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नाभि के ऊपर पेट दर्द के कारण और जानें उपचार

Health

नाभि के ऊपर पेट दर्द के कारण और जानें उपचार

Medically Reviewed By
Dr. Geetanjali Gupta

Written By Komal Daryani
on Mar 22, 2025

Last Edit Made By Komal Daryani
on Mar 22, 2025

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नाभि के ऊपर पेट दर्द के कारण और जानें उपचार
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क्या आपने कभी यह महसूस किया है कि कभी-कभी नाभि के ऊपर पेट में दर्द होने लगता है? हम सभी ने कभी न कभी यह अनुभव किया होगा। अक्सर ऐसा तब होता है जब आप कोई भारी वस्तु उठाते हैं या आपकी शारीरिक गतिविधि अधिक हो जाती है, जिससे नसों में खिंचाव आने लगता है। यही कारण है कि नाभि के ऊपर पेट में दर्द महसूस होता है।

आपके मन में भी कुछ सवाल होंगे, जैसे:

  • नाभि के ऊपर पेट दर्द के कारण

  • नाभि के ऊपर पेट दर्द के लक्षण

  • नाभि के ऊपर पेट दर्द के उपाय

नाभि के ऊपर पेट दर्द के लक्षण

आइए, इन सभी प्रश्नों के उत्तर इस ब्लॉग के माध्यम से जानने की कोशिश करते हैं।

हल्का या तेज दर्द

  • दर्द कभी-कभी हल्का महसूस हो सकता है, लेकिन कुछ मामलों में यह अचानक तेज हो सकता है।
  • भोजन करने के बाद या भूखे रहने पर दर्द अधिक महसूस हो सकता है।

सूजन और भारीपन

  • पेट में सूजन या भारीपन महसूस हो सकता है, जिससे असहजता हो सकती है।
  • यह गैस या अपच की वजह से हो सकता है।

मतली और उल्टी

  • पेट दर्द के साथ मतली (nausea) या उल्टी आ सकती है, खासकर तब जब समस्या पाचन तंत्र से जुड़ी हो।
  • यह फूड पॉइजनिंग, गैस्ट्रिक समस्या या संक्रमण की ओर इशारा कर सकता है।

अपच और गैस

  • खाना पचाने में दिक्कत हो सकती है, जिससे पेट में जलन या एसिडिटी महसूस हो सकती है।
  • गैस बनने से पेट फूल सकता है और दर्द बढ़ सकता है।

भूख में कमी

  • भूख कम लगना या बिल्कुल न लगना भी एक लक्षण हो सकता है।
  • पेट में जलन या भारीपन के कारण खाने की इच्छा नहीं होती।

डायरिया (दस्त) या कब्ज

  • मल त्याग में कठिनाई या बार-बार शौच आना, दोनों ही स्थितियां इस समस्या से जुड़ी हो सकती हैं।
  • यह किसी संक्रमण या पाचन तंत्र की गड़बड़ी की वजह से हो सकता है।

बुखार और कमजोरी

  • अगर पेट दर्द किसी संक्रमण या सूजन (inflammation) की वजह से हो रहा है, तो बुखार भी आ सकता है।
  • शरीर में कमजोरी, सिरदर्द और थकान महसूस हो सकती है।

जलन और एसिडिटी

  • पेट में जलन या खट्टी डकारें आना, एसिडिटी की निशानी हो सकती है।
  • यह तब होता है जब पेट में अधिक मात्रा में एसिड बनता है।

पीठ या सीने में दर्द

  • कुछ मामलों में नाभि के ऊपर का दर्द पीठ या सीने तक फैल सकता है।
  • यह पित्ताशय (Gallbladder), लिवर या अग्न्याशय (Pancreas) की समस्या से जुड़ा हो सकता है।

नाभि के ऊपर पेट दर्द के कारण

आइए जानते हैं इसके मुख्य कारणों के बारे में।

गैस और अपच (Gas & Indigestion)

  • अधिक तला-भुना, मसालेदार या भारी खाना खाने से पाचन तंत्र पर असर पड़ता है, जिससे गैस और अपच की समस्या हो सकती है।
  • जब गैस पेट में फंस जाती है, तो यह नाभि के ऊपर दर्द का कारण बन सकती है।
  • यह दर्द कुछ समय बाद खुद ही ठीक हो सकता है या एंटासिड लेने से राहत मिल सकती है।

एसिडिटी और गैस्ट्राइटिस (Acidity & Gastritis)

  • अधिक चाय, कॉफी, तला-भुना या खट्टा भोजन करने से पेट में एसिड बढ़ जाता है, जिससे जलन और दर्द हो सकता है।

  • लंबे समय तक एसिडिटी रहने पर गैस्ट्राइटिस हो सकता है, जिसमें पेट की अंदरूनी परत में सूजन आ जाती है।

  • यह दर्द नाभि के ऊपर और छाती तक भी महसूस हो सकता है।

कब्ज (Constipation)

  • मल त्याग में कठिनाई या कठोर मल की वजह से पेट में दबाव बढ़ जाता है, जिससे नाभि के ऊपर दर्द हो सकता है।

  • पानी और फाइबर की कमी कब्ज का एक बड़ा कारण होता है।

  • कब्ज होने पर पेट भारी और फूला हुआ महसूस होता है।

पेट में संक्रमण (Stomach Infection)

  • बैक्टीरिया या वायरस के कारण होने वाले संक्रमण से पेट में दर्द, उल्टी, मतली और दस्त हो सकते हैं।

  • यह फूड पॉइजनिंग या दूषित पानी पीने की वजह से हो सकता है।

  • बुखार और कमजोरी भी इसके लक्षण हो सकते हैं।

पेट में अल्सर (Peptic Ulcer)

  • यह पेट या छोटी आंत की अंदरूनी परत में छाले होने के कारण होता है।

  • यह दर्द आमतौर पर खाली पेट ज्यादा महसूस होता है और खाना खाने के बाद कुछ राहत मिलती है।

  • एसिडिटी, हेलिकोबैक्टर पाइलोरी (H. Pylori) बैक्टीरिया या ज्यादा दर्द निवारक दवाएं लेने से यह समस्या हो सकती है।

पित्ताशय की पथरी (Gallstones)

  • पित्ताशय में पथरी होने से नाभि के ऊपर और दाईं ओर तेज दर्द हो सकता है।

  • यह दर्द अचानक आता है और कुछ घंटों तक बना रह सकता है।

  • इसमें मतली, उल्टी और पीलिया (Jaundice) के लक्षण भी हो सकते हैं।

अग्न्याशय में सूजन (Pancreatitis)

  • अग्न्याशय (Pancreas) की सूजन से नाभि के ऊपर तेज दर्द हो सकता है, जो पीठ तक फैल सकता है।

  • यह दर्द खाने के बाद और ज्यादा बढ़ सकता है।

  • अल्कोहल का अधिक सेवन और पित्त की पथरी इसके प्रमुख कारण होते हैं।

हर्निया (Hernia)

  • पेट की मांसपेशियों में कमजोरी के कारण आंतें बाहर की ओर उभर सकती हैं, जिससे नाभि के आसपास सूजन और दर्द होता है।

  • भारी वजन उठाने या लंबे समय तक कब्ज रहने से हर्निया हो सकता है।

  • यह समस्या ज्यादातर पुरुषों में देखी जाती है।

लिवर की समस्याएं (Liver Diseases)

  • फैटी लिवर, हेपेटाइटिस या लिवर इंफेक्शन के कारण नाभि के ऊपर दर्द हो सकता है।

  • भूख में कमी, थकान, वजन कम होना और पीलिया जैसे लक्षण भी दिख सकते हैं।

आंतों की समस्या (Irritable Bowel Syndrome - IBS)

  • यह एक पाचन संबंधी विकार है, जिसमें पेट में दर्द, गैस, कब्ज या डायरिया की समस्या बनी रहती है।

  • तनाव और अनियमित खान-पान इसके मुख्य कारण हो सकते हैं।

नाभि के ऊपर पेट दर्द के उपाय

नाभि के ऊपर पेट दर्द के असरदार घरेलू उपाय

अगर नाभि के ऊपर पेट दर्द हल्का है और किसी गंभीर बीमारी से जुड़ा नहीं है, तो कुछ घरेलू उपायों से इसे ठीक किया जा सकता है। ये उपाय गैस, अपच, एसिडिटी और हल्के पेट दर्द से राहत देने में मदद कर सकते हैं।

गुनगुना पानी पिएं 

  •  गर्म पानी पीने से पाचन में सुधार होता है और गैस निकलने में मदद मिलती है।

  •  यह पेट की ऐंठन और एसिडिटी को भी कम करता है।

  •  दिन में कम से कम 8-10 गिलास पानी जरूर पिएं।

हींग का पानी 

  •  गिलास गुनगुने पानी में चुटकीभर हींग मिलाकर पिएं।

  •  यह गैस और पेट फूलने की समस्या में तुरंत राहत देता है।

  • हींग को हल्के गुनगुने पानी के साथ नाभि पर लगाने से भी आराम मिलता है।

अदरक और शहद 

  •  चम्मच अदरक का रस और 1 चम्मच शहद मिलाकर सेवन करें।

  • अदरक पाचन को सुधारता है और पेट दर्द में राहत देता है।

  • यह उपाय गैस्ट्राइटिस और एसिडिटी के लिए भी फायदेमंद है।

सौंफ का पानी 

  • 1 गिलास गर्म पानी में 1 चम्मच सौंफ डालकर 10 मिनट तक रखें और फिर छानकर पिएं।

  •  सौंफ गैस और अपच को दूर करने में मदद करती है।

  • इसे खाने के बाद चबाने से भी फायदा होता है।

अजवाइन और काला नमक 

  •  1 चम्मच अजवाइन में चुटकीभर काला नमक मिलाकर खाएं।

  •  यह उपाय गैस, अपच और पेट दर्द को कम करता है।

  • अजवाइन में मौजूद तत्व पेट की ऐंठन को कम करने में मदद करते हैं।

हल्दी वाला दूध 

  • 1 गिलास गर्म दूध में 1 चम्मच हल्दी मिलाकर पिएं।

  •  हल्दी में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो पेट की सूजन और दर्द को कम करते हैं।

पुदीने का रस या चाय 

  • 1 चम्मच पुदीने का रस पिएं या पुदीने की चाय बनाकर पिएं।

  • यह पेट दर्द, गैस और एसिडिटी में बहुत फायदेमंद है।

  •  पुदीने में पाचन एंजाइम होते हैं जो पेट को शांत रखते हैं।

गुनगुनी सेक करें 

  •  गर्म पानी की बोतल या तौलिया को गुनगुना करके पेट पर रखें।

  •  यह पेट की ऐंठन और दर्द को कम करता है।

  •  गैस और कब्ज के कारण होने वाले दर्द में यह उपाय बहुत असरदार होता है।

हल्का और सुपाच्य भोजन करें 

  • तला-भुना और मसालेदार भोजन से बचें।

  •  खिचड़ी, दाल-सूप, उबले चावल और फल जैसी हल्की चीजें खाएं।

  •  खाने को धीरे-धीरे चबाकर खाएं ताकि पाचन सही हो।

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