Mulethi ke Fayde: सेहत, पाचन, गला और इम्यूनिटी के लिए फायदे

Medically Reviewed By
Dr. Mayanka Lodha Seth
Written By Sheena Mehta
on Dec 10, 2025
Last Edit Made By Sheena Mehta
on Dec 10, 2025

मुलेठी, जिसे इंग्लिश में Licorice कहा जाता है, आयुर्वेद की उन दुर्लभ जड़ी-बूटियों में से एक है जिसका उपयोग हजारों सालों से औषधि के रूप में किया जा रहा है। इसकी जड़ प्राकृतिक मिठास, सुगंध और औषधीय गुणों के कारण बेहद प्रसिद्ध है। खांसी, गले की खराश, सांस संबंधी समस्याएँ, पाचन और त्वचा, हर जगह मुलेठी बेहद प्रभावी मानी जाती है।
इस ब्लॉग में हम विस्तार से जानेंगे कि मुलेठी क्या है, इसके फायदे, उपयोग, शरीर पर इसके प्रभाव, सेवन का सही तरीका और सावधानियाँ क्या हैं।
मुलेठी क्या है?
मुलेठी एक औषधीय पौधा है जिसकी जड़ का उपयोग आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी में व्यापक रूप से किया जाता है। इसकी जड़ ग्लाइसीर्रिज़िन नामक कंपाउंड से भरपूर होती है, जो इसे प्राकृतिक मिठास और औषधीय शक्ति देता है।
मुलेठी में पाए जाने वाले मुख्य पोषक तत्व:
- ग्लाइसीर्रिज़िन
- फ्लेवोनॉयड्स
- कैल्शियम
- फॉस्फोरस
- पोटैशियम
- एंटीऑक्सीडेंट्स
- एंटी-इंफ्लेमेटरी कंपाउंड्स
मुलेठी के 12 शक्तिशाली फायदे (Mulethi ke Fayde)
1. खांसी और गले की खराश में फायदेमंद
मुलेठी को प्राकृतिक कफ-निस्सारक (कफ निकालने वाली दवा/expectorant) माना जाता है। यह:
- गले की सूजन कम करती है
- कफ को पतला करके बाहर निकालने में मदद करती है
- सूखी और पुरानी खांसी में राहत देती है
इसलिए इसे काढ़े, चाय और लोज़ेंज में इस्तेमाल किया जाता है।
2. इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाए
मुलेठी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर को संक्रमणों से बचाते हैं। नियमित हल्का सेवन:
- वायरस और बैक्टीरिया से लड़ने में मदद करता है
- शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है
- सर्दी-जुकाम के मौसम में यह बहुत उपयोगी है।
3. सांस संबंधी समस्याओं में राहत
मुमुलेठी का एक बड़ा फायदा यह है कि यह श्वसन तंत्र (Respiratory System) को मजबूत बनाती है। यह:
- दमा (Asthma)
- ब्रोंकाइटिस
- साइनस कंजेशन
- एलर्जी संबंधी सांस की समस्याओं में राहत देने में सहायक होती है।
4. पाचन शक्ति को सुधारती है
मुलेठी पेट से जुड़ी कई समस्याओं में फायदेमंद है। यह:
- एसिडिटी कम करती है
- गैस और पेट दर्द में राहत देती है
- अल्सर को शांत करती है
- आंतों की सूजन कम करती है
मुलेठी का पानी या पाउडर पाचन तंत्र पर शान्तिदायक (soothing) प्रभाव डालता है।
5. तनाव और मानसिक थकान कम करे
मुलेठी में एडैप्टोजन (Adaptogen) गुण होते हैं, जो तनाव को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। यह:
- मानसिक थकावट को कम करती है
- मूड को बेहतर बनाती है
- दिमाग को शांत करती है।
6. वजन घटाने में मदद कर सकती है
मुलेठी के एंटी-इंफ्लेमेटरी और डिटॉक्स गुण शरीर से अतिरिक्त फैट कम करने में सहायक माने जाते हैं। मुलेठी:
- भूख को नियंत्रित करती है
- पाचन को सुधारती है
- शरीर की सफाई (detoxification) करती है
इससे वजन कम करने की प्रक्रिया तेज हो सकती है।
7. लीवर की सुरक्षा (Liver Detox)
मुलेठी जिगर को टॉक्सिन्स से बचाती है और उसे मजबूत बनाती है। यह हेपेटाइटिस में भी सहायक हर्ब्स में गिनी जाती है।
8. त्वचा के लिए बेस्ट नेचुरल हर्ब
मुलेठी की त्वचा पर ये खूबियाँ हैं:
- दाग-धब्बे हल्के करती है
- त्वचा की जलन शांत करती है
- पिगमेंटेशन (pigmentation) कम करती है
- त्वचा को ब्राइट और ग्लोइंग बनाती है
कई क्रीम और फेस मास्क में इसका उपयोग किया जाता है।
9. पेट के अल्सर में राहत
मुलेठी की जड़ आंतों की सूजन और पेट के अल्सर को शांत करके उनकी उपचार प्रक्रिया (healing) में मदद करती है।
10. बालों के लिए लाभदायक
मुलेठी:
- बालों का झड़ना कम करती है
- रूसी से राहत देती है
- बालों की जड़ों को मजबूत बनाती है
इसे तेल या हेयर मास्क में मिलाकर लगाया जाता है।
11. हार्मोन संतुलन में मदद
कई शोधों के अनुसार, मुलेठी महिलाओं में PMS और हार्मोनल असंतुलन को कम करने में सहायक हो सकती है।
12. सूजन और दर्द में राहत
इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण शरीर के जोड़ों (joints) और मांसपेशियों (muscles) में सूजन और दर्द को कम करते हैं।
मुलेठी का उपयोग कैसे करें? (How to Use Mulethi)
- चाय के रूप में
गले और खांसी के लिए सबसे आम तरीका यह है| 1 कप पानी में छोटी मुलेठी की जड़ उबालकर पी सकते हैं। - मुलेठी पाउडर
आधा चम्मच मुलेठी पाउडर गुनगुने पानी के साथ, काढ़े में या शहद के साथ लिया जा सकता है। - मुलेठी का काढ़ा
खांसी और सर्दी के लिए पारंपरिक तरीका है। - त्वचा के लिए
मुलेठी पाउडर और गुलाब जल को मिलाकर फेस मास्क की तरह लगाया जाता है। - बालों में
मुलेठी पाउडर और दही को मिलाकर स्कैल्प पर लगाने से बाल मजबूत होते हैं।
मुलेठी सेवन की मात्रा (Dosage)
सामान्य वयस्कों के लिए:
- मुलेठी पाउडर: 1–2 ग्राम प्रति दिन
- मुलेठी चाय: दिन में 1–2 बार
गर्भवती और ब्लड प्रेशर वाले लोग बिना डॉक्टर की सलाह के सेवन न करें।
मुलेठी के नुकसान (Side Effects)
अधिक मात्रा में खाने से:
- ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है
- शरीर में पानी की कमी हो सकती है
- सिरदर्द हो सकता है
- कमजोरी महसूस हो सकती है
- हार्ट से जुड़ी समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं
इसे सीमित मात्रा में ही सेवन करना चाहिए।
किन लोगों को मुलेठी नहीं खानी चाहिए?
- हाई BP वाले मरीज
- गर्भवती महिलाएँ
- किडनी मरीज
- हार्ट प्रॉब्लम वालों को
चिकित्सक की सलाह जरूरी है।
निष्कर्ष
मुलेठी एक शक्तिशाली आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है, जिसके अनगिनत फायदे हैं। खांसी, गला, पाचन, त्वचा, बाल और संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए यह बेहद उपयोगी है। लेकिन ध्यान रखें, किसी भी प्राकृतिक औषधि का अधिक सेवन नुकसान भी पहुंचा सकता है। उचित मात्रा में, नियमित और सही तरीके से सेवन करने पर मुलेठी शरीर को कई प्रकार से लाभ पहुंचाती है।
FAQs (मुलेठी से जुड़े सामान्य प्रश्न)
1. मुलेठी क्या है और इसका उपयोग क्यों किया जाता है?
मुलेठी एक आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है जिसकी जड़ को औषधीय रूप में इस्तेमाल किया जाता है। यह खांसी, गले की खराश, पाचन, तनाव, त्वचा और सांस संबंधी समस्याओं में राहत देने के लिए जानी जाती है।
2. क्या मुलेठी रोजाना खा सकते हैं?
हाँ, लेकिन केवल सीमित मात्रा में। रोज़ 1–2 ग्राम सेवन सुरक्षित माना जाता है। ज़रूरत से ज्यादा सेवन ब्लड प्रेशर बढ़ा सकता है, इसलिए सावधानी आवश्यक है।
3. मुलेठी खांसी के लिए कैसे फायदेमंद है?
मुलेठी गले की सूजन कम करती है, कफ को पतला करती है और सूखी खांसी में राहत देती है। इसे चाय, काढ़ा या गरम पानी में उबालकर लिया जा सकता है।
4. क्या मुलेठी वजन घटाने में मदद करती है?
हाँ, इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी और डिटॉक्स गुण शरीर से टॉक्सिन्स को हटाने और पाचन को सुधारने में मदद करते हैं, जिससे वजन कम करने में सहारा मिल सकता है।
5. हाई BP वाले लोग क्या मुलेठी खा सकते हैं?
नहीं। मुलेठी ब्लड प्रेशर बढ़ा सकती है, इसलिए हाई BP मरीजों को इसका सेवन नहीं करना चाहिए।
6. क्या मुलेठी बालों के लिए अच्छी है?
हाँ, मुलेठी बालों की जड़ों को मजबूत करती है, रूसी कम करती है और हेयर फॉल में राहत देती है। इसे दही या तेल में मिलाकर लगाया जा सकता है।
7. क्या मुलेठी डायबिटीज में उपयोगी है?
मुलेठी की प्राकृतिक मिठास ब्लड शुगर नहीं बढ़ाती, लेकिन डायबिटीज मरीजों को इसे डॉक्टर की सलाह से ही लेना चाहिए।
8. क्या बच्चों को मुलेठी दे सकते हैं?
हल्का और सीमित सेवन (जैसे मुलेठी वाली चाय) दिया जा सकता है, लेकिन नियमित सेवन डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं करना चाहिए।



