टोमैटो फ्लू: अब बच्चों को अपनी चपेट में ले रहा है टोमैटो फ्लू, जानें लक्षण और जरूरी सावधानी

टोमैटो का बुखार कॉक्ससैकीवायरस (coxsackievirus) ए-6 और ए-16 के कारण होता है। इस वायरस के संक्रमण से कुछ न्यूरोलॉजिकल लक्षण (neurological symptoms) हो सकते हैं। टोमैटो फीवर से एन्सेफलाइटिस (encephalitis) (मस्तिष्क संक्रमण) भी हो सकता है।

99.9 प्रतिशत मामलों में रोग अपने आप ठीक हो जाता है। कुछ मामलों में, यह केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (Central nervous system) की समस्याएं पैदा कर सकता है। टोमैटो के दाने आमतौर पर जीभ, मसूड़ों, गालों के अंदर, हथेलियों और तलवों पर होते हैं। कई लोगों के पास यह नाखूनों के नीचे भी होता है।

केंद्र सरकार की रिपोर्ट का दावा है कि टोमैटो फ्लू (tomato flu) का कोरोनावायरस, डेंगू, चिकनगुनिया और मंकीपॉक्स से कोई संबंध नहीं है। रिपोर्टों से पता चला है कि टोमैटो फ्लू (tomato flu) एक आत्म-सीमित बीमारी है जो मुख्य रूप से 1 से 10 वर्ष की आयु के छोटे बच्चों और कमजोर प्रतिरक्षा (weakened immunity) वाले वयस्कों को लक्षित कर रही है।

भारत ने चार अलग-अलग राज्यों – हरियाणा, ओडिशा, केरल और तमिलनाडु में 100 से अधिक टमाटर फ्लू (tomato flu) के मामले दर्ज किए। ज्यादातर मामले 1-9 साल की उम्र के बच्चों में होते हैं। हालांकि चार उल्लिखित राज्यों को छोड़कर कोई अन्य क्षेत्र प्रभावित नहीं है। रिपोर्टों से पता चलता है कि यह हाथ, पैर और मुंह की बीमारी (HFMD) का एक रूप है।

अब तक इस बीमारी के लिए कोई विशिष्ट दवा नहीं है, चिकनगुनिया और डेंगू की दवाओं के विभिन्न संयोजनों के साथ इसका इलाज किया जा रहा है। हालांकि केंद्र द्वारा दी गई सलाह में रोकथाम के लिए स्वच्छता पर जोर दिया गया है ।

हाल ही में किये गए अध्ययन (The Lancet study) से पता चलता है कि कोरोनावायरस और मंकीपॉक्स के बाद, भारत में टमाटर फ्लू (tomato flu) चलन में है क्योंकि मई 2022 से भारत में टोमैटो फ्लू (tomato flu) या टोमैटो बुखार (tomato fever) के लगभग 82 मामले सामने आए हैं। केरल में 6 मई 2022 को टोमैटो वायरस (tomato flu) का पहला मामला दर्ज किया गया।

हाल ही में किये गए अध्ययन (The Lancet study) में कहा गया है कि यह सामान्य संक्रामक रोग आमतौर पर एक से पांच वर्ष की आयु के बच्चों और कमजोर प्रतिरक्षा वाले वयस्कों को लक्षित करता है। अध्ययन में दावा किया गया है टोमैटो फ्लू (tomato flu) बीमारी मुंह, हाथ और पैर को प्रभावित करती है।

टोमैटो फ्लू के कारण और लक्षण (Causes and symptoms of tomato fever)

टोमैटो फ्लू (tomato flu) वायरस के कारण होता है लेकिन इसके सटीक कारण का अभी पता नहीं चल पाया है। यह एक वायरल संक्रमण (viral infection) है जो संक्रमित बच्चों से दूसरे बच्चों में फैल सकता है। छूने, साथ बैठने और खेलने से भी यह रोग फैल सकता है।

टोमैटो फ्लू (tomato flu) के लक्षण कुछ-कुछ अन्य वायरल इंफेक्शन (Viral Infection) जैसे ही होते हैं। शरीर में दर्द,कमजोरी महसूस होना और स्किन पर रैशेज होना भी इसके लक्षणों की गिनती में आता है। अपने नाम की ही तरह टॉमेटो फ्लु (tomato flu) होने पर त्वचा की सतह पर टमाटर जैसे लाल फोड़े (Blisters) निकलने लगे हैं। शरीर के अलग-अलग हिस्से पर होने वाले ये चकत्ते (rashes) कुछ दिनों बाद खुद-ब-खुद ठीक होने लगते हैं।

शुरूआत में टोमैटो फ्लु (tomato flu) या टोमैटो फीवर (Tomato Fever) होने पर बुखार आने लगता है, खाने – पिने की इच्छा नहीं होती, साथ ही छाले हो सकते हैं जो जीभ, मसूड़े, गाल, तलवों और हथेली पर दिखाई देने लगते हैं।

अधिसूचना के मुताबिक टोमैटो फ्लु (tomato flu) हैंड फूट एंड माउथ डिजीज (Hand foot and mouth disease) का क्लीनिकल वैरिएंट है। स्कूल जाने वाले बच्चों को अधिकतर टोमैटो फ्लु (tomato flu) अपनी चपेट में लेता है।

बुखार आना, शरीर में तेज दर्द होना, अत्यधिक थकान महसूस होना, डिहाइड्रेशन (dehydration), त्वचा पर लाल धब्बे होना, मुंह के छाले, पेट में ऐंठन, जी मिचलाना, उल्टी – दस्त, खांसी-जुकाम और जोड़ों में दर्द यह सभी टमाटर वायरस (tomato virus) के सबसे आम लक्षण हैं। जोड़ों का दर्द का होना और शरीर में दर्द व खिचाव होना टोमैटो के वायरस से संक्रमित (infected) व्यक्ति को आसानी से चलने-फिरने में दिक्कत (problem in walking) होती है।

टमाटर फ्लू का निदान कैसे किया जा सकता है (How tomato flu can be diagnosed?)

यहां सूचीबद्ध लक्षणों वाले मरीजों को जीका वायरस (Zika virus), चिकनगुनिया (Chikungunya) और डेंगू (Dengue) के निदान के लिए आणविक और सीरोलॉजिकल परीक्षणों (molecular and serological tests) से गुजरना चाहिए।

टमाटर बुखार को कैसे रोकें (how to prevent tomato fever)

  • खूब पानी पिएं और जितना हो सके तरल पदार्थों (drink fluids) का सेवन करें
  • बच्चे के आसपास साफ-सफाई (cleanliness) का ध्यान रखना जरूरी है
  • अगर आपको शरीर पर छाले दिखाई दें तो उन्हें छूने से बचें, ऐसे में डॉक्टर से सलाह लें और दूरी बनाए रखें
  • बच्चों को सभी टीके vaccines) लगवाने चाहिए ताकि ऐसी बीमारियों का खतरा न रहे
  • कमजोर इम्युनिटी (weak immunity) वाले लोगों को विशेष उपाय करने चाहिए। उन्हें स्वस्थ आहार लेना चाहिए और खुद को स्वस्थ रखने की कोशिश करनी चाहिए।
  • टोमैटो फ्लू के लिए ज्ञात उपचार चिकनगुनिया और डेंगू के उपचार के समान लगता है। मरीजों को आराम से अलग रहने, हाइड्रेटेड रहने और बहुत सारे तरल पदार्थ (drink fluids) पीने की सलाह दी जाती है।

टोमैटो फ्लु से सावधानियां (Precautions from Tomato Flu)

  • टोमैटो बुखार (Tomato fever) का छोटे बच्चों में ज्यादा फैलने का एक कारण यह भी है कि उनका हर चीज को मुंह में लेना भी है
  • संक्रमित (infected) और गंदी चीजें (dirty things) बच्चों (Children) की इस आदत की वजह से उन्हें टॉमेटो बुखार (Tomato fever) से पीड़ित कर सकते हैं। अतः कोशिश करें कि बच्चे (children) अपने खिलौने, कपड़े खाना आदि संक्रमित बच्चों (infected children) से शेयर ना करें
  • इससे बचाव के लिए साफ-सफाई रखना बेहद जरूरी है, चीजों को सैनिटाइज (sanitized) करते रहना चाहिए
  • इंफेक्शन (Infection) हो जाने पर अलग रहना, गर्म पानी में स्पोंज (sponge) डुबाकर शरीर की सफाई करना जरूरी है

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ’s)

#1. टोमैटो का बुखार कितने समय तक रहता है? (How long does tomato fever last?)

टोमैटो फीवर (tomato fever) या इसके लक्षण एक सप्ताह तक दिखाई दे सकते है। इसमें 5-7 दिन तक का समय लग सकता है। बच्चों को उचित स्वच्छता के बारे में बार-बार बताया जाना चाहिए। ऐसा करने से आप अपने बच्चे को टोमैटो फीवर के चपेट में आने से बचा सकते है।

#2. टोमैटो फ्लू के मुख्य लक्षण क्या हैं? (What are the main symptoms of tomato flu?)

बच्चों में “टोमैटो फ्लू” के प्राथमिक लक्षण चिकनगुनिया के समान होते हैं। इन लक्षणों में रैशेज, जोड़ों में तेज दर्द, तेज बुखार, थकान, उल्टी, जी मिचलाना, डिहाइड्रेशन, शरीर में दर्द और दस्त शामिल हैं। सामान्य इन्फ्लूएंजा जैसे लक्षण बच्चों में भी डेंगू में प्रदर्शित होने वाले लक्षणों के समान ही देखे जाते हैं।

#3. क्या टोमैटो बुखार संक्रामक है? (Is Tomato Fever Contagious?)

हाँ टोमैटो बुखार एक संक्रामक रोग है। इस बीमारी ने एक महत्वपूर्ण छलांग लगा दी, क्योंकि 5 साल से कम उम्र के 82 बच्चों को अब देश भर में इस अत्यधिक संक्रामक वायरस से पता चला है। हाथ पैर मुंह रोग (एचएफएमडी) के रूप में भी जाना जाता है, टोमैटो बुखार अब स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए चिंता का कारण बन गया है क्योंकि यह बच्चों में तेजी से फैलता है।

#4. क्या वयस्कों को टोमैटो बुखार हो सकता है? (Can adults get tomato fever?)

केरल ने 6 मई, 2022 को टोमैटो वायरस के पहले मामले की सूचना दी। एक अध्ययन में कहा गया है कि यह सामान्य संक्रामक रोग आमतौर पर एक से पांच वर्ष की आयु के बच्चों और कमजोर प्रतिरक्षा वाले वयस्कों को लक्षित करता है। अध्ययन में दावा किया गया है कि यह बीमारी मुंह, हाथ और पैर को प्रभावित करती है।

#5. टोमैटो बुखार को ठीक करने का सबसे तेज़ तरीका क्या है? (What is the fastest way to cure tomato fever?)

वायरस के संपर्क में आने वाले बच्चों को हाइड्रेटेड रहने के लिए खूब उबाला हुआ पानी पीना चाहिए। फफोले और चकत्ते को खरोंचना नहीं चाहिए। स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण बनाए रखें। गर्म पानी से शरीर को साफ करें या स्नान करें। ऐसा करने से यह बीमारी जल्दी तक हो सकती है।

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Prekshi Garg is a young, dynamic, energetic, and meritorious professional biotechnologist. She is a merit rank holder in her post-graduation and a skilled bioinformatician with great zeal to do her best in neurosciences. She is currently working in the area of Neurotranscritomics dealing with neurodevelopmental and neurodegenerative disorders. She has presented many papers at different scientific forums and is awarded ‘Representing the Institution in Scientific Events’ citation by Amity University Uttar Pradesh and Top position in Student Assistantship Program held at Amity University in addition to awards won for oral presentations in different scientific deliberations. Prekshi has published a good number of papers and book chapters during the start of her academic career itself. Her tremendous skills and knowledge make her a good blend of biotechnology and bioinformatics.

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