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Vitamin b12 in Hindi: जानें इसके लक्षण, कारण और उपचार

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Vitamin b12 in Hindi: जानें इसके लक्षण, कारण और उपचार

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Medically Reviewed By
Dr. Ragiinii Sharma

Written By Komal Daryani
on Jul 14, 2024

Last Edit Made By Komal Daryani
on Jul 14, 2024

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Vitamin b12 in Hindi: जानें इसके लक्षण, कारण और उपचार
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विटामिन बी12 क्या है?

विटामिन बी12, जिसे कोबालामिन भी कहते हैं, एक जरूरी पोषक तत्व है जो पानी में घुलनशील है। ये बी-विटामिन परिवार का हिस्सा है और इसमें कोबाल्ट धातु पाई जाती है, जो इसे खास बनाती है। बी12 हमारे शरीर के कई जरूरी कामों के लिए आवश्यक है। ये खून की लाल कोशिकाओं को बनाने में मदद करता है, हमारे नर्व सिस्टम को स्वस्थ रखता है, डीएनए बनाने में सहायक होता है और शरीर को ऊर्जा देने में मदद करता है।

विटामिन बी12 की बनावट: 

  • आकार और जटिलता: बी12 एक बड़ा और जटिल अणु (molecule) है। 
  • कोरिन रिंग: इसमें एक विशेष चक्र जैसी संरचना होती है, जिसे कोरिन रिंग कहते हैं। 
  • कोबाल्ट धातु: इस अणु के बीच में कोबाल्ट नाम की धातु का एक कण होता है। ये इसका मुख्य हिस्सा है।

विभिन्न रूप:

बी12 कई रूपों में पाया जाता है। ये अलग-अलग नाम वाले रूप हैं, जैसे:

  • मेथिलकोबालामिन
  • एडेनोसिलकोबालामिन 
  • हाइड्रोक्सोकोबालामिन 

विटामिन बी12 क्यों जरूरी है?

विटामिन बी12 शरीर के कई जरूरी कामो के लिए आवश्यक है:

  • डीएनए संश्लेषण और कोशिका विभाजन: 

बी12 डीएनए को बनाने और मरम्मत में जरुरी भूमिका निभाता है। 

ये कोशिका विभाजन (cell division) की प्रक्रिया में मददगार है, जो शरीर की ग्रोथ और विकास के लिए आवश्यक है।

  •  रक्त कोशिका निर्माण:

बी12 लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में मदद करता है।

ये एनीमिया को रोकने में जरूरी भूमिका निभाता है।

  •  तंत्रिका तंत्र का स्वास्थ्य:

बी12 तंत्रिका कोशिकाओं के स्वास्थ्य और कार्य के लिए आवश्यक है।

ये म्यालिन आवरण (myelin sheath) के बनाने और देखभाल में मदद करता है, जो तंत्रिका संकेतों के प्रसारण में जरूरी है।

  • मेटाबॉलिज्म में भूमिका:

बी12 कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और वसा के चयापचय में मदद करता है।

ये शरीर में ऊर्जा उत्पादन के लिए जरूरी है।

  • होमोसिस्टीन के स्तर को नियंत्रित करना:

बी12 रक्त में होमोसिस्टीन के स्तर को कम करने में मदद करता है।

उच्च होमोसिस्टीन स्तर हृदय रोग और स्ट्रोक के जोखिम से जुड़ा हुआ है।

विटामिन बी12 के फायदे:

एनीमिया की रोकथाम और उपचार:

  • बी12 की कमी से होने वाले मेगालोब्लास्टिक एनीमिया को रोकता है।
  • ये स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाओं के उत्पादन को बढ़ावा देता है।

तंत्रिका स्वास्थ्य में सुधार:

  • तंत्रिका क्षति को रोकने में मदद करता है।
  • न्यूरोपैथी के लक्षणों को कम कर सकता है।
  • अल्जाइमर रोग और अन्य संज्ञानात्मक गिरावट के जोखिम को कम कर सकता है।

हृदय स्वास्थ्य:

  • होमोसिस्टीन के स्तर को कम करके हृदय रोग के जोखिम को कम करता है।
  • धमनियों में प्लाक के निर्माण को रोकने में मदद कर सकता है।

मानसिक स्वास्थ्य में सुधार:

  • अवसाद के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकता है।
  • मनोदशा और ऊर्जा के स्तर में सुधार कर सकता है।

गर्भावस्था के दौरान महत्व:

  • भ्रूण (fetus) के स्वस्थ विकास के लिए जरूरी है।
  • जन्म दोषों (birth defects) के जोखिम को कम करता है।

ऑस्टियोपोरोसिस के जोखिम को कम करना:

  • हड्डियों के स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद कर सकता है।
  • हड्डियों के घनत्व को बनाए रखने में सहायक हो सकता है।

दृष्टि स्वास्थ्य:

  • आंखों की रेटिना के स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद कर सकता है।
  • मैक्युलर डीजेनरेशन के जोखिम को कम कर सकता है।

विटामिन बी12 के स्तर को कैसे बनाए रखें?

आहार स्रोत:

  • पशु-आधारित खाद्य पदार्थ: मांस (विशेष रूप से लाल मांस), मछली, अंडे, दूध और डेयरी उत्पाद।
  • फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थ: कुछ अनाज, सोया दूध, और नट्स की दूध में बी12 मिलाया जाता है।
  • शाकाहारी स्रोत: फोर्टिफाइड न्यूट्रीशनल यीस्ट, शैवाल जैसे स्पिरुलिना (spirulina) ।

सप्लीमेंट:

  • गोलियां: दैनिक या साप्ताहिक खुराक के रूप में ली जा सकती हैं।
  • सबलिंगुअल गोलियां या स्प्रे: मुंह के नीचे रखी जाती हैं और सीधे रक्त प्रवाह में अवशोषित होती हैं।
  • इंजेक्शन: गंभीर कमी वाले लोगों के लिए डॉक्टर द्वारा दिए जाते हैं।

पाचन स्वास्थ्य का ध्यान रखना:

  • स्वस्थ आंत वातावरण बनाए रखें, जो बी12 के अवशोषण में मदद करता है।
  • प्रोबायोटिक्स का सेवन करें जो बी12 उत्पादन में मदद कर सकते हैं।

जोखिम कारकों को कम करना:

  • शराब के सेवन को सीमित करें, क्योंकि यह बी12 के अवशोषण को कम कर सकता है।
  • धूम्रपान छोड़ें, क्योंकि यह बी12 के स्तर को कम कर सकता है।

नियमित जांच:

नियमित रूप से बी12 के स्तर की जांच करवाएं, विशेष रूप से जोखिम वाले समूहों के लिए।

चिकित्सक की सलाह:

  • यदि आप शाकाहारी या वीगन आहार का पालन करते हैं, तो अपने डॉक्टर से बी12 पूरक के बारे में सलाह लें।
  • कुछ दवाएं बी12 के अवशोषण को प्रभावित कर सकती हैं, इसलिए अपने डॉक्टर से सलाह करें।

विटामिन बी12 के स्तर:

सामान्य स्तर:

  • वयस्कों में (In adults) : 200-900 पिकोग्राम प्रति मिलीलीटर (पीजी/एमएल)
  • बच्चों में : 200-1100 पीजी/एमएल
  • गर्भवती महिलाओं में: 300-1000 पीजी/एमएल

कम स्तर:

  • 200 पीजी/एमएल से कम को आमतौर पर कम माना जाता है।
  • 150 पीजी/एमएल से कम को गंभीर कमी माना जा सकता है।

उच्च स्तर:

900 पीजी/एमएल से अधिक को उच्च माना जा सकता है, लेकिन ये आमतौर पर चिंता का विषय नहीं होता।

स्तर को प्रभावित करने वाले कारक:

  • आयु
  • आहार
  • चिकित्सा स्थितियां
  • दवाएं

विटामिन बी12 की जांच कैसे की जाती है?

रक्त परीक्षण:

  • सबसे आम विधि है सीरम बी12 परीक्षण।
  • रक्त का नमूना लिया जाता है और प्रयोगशाला में विश्लेषण किया जाता है।

मेथिलमैलोनिक एसिड (MMA) परीक्षण:

  • ये एक अधिक संवेदनशील परीक्षण है जो बी12 की कार्यात्मक कमी का पता लगा सकता है।
  • MMA का स्तर बी12 की कमी में बढ़ जाता है।

होमोसिस्टीन परीक्षण:

  • होमोसिस्टीन का उच्च स्तर बी12 की कमी का संकेत हो सकता है।
  • हालांकि, ये परीक्षण विशिष्ट नहीं है क्योंकि अन्य कारक भी होमोसिस्टीन के स्तर को प्रभावित कर सकते हैं।

शिलिंग परीक्षण:

  • ये परीक्षण बी12 के अवशोषण की क्षमता को नापता है।
  • इसमें रेडियोधर्मी बी12 का उपयोग किया जाता है और मूत्र में इसकी मात्रा मापी जाती है।

लक्षण और शारीरिक परीक्षा:

  • डॉक्टर बी12 की कमी के लक्षणों की जांच कर सकते हैं, जैसे थकान, कमजोरी, या तंत्रिका संबंधी लक्षण।
  • तंत्रिका परीक्षण भी किए जा सकते हैं।

विटामिन बी12 की कमी के कारण और लक्षण:

कारण:

  • अपर्याप्त आहार सेवन (विशेष रूप से शाकाहारी और वीगन)
  • पाचन संबंधी विकार (Digestive disorders) (जैसे सीलिएक रोग, क्रोहन रोग)
  • गैस्ट्रेक्टॉमी या अन्य पेट की सर्जरी
  • परनिशियस एनीमिया (एक ऑटोइम्यून विकार)
  • बुढ़ापा
  • कुछ दवाओं का उपयोग (जैसे मेटफॉर्मिन, प्रोटन पंप अवरोधक)

लक्षण:

  • थकान और कमजोरी
  • सांस फूलना
  • चक्कर आना
  • पीली त्वचा
  • तंत्रिका संबंधी लक्षण (सुन्नता, झुनझुनी)
  • मानसिक भ्रम या अवसाद
  • मुंह या जीभ में सूजन
  • दृष्टि समस्याएं

निष्कर्ष

विटामिन बी12, जिसे कोबालामिन भी कहा जाता है, एक अत्यंत महत्वपूर्ण पोषक तत्व है जो शरीर के कई जरूरी कार्यों में भूमिका निभाता है। ये डीएनए संश्लेषण, लाल रक्त कोशिकाओं (RBC) के बनाने , तंत्रिका तंत्र (nervous system ) के स्वास्थ्य और मेटाबॉलिज्म में सहायक है। मुख्य रूप से पशु-आधारित खाद्य पदार्थों में पाया जाने वाला ये विटामिन, शाकाहारियों और वीगन लोगों में कमी का कारण बन सकता है। इसकी कमी से एनीमिया, थकान और तंत्रिका संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। स्वस्थ रहने के लिए, संतुलित आहार या सप्लीमेंट्स के मदद से पर्याप्त बी12 लेना, नियमित जांच करवाना और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना ज़रूरी है।

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