स कुछ लोगों में प्लेटलेट्स पतले कर सकते हैं। इसलिए इन्हें डॉक्टर की सलाह के बिना न लें।
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प्लेटलेट्स बढ़ाने के लिए क्या खाना चाहिए?
प्लेटलेट्स हमारे खून के छोटे-छोटे सेल्स हैं, जो खून को जमाने और चोट लगने पर जल्दी भरने में मदद करते हैं। प्लेटलेट्स की कमी से थकान, चक्कर, बार-बार खून बहना और चोट लगने पर खून देर से रुकना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
सही खान-पान से प्लेटलेट्स बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
1. हरी पत्तेदार सब्जियां
- पालक, मेथी, सरसों के पत्ते, बथुआ
- विटामिन K और फोलेट से भरपूर, प्लेटलेट्स बनाने में मदद करते हैं
2. फलों का सेवन
- संतरा, नींबू, पपीता, अनार, स्ट्रॉबेरी
- विटामिन C से भरपूर, जो प्लेटलेट्स की संख्या बढ़ाने में सहायक है
3. बीट और गाजर
- बीट और गाजर का जूस या सब्जी
- खून साफ करने और प्लेटलेट्स बढ़ाने में मदद करता है
4. नट्स और बीज
- अखरोट, बादाम, कद्दू के बीज
- हेल्दी फैट्स और प्रोटीन से भरपूर, प्लेटलेट्स बढ़ाने में मददगार
5. प्रोटीन युक्त भोजन
- अंडा, दूध, दही, पनीर, मछली
- प्रोटीन प्लेटलेट्स बनाने के लिए जरूरी है
6. लहसुन और अदरक
- खून को साफ रखते हैं और प्लेटलेट्स की हेल्थ बेहतर करते हैं
7. अनाज और दालें
- चना, मूंग, मसूर, ज्वार, बाजरा
- फाइबर और आयरन से भरपूर, प्लेटलेट्स को बनाने में मदद करता है
8. हाइड्रेशन
- दिन भर पर्याप्त पानी पिएँ
- शरीर में पानी की कमी से प्लेटलेट्स प्रभावित हो सकते हैं
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FAQ
प्लेटलेट्स क्या होते हैं?
प्लेटलेट्स खून में मौजूद छोटे-छोटे सेल्स हैं, जो खून को जमाने और चोट लगने पर जल्दी भरने में मदद करते हैं।
प्लेटलेट्स कम होने के लक्षण क्या हैं?
बार-बार खून बहना, त्वचा पर लाल या बैंगनी धब्बे, सिर में दर्द या चक्कर, थकान और कमजोरी।
प्लेटलेट्स बढ़ाने के लिए क्या खाना चाहिए?
हरी पत्तेदार सब्जियां, फलों का सेवन (संतरा, अनार, पपीता), बीट और गाजर, नट्स और बीज, प्रोटीन युक्त खाना (अंडा, दूध, दही, पनीर, मछली), लहसुन और अदरक।
प्लेटलेट्स कम होने के कारण क्या हैं?
वायरल या बैक्टीरियल इंफेक्शन, विटामिन या आयरन की कमी, कुछ दवाओं का साइड इफेक्ट, ब्लड डिसऑर्डर।
क्या जंक फूड प्लेटलेट्स को कम कर सकता है?
हाँ, ज्यादा तैलीय, नमकीन या प्रोसेस्ड फूड प्लेटलेट्स को प्रभावित कर सकता है।
प्लेटलेट्स बढ़ाने के घरेलू उपाय क्या हैं?
पपीता का जूस, अनार और नींबू का सेवन, हरी पत्तेदार सब्जियों का नियमित सेवन, पर्याप्त पानी और नींद।
अगर प्लेटलेट्स बहुत कम हों तो क्या करना चाहिए?
तुरंत डॉक्टर से चेकअप कराएँ, क्योंकि कुछ मामलों में इमरजेंसी ट्रीटमेंट या दवाओं की जरूरत पड़ सकती है।



