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Thyroid Kya Hota Hai? कारण, लक्षण और इलाज जानें

Thyroid

Thyroid Kya Hota Hai? कारण, लक्षण और इलाज जानें

Medically Reviewed By
Dr. Geetanjali Gupta

Written By Sheena Mehta
on Mar 29, 2025

Last Edit Made By Sheena Mehta
on Mar 29, 2025

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Thyroid Kya Hota Hai? कारण, लक्षण और इलाज जानें
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थायराइड एक तितली के आकार की ग्रंथि (ग्लैंड) होती है, जो गर्दन के सामने, गले के निचले हिस्से में होती है। यह ग्रंथि शरीर में हार्मोन और संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती है। थायराइड हार्मोन शरीर के मेटाबॉलिज्म (चयापचय) को नियंत्रित करती है, जो ऊर्जा बनाता है, शरीर का तापमान और हृदय गति को प्रभावित करता है।

जब थायराइड ग्लैंड शरीर की आवश्यकता से कम या अधिक थायराइड हार्मोन बनाता है, तो इससे कई सारी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। अगर थायराइड सही तरीके से काम नहीं करता, तो हाइपोथायरायडिज्म (Hypothyroidism) या हाइपरथायरायडिज्म (Hyperthyroidism) जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

थायराइड ग्लैंड का काम क्या है?

थायराइड ग्लैंड था मुख्य रूप से थायरोक्सिन (T4) और ट्राईआयोडोथायरोनिन (T3) नामक हार्मोन बनाती है। ये हार्मोन शरीर में कई जरूरी काम करते हैं, जैसे:

  • मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करना- शरीर में कैलोरी जलाने की दर को नियंत्रित करता है।
  • ऊर्जा उत्पादन- कोशिकाओं में ऊर्जा का निर्माण और वितरण करता है।
  • हृदय गति और रक्तचाप- हृदय की गति को संतुलित करता है और रक्त प्रवाह को नियंत्रित करता है।
  • वजन का संतुलन- शरीर का वजन बढ़ाने या घटाने में भूमिका निभाता है।
  • पाचन क्रिया- भोजन को पचाने में मदद करता है।
  • मूड और मानसिक स्वास्थ्य- दिमागी स्वास्थ्य और मूड को प्रभावित करता है।

थायराइड के प्रकार

थायराइड से संबंधित समस्याएं मुख्य रूप से दो प्रकार की होती हैं-

1. हाइपोथायरायडिज्म (Hypothyroidism)

यह स्थिति तब होती है जब थायराइड ग्लैंड पर्याप्त हार्मोन का उत्पादन नहीं करती। इसका सीधा असर शरीर के मेटाबॉलिज्म पर पड़ता है, जिससे शरीर की कार्यक्षमता धीमी हो जाती है।

हाइपोथायरायडिज्म के लक्षण

  • थकान और कमजोरी महसूस होना
  • वजन बढ़ना
  • ठंड सहन न कर पाना
  • त्वचा और बालों का सूखापन
  • डिप्रेशन और चिड़चिड़ापन
  • पाचन क्रिया में गड़बड़ी
  • मासिक धर्म में अनियमितता

हाइपोथायरायडिज्म के कारण

  • आयोडीन की कमी
  • ऑटोइम्यून डिसऑर्डर (हाशिमोटो थायरॉयडिटिस)
  • थायराइड सर्जरी या रेडियोएक्टिव आयोडीन ट्रीटमेंट
  • कुछ दवाओं के साइड इफेक्ट

2. हाइपरथायरायडिज्म (Hyperthyroidism)

यह स्थिति तब होती है जब थायराइड ग्रंथि जरूरत से ज्यादा हार्मोन का उत्पादन करती है। इससे शरीर का मेटाबॉलिज्म तेज हो जाता है और ऊर्जा का उपयोग तेजी से होने लगता है।

हाइपरथायरायडिज्म के लक्षण

  • अचानक वजन कम होना
  • दिल की धड़कन तेज होना
  • पसीना आना और गर्मी महसूस होना
  • घबराहट और बेचैनी
  • बालों का झड़ना
  • नींद में कमी
  • आंखों की समस्याएं (ग्लूकोमा)

हाइपरथायरायडिज्म के कारण

  • ग्रेव्स रोग (Graves' Disease)
  • थायराइड नोड्यूल्स (Thyroid Nodules)
  • अत्यधिक आयोडीन का सेवन
  • थायराइड की सूजन

थायराइड टेस्ट नार्मल रिपोर्ट

अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि थायराइड का सामान्य स्तर क्या होना चाहिए। थायराइड का सही स्तर जानने के लिए ब्लड टेस्ट की सलाह दी जाती है, जिससे थायराइड हार्मोन का स्तर आसानी से पता लगाया जा सकता है। आइए समझते हैं कि थायराइड का सामान्य स्तर कितना होना चाहिए: 

  • TSH (थायराइड स्टिमुलेटिंग हार्मोन): 0.4 - 4.0 mIU/L
  • T4 (थायरोक्सिन): 6.0 - 10.7 µg/dL
  • T3 (ट्राईआयोडोथायरोनिन): 100 - 200 ng/dL

यहां ध्यान रखें कि थायराइड का सामान्य स्तर कई कारकों के आधार पर अलग अलग हो सकता है जैसे लिंग, उम्र, अन्य स्वास्थ्य समस्या इत्यादि।

थायराइड की जांच कैसे की जाती है?

थायराइड की समस्याओं का पता लगाने के लिए ब्लड टेस्ट सबसे आम और सटीक तरीका है।

थायराइड जांच के मुख्य टेस्ट-

1. टीएसएच (TSH) टेस्ट: थायराइड-स्टिम्युलेटिंग हार्मोन (TSH) का स्तर मापा जाता है।

उच्च टीएसएच: हाइपोथायरायडिज्म का संकेत।

कम टीएसएच: हाइपरथायरायडिज्म का संकेत।

2. टी3 (T3) टेस्ट: ट्राईआयोडोथायरोनिन हार्मोन का स्तर जांचा जाता है।
3. टी4 (T4) टेस्ट: थायरोक्सिन हार्मोन का स्तर मापा जाता है।
4. एंटी-थायरॉइड एंटीबॉडी टेस्ट: ऑटोइम्यून विकार की पुष्टि के लिए।

थायराइड में क्या खाना चाहिए?

थायराइड की समस्या होने पर सही आहार लेना बहुत जरूरी है। सही डाइट हार्मोन संतुलन बनाए रखने में मदद करती है।

थायराइड के लिए फायदेमंद आहार-

  • आयोडीन युक्त भोजन: समुद्री मछली, दूध, दही और अंडे।
  • सेलेनियम युक्त आहार: ब्राजील नट्स, सूरजमुखी के बीज और मशरूम।
  • जिंक युक्त भोजन: कद्दू के बीज, मूंगफली और मांस।
  • फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ: साबुत अनाज, हरी सब्जियां और फल।
  • विटामिन डी: सूरज की रोशनी, फोर्टिफाइड दूध और मछली।

थायराइड में क्या नहीं खाना चाहिए?

थायराइड से पीड़ित लोगों को कुछ खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए, जो हार्मोन के उत्पादन को प्रभावित कर सकते हैं।

बचने वाले खाद्य पदार्थ

सोया उत्पाद- सोया मिल्क, टोफू और सोया प्रोटीन।
गोइट्रोजन युक्त खाद्य पदार्थ- ब्रोकोली, पत्ता गोभी और फूलगोभी।
अत्यधिक शर्करा- चीनी, मिठाई और प्रोसेस्ड फूड।
कैफीन और शराब- यह थायराइड हार्मोन के स्तर को प्रभावित कर सकते हैं।

थायराइड का इलाज कैसे किया जाता है?

थायराइड का इलाज हार्मोन स्तर को सामान्य करने के लिए किया जाता है।

हाइपोथायरायडिज्म का इलाज-

लेवोथायरोक्सिन (Levothyroxine)- यह दवा शरीर में थायराइड हार्मोन के स्तर को बनाए रखती है।
आयोडीन सप्लीमेंट- आयोडीन की कमी को पूरा करने के लिए।

हाइपरथायरायडिज्म का इलाज-

  • एंटी-थायराइड दवाएं- यह हार्मोन उत्पादन को नियंत्रित करती हैं।
  • रेडियोएक्टिव आयोडीन थेरेपी- थायराइड कोशिकाओं को नष्ट करने के लिए।
  • सर्जरी- गंभीर मामलों में थायराइड ग्रंथि को निकालना।

थायराइड से बचाव कैसे करें?

थायराइड की समस्याओं से बचने के लिए कुछ सावधानियां अपनाई जा सकती हैं:

  • आयोडीन युक्त आहार का सेवन करें।
  • तनाव से बचें और योग-ध्यान करें।
  • वजन को नियंत्रित रखें।
  • नियमित रूप से थायराइड जांच कराएं।
  • डॉक्टर की सलाह के बिना कोई दवा न लें।

थायराइड रोग के लिए फायदेमंद सुपरफूड्स

थायराइड की समस्या में सही आहार का चुनाव करना बहुत जरूरी है। । आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ प्रभावी सुपरफूड्स के बारे में:

थायराइड के लिए फायदेमंद सुपरफूड्स

नारियल- मीडियम चैन फैटी एसिड (MCFA) से भरपूर, जो मेटाबॉलिज्म तेज करता है और थायराइड को सही तरीके से काम करने में मदद करता है।

अंडे- आयोडीन और सेलेनियम का बेहतरीन स्रोत, जो थायराइड हार्मोन के उत्पादन में सहायक होता है।

ब्राजील नट्स- सेलेनियम से भरपूर, जो थायराइड हार्मोन का संतुलन बनाए रखता है और एंटीऑक्सीडेंट गतिविधि बढ़ाता है।

फलियां- फाइबर, प्रोटीन और आयरन का अच्छा स्रोत, जो थायराइड को संतुलित रखती हैं और मेटाबॉलिज्म में सुधार करती हैं।

पालक- आयोडीन और आयरन से भरपूर, जो थायराइड हार्मोन के निर्माण और ऑक्सीजन के प्रवाह में मदद करता है।

बेरीज- एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर, जो थायराइड ग्रंथि को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाती हैं और इम्यून सिस्टम मजबूत करती हैं।

निष्कर्ष

थायराइड ग्लैंड शरीर के मेटाबॉलिज्म, ऊर्जा उत्पादन और हार्मोन संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। हाइपोथायरायडिज्म और हाइपरथायरायडिज्म जैसी समस्याएं थायराइड हार्मोन के असंतुलन के कारण होती हैं। समय पर सही जांच, उचित उपचार और सही आहार से थायराइड की समस्या को नियंत्रित किया जा सकता है।

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