Quadruple Marker Test During Pregnancy What is It, When is It Done, Test Results Explained

क्वाड्रुपल परीक्षण (Quadruple Test) मुख्य रूप से एक रक्त परीक्षण है जो डॉक्टर गर्भावस्था में कराने का सुझाव देते है | यह परीक्षण चिकित्सक को गर्भ में पल रहे बच्चे के विकास से जुड़े विसंगतियाँ या जटिलताएँ के बारे में सही रूप से जानकारी देता है | आमतौर पर चिकित्सक गर्वावस्था के दूसरे तिमाही में क्वाड्रुपल परीक्षण (Quadruple Test) करने का सुझाव देते है |

Pregnancy is a very sensitive phase in a woman’s life. With the advancements in the medical field, extensive testing now allows would-be parents to prepare themselves for the arrival of their baby. Getting a quadruple marker test is a crucial part of the pregnancy journey. Don’t skip it if you wish to keep yourself updated with your baby’s growth and development in the womb.


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क्वाड्रुपल मार्कर (Quadruple Marker) परीक्षण क्या है?

क्वाड्रुपल परीक्षण (Quadruple Test) रक्त से जुड़ा एक जाँच है जो चिकित्सक गर्वावस्था के दूसरे तिमाही (2nd trimester) में कराने की सलाह देते है| इस परीक्षण में चार मुख्य कारक की जांच की जाती हैं जो की है अल्फा फेटोप्रोटीन (एएफपी), ह्यूमन कोरिओनिक गोनाडोट्रोपिन (Human chorionic gonadotropin) (एचसीजी), एस्ट्रियल, और इन्हिबीन- ए।

आमतौर पर चिकित्सक आपको यह जाँच गर्भावधि के 15-18 सप्ताह में करने का सुझाव देते है| लेकिन कभी कभी यह परीक्षण गर्भ के 22वे सप्ताह तक भी किया जा सकता है।

क्वाड्रुपल मार्कर (Quadruple Marker) परीक्षण भ्रूण के विकास संबंधी मुद्दों, स्पाइना बिफिडा जैसे न्यूरल ट्यूब दोष या डाउन सिंड्रोम जैसे गुणसूत्र (chromosomal) दोषों के साथ पैदा होने के जोखिमों की पहचान करने में मदद करती है।

आपके क्वाड्रुपल परीक्षण (Quadruple test) के परिणाम में जोखिम कम (quadruple test results low risk) है या ज्यादा, यह निर्धारित करता है आपके चिकित्सक आपको  कोई अन्य परीक्षण करने की सलाह देते है या नहीं| 

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क्वाड्रुपल मार्कर (Quadruple Marker) परीक्षण क्यों किया जाता है?

क्वाड्रुपल मार्कर (Quadruple Marker) परीक्षण का चलन काफी लंबे समय से है| गर्वावस्था में यह परीक्षण बहुत ही महत्वपूर्ण रक्त परीक्षण माना जाता है क्योंकि यह होने वाले माता-पिता को ये जानने में मदद करता है की कहि गर्भ में पल रहा बच्चा किसी विकास सम्बन्धी विकारता से तो पीड़ित नहीं है| 
क्वाड्रुपल मार्कर (Quadruple Marker) परीक्षण बच्चे के विकास संबंधित विकारता के चार महत्वपूर्ण कारणों के बारे में अनुमान लगाने में मदद करता है| जो है:-

कारण यह क्या है?
डाउन सिंड्रोम यह एक गुणसूत्र (Chromosome) दोष है जो बच्चे के विकास और बौद्धिक क्षमताओं को नुकशान पहुँचता है|
ट्राइसॉमी 18 यह एक घातक गुणसूत्र (Chromosome) विकार है जो नवजात बच्चे के शारीरिक विकास को बदल देता है| इससे पीड़ित बच्चे जन्म के एक साल तक ही जीवित रह पाते है| 
स्पाइना बिफिडा यह एक न्यूरल ट्यूब दोष है जिससे बच्चे की रीढ़ की हड्डियों का विकास नहीं हो पता है
एब्डोमिनल वॉल डिफेक्ट्स इस विकारता में पेट के अंगों में फैलाब हो जाता है

 ऊपर लिखे विसंगतियों के परीक्षण के साथ साथ आपके चिकित्सक आपको क्वाड्रुपल मार्कर (Quadruple marker) परीक्षण का सुझाव निम्लिखित कारणों की वजह से भी  दे सकते है जो की है

  • आप की उम्र 35 साल या उससे अधिक है      
  • आपने पहले किसी ऐसे बच्चे को जन्म दिया है जो जन्मजात दोषों से पीड़ित है
  • आपको डायबिटीज या इन्सुलिन संबंधित कोई समस्या है
  • गर्भावस्था के आपको कोई वायरल संक्रमण हुआ है
  • आप कुछ हानिकारक दवाओं का निमयत रूप से सेवन कर रही हैं या गर्भवती होने के बावजूद ड्रग्स का सेवन कर रही हैं

इन कारकों के आधार पर, चिकित्सक गर्भ में पल रहे बच्चे से जुड़े विकास संबंधित जटिलताओं का आकलन करेंगे और फिर उसके अनुसार समस्याओं का समाधान करेंगे।

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क्वाड्रुपल मार्कर (Quadruple Marker) परीक्षण किन कारकों की जांच करता है?

जैसा कि पहले हमने संक्षेप में चर्चा किया है, क्वाड मार्कर (Quad marker) परीक्षण चार अलग-अलग कारणों की जांच करता है।

कारक से उत्पन्न क्वाड मार्कर (Quad Marker) परिणामों
अल्फा- फेटोप्रोटीन (एएफपी)

सामान्य स्तर: 10-150 एनजी/एमएल (15-18 सप्ताह)

बच्चे का लिवर
  • उच्च स्तर बच्चे में न्यूरल ट्यूब दोष के होने का संकेत देते हैं
  • निम्न स्तर डाउन सिंड्रोम की संभावनाओं का संकेत देते हैं।
  • एकाधिक गर्भधारण की संभावना को भी दर्शाता है।
ह्यूमन कोरियोनिक गोनाडोट्रोपिन (human chorionic gonadotropin) (एचसीजी)

सामान्य स्तर: 13,300-254,000 एमआईयू/एमएल (13-16 सप्ताह) से 4,060–165,400 एमआईयू/एमएल (17-24 सप्ताह)

प्लेसेंटा उच्च स्तर डाउन सिंड्रोम की संभावनाओं को दर्शाता हैं।
अनकंजगेटेड एस्ट्रियल (unconjugated estriol)

सामान्य स्तर: ≤2.50 एनजी/एमएल (पहली तिमाही) और ≤9.60 एनजी/एमएल (दूसरी तिमाही)

बेबी और प्लेसेंटा निम्न स्तर डाउन सिंड्रोम की संभावनाओं का संकेत देते हैं।

 

इन्हीबीन-ए

सामान्य स्तर: 180 पीजी प्रति मिलीलीटर (15 सप्ताह)

प्लेसेंटा और अंडाशय उच्च स्तर डाउन सिंड्रोम की संभावनाओं को दर्शाता हैं।

 क्वाड्रुपल परीक्षण का सामान्य स्तर (Quadruple test normal values), निन्म या उच्च स्तर, ऊपर लिखे किसी भी विकारता की पुस्टि नहीं करता है| इस परीक्षण के परिणाम के बाद इन विकारता की जोखिम को समझने के लिए चिकित्सक कुछ अन्य जांच करवाने का सुझाव दे सकते है|

नोट- जिस तरह एक सकारात्मक क्वाड्रुपल परीक्षण (Quadruple test normal values) यह सुनिश्चित नहीं करती है कि एक बच्चा डाउन सिंड्रोम या न्यूरल ट्यूब दोष से पीड़ित होगा, ठीक उसी तरह एक नकारात्मक स्क्रीनिंग इस बात की गारंटी नहीं देती है कि बच्चा इन जटिलताओं से भी पूरी तरह से सुरक्षित होगा।

इस परिणाम के बाद चिकित्सक कुछ अन्य परीक्षण की सलाह देते है जो इन जोखिमों के बारे में अतिरिक्त जानकारी दे सकता हैं और साथ ही उसके निदान को अंतिम रूप दे सकता हैं।

क्वाड्रुपल परीक्षण (Quadruple Test)  कैसे किया जाता है?

क्वाड्रुपल परीक्षण (Quadruple Test) एक साधारण रक्त परीक्षण है जिस में लैब टेक्नीशियन मरीज़ के नस से रक्त निकाल कर उसका जांच करते है|

यह परीक्षण माँ और बच्चा दोनों के लिए पूरी तरह से सुरक्षित है| इसके अलावा, इस परीक्षण के लिए माँ को किसी भी विशेष प्रकार की तैयारी की आवश्यकता नहीं है। मां खाने के बाद या दवा लेने के बाद भी अपना खून जांच के लिए दे सकती है। इस में परीक्षण के समय पर भी कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है।

असामान्य क्वाड्रुपल परीक्षण (Quadruple Test) से मैं क्या उम्मीद कर सकता हूं?

एक सामान्य क्वाड्रुपल परीक्षण (Quadruple test normal values) का मतलब है कि भ्रूण के जन्मजात अक्षमताओं के साथ पैदा होने की संभावना कम है। वहीं क्वाड्रुपल मार्कर (Quadruple marker) परीक्षण के निन्म स्तर का मतलब (quadruple marker test low risk means) है की होने वाले बच्चे में गुणसूत्र (chromosomal) दोष, विकासात्मक दोष और अन्य संबंधित जटिलताओं की उच्च संभावना है।

यदि क्वाड्रुपल मार्कर (Quadruple Marker) के परीक्षण का परिणाम असामान्य हैं, तो डॉक्टर विकासशील भ्रूण में जन्म दोषों के संभावित जोखिमों के बारे में जानने के लिए आगे आनुवंशिक (genetic) जांच और प्रयोगशाला परीक्षण का सुझाव दे सकते है|

कभी-कभी, एक असामान्य क्वाड्रुपल मार्कर (Quadruple marker) परीक्षण यह इशारा करती है कि भ्रूण अनुमानित गर्भ से बड़ा है। और फिर रिपोर्ट के स्तर के आधार पर, डॉक्टर बच्चे के जन्म से पहले उसकी जटिलताओं का पता लगाने के लिए अल्ट्रासाउंड, प्रसवपूर्व कोशिका मुक्त डीएनए स्क्रीनिंग या एमनियोसेंटेसिस (amniocentesis) का सुझाव दे सकते हैं।

भारत में क्वाड्रुपल मार्कर (Quadruple Marker) परीक्षण की कीमत क्या है?

भारत में क्वाड्रुपल मार्कर परीक्षण (quadruple marker test in India) की कीमत आम तौर पर Rs. 1,600/- से शुरू होती है। लेकिन परीक्षण की कीमतें उस शहर या प्रयोगशाला के आधार पर अधिक हो सकती हैं जिसमें आप परीक्षण करवा रहे हैं।

निष्कर्ष

गर्भवती होना माता-पिता के लिए एक रोलर-कोस्टर की सवारी जैसा है। हालाँकि, बच्चे के जन्म से पहले बेहतर तैयारी के लिए गर्भावस्था के दौरान संभावित जोखिमों के बारे में सूचित किया जाना बेहतर है। और एक क्वाड मार्कर (Quad Marker) स्क्रीनिंग माता-पिता और डॉक्टरों को होने वाले बच्चे के विकास से सम्बंधित हर संभावित जोखिम और जटिलता के बारे में जानकारी देता है जो नवजात शिशु के जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती है। 

तो  यदि आपके चिकित्सक ने आपको क्वाड्रुपल मार्कर (quadruple marker) परीक्षण कराने का सुझाव दिया है, तो इसे अपनी सुरक्षा और अपने बच्चे की भलाई के लिए भी करवाएँ। भारत में क्वाड्रुपल परीक्षण का स्तर (quadruple marker test value in India) मापने के लिए चिकित्सक आपको समान्तः 15वे से 18वे सप्ताह में रक्त जांच कराने का सुझाव देते हैं| 

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Prekshi Garg is a young, dynamic, energetic, and meritorious professional biotechnologist. She is a merit rank holder in her post-graduation and a skilled bioinformatician with great zeal to do her best in neurosciences. She is currently working in the area of Neurotranscritomics dealing with neurodevelopmental and neurodegenerative disorders. She has presented many papers at different scientific forums and is awarded ‘Representing the Institution in Scientific Events’ citation by Amity University Uttar Pradesh and Top position in Student Assistantship Program held at Amity University in addition to awards won for oral presentations in different scientific deliberations. Prekshi has published a good number of papers and book chapters during the start of her academic career itself. Her tremendous skills and knowledge make her a good blend of biotechnology and bioinformatics.

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2 replies on “क्वाड्रुपल परीक्षण (Quadruple Test) क्या है? और इसे क्यों कराना चाहिए?”

  • Avatar
    Renu Khandelwal
    November 8, 2023 at 9:00 am

    Hii… mere quad marker trisomy 21 . 1:115 aaya h ab mere NIPT hua h to vo sahi aajata h kya

    • Avatar
      November 17, 2023 at 5:49 pm

      Quad marker screening suggests a 1:115 risk for trisomy 21. NIPT is more accurate; consult your healthcare provider for results and guidance.

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