heart test

हृदय परीक्षण (cardiac tests) किसी भी कोरोनरी हृदय रोग (coronary heart disease), परिधीय धमनी रोग (peripheral artery disease), सेरेब्रोवास्कुलर रोग (cerebrovascular disease), आमवाती हृदय रोग (rheumatic heart disease), गहरी शिरा घनास्त्रता (deep vein thrombosis), जन्मजात हृदय रोग (congenital heart disease), फुफ्फुसीय अन्त: शल्यता (pulmonary embolism), और हृदय (heart) और रक्त वाहिकाओं (blood vessels) से संबंधित अन्य विकारों का पता लगाने के लिए किए गए नैदानिक परीक्षण हैं। इस लेख में हृदय स्वास्थ्य के निदान और निगरानी के लिए उपयोग किए जाने वाले विभिन्न हृदय परीक्षण के नाम (heart test name) और अलग अलग किये जाने वाले परीक्षणों के बारे में पढेंगे।

हृदय रोग के लिए परीक्षण (tests for heart disease)

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, 2016 में दुनिया भर में 17.9 मिलियन लोगों की हृदय रोगों से मृत्यु हुई। वर्ष 2016 में भारत में लगभग 63% मौतें गैर-संचारी रोगों (non-communicable diseases) के कारण हुईं, जिनमें से 27% हृदय रोगों (heart disease) के कारण हुईं। हृदय संबंधी विकारों (heart related disorders) की निगरानी और निदान (diagnosis & treatment) के लिए उपयोग किए जाने वाले विभिन्न हृदय परीक्षणों (cardiac tests) में कई रक्त परीक्षण (blood test), आक्रामक (invasive test)और गैर-आक्रामक परीक्षण (non-invasive testing) शामिल हैं।

रक्त परीक्षण (Blood Tests)

हृदय की मांसपेशियों (heart muscle) को नुकसान होने की स्थिति में, कुछ पदार्थ आपके रक्त में स्रावित (secrete) होते हैं, जिसके स्तर से डॉक्टरों को हृदय रोगों का निदान (diagnose heart disease) करने और क्षति के स्तर का मूल्यांकन करने में मदद मिल सकती है। हृदय रोगियों के लिए अनुशंसित रक्त परीक्षण के नाम (recommended heart test name) हैं:

#1. लिपिड प्रोफाइल (Lipid profile)

लिपिड प्रोफाइल टेस्ट (lipid profile test) में कुल कोलेस्ट्रॉल स्तर (cholesterol levels), उच्च घनत्व वाले लिपोप्रोटीन (एचडीएल या अच्छा कोलेस्ट्रॉल), कम घनत्व वाले लिपोप्रोटीन (एलडीएल या खराब कोलेस्ट्रॉल), और ट्राइग्लिसराइड्स (triglycerides ) जैसे विभिन्न महत्वपूर्ण मापदंडों (important parameters) की गणना शामिल है।

#2. लिपोप्रोटीन (ए) (एलपी (ए)) [Lipoprotein (a) {Lp(a)}]

लिपोप्रोटीन (ए) एक प्रोटीन के साथ संयुग्मित लिपिड (conjugated lipid) है। लिपोप्रोटीन का स्तर आपके जीन द्वारा निर्धारित किया जाता है और किसी बाहरी कारक से प्रभावित नहीं होता है।

#3. सी-रिएक्टिव प्रोटीन (सीआरपी)

सी-रिएक्टिव प्रोटीन (C reactive protein) आपके शरीर में किसी भी प्रकार के संक्रमण (infection) या चोट की प्रतिक्रिया (reaction) के रूप में निर्मित होता है। रक्त परीक्षण रिपोर्ट (Blood test reports) और संभावित हृदय रोग (possible heart disease) के जोखिम कारक आपके हृदय के स्वास्थ्य का निर्धारण करने में मदद करते हैं।

#4. होमोसिस्टीन  (Homocysteine)

होमोसिस्टीन  (homocysteine), प्रोटीन के उत्पादन में शामिल एक महत्वपूर्ण पैरामीटर है जो आपके शरीर के ऊतकों (tissues) को बनाए रखता है। आपके शरीर में होमोसिस्टीन  (homocysteine) का उच्च स्तर हृदय रोग (heart disease) और स्ट्रोक (stroke) के जोखिम को बढ़ाता है। यह परीक्षण उन लोगों के लिए अनुशंसित (recommended) है जिनमे हृदय रोग का अधिक खतरा  है या जिनके परिवार में हृदय रोग का पुराना इतिहास है।

#5. ट्रोपोनिन रक्त परीक्षण (Troponin blood test)

रक्त में ट्रोपोनिन का स्तर (troponin level) हृदय की मांसपेशियों (heart muscles) में किसी भी क्षति का सटीक पता लगाने के लिए एक महत्वपूर्ण पैरामीटर है। यह भविष्य में किसी भी दिल के दौरे (stroke) की संभावना पर पता लगाने में भी मदद करता है।

गैर-आक्रामक परीक्षण (non-invasive testing)

#1. इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (ईसीजी)

ईसीजी (ECG) में, आपके दिल की विद्युत गतिविधि (electrical activities) दर्ज की जाती है। यह विद्युतीय गतिविधि (electrical activities) हृदय के विभिन्न भागों के कामकाज को निर्धारित करने में मदद करती है। परीक्षण का उपयोग हृदय गति (heart beat) और आपके हृदय की लय (heart rhythm) से संबंधित किसी भी समस्या की पहचान करने के लिए भी किया जाता है,

#2. इकोकार्डियोग्राम (Echocardiogram)

इको टेस्ट एक गैर-आक्रामक परीक्षण (non-invasive test) है जो अल्ट्रासाउंड (ultrasound) के माध्यम से आपके हृदय स्वास्थ्य (heart health) की तस्वीर देता है। परीक्षण का उपयोग आपके हृदय के वाल्वों (heart valves) और कक्षों (chambers) से संबंधित किसी भी अनुचित (improper) कार्य का पता लगाने के लिए किया जाता है। इकोकार्डियोग्राम (Echocardiogram), यह भी जांचता है कि आपके हृदय से रक्त कितनी तेजी से पंप किया जा रहा है।

#3. तनाव की जांच (Stress test)

तनाव परीक्षण (stress test) एक विशेष प्रकार का हृदय परीक्षण (heart test) है जो डॉक्टरों को यह देखने में सक्षम बनाता है कि शारीरिक रूप से सक्रिय रहने के दौरान आपका हृदय कितनी अच्छी तरह काम कर रहा है। विभिन्न तनाव परीक्षण (stress test) जो किए जा सकते हैं उनमें शामिल हैं:

  • व्यायाम तनाव परीक्षण (Exercise stress test)

यह एक प्रकार का परीक्षण है जिसमें व्यायाम करते समय इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (ईसीजी) परीक्षण किया जाता है। हृदय की लय (heart rhythm), हृदय गति (heat beat) और रक्तचाप (blood pressure) इस परीक्षण में जाँचे जाने वाले महत्वपूर्ण पैरामीटर हैं। इस परीक्षण को ट्रेडमिल परीक्षण (treadmill test) के रूप में भी जाना जाता है क्योंकि आमतौर पर आपका डॉक्टर इस परीक्षण को तब करेगा जब आप ट्रेडमिल (treadmill) पर दौड़ रहे हों।

  • स्ट्रेस इको टेस्ट (Stress echo test)

इस परीक्षण में, एक रेडियोधर्मी पदार्थ (radioactive substance), जिसे ट्रेसर (tracer) के रूप में जाना जाता है, को आपके रक्तप्रवाह (blood stream) में इंजेक्ट किया जाता है और फिर हृदय कक्षों (heart chambers) और वाल्वों (valves) के बीच किसी भी प्रकार के अंतर की उपस्थिति का निदान करने के लिए एक अल्ट्रासाउंड (ultrasound) किया जाता है और विश्लेषण किया जाता है कि व्यायाम के दौरान या दवा के प्रभाव में आपका दिल कितनी मजबूती से धड़कता है।

  • परमाणु हृदय तनाव परीक्षण (Nuclear cardiac stress test)

यह परीक्षण उपरोक्त दो तनाव परीक्षणों (stress test) का एक संयोजन (combination) है। इस परीक्षण में, एक ट्रेसर (tracer) को आपके रक्त में इंजेक्ट किया जाता है जो आपके हृदय से ऊर्जा को मुक्त (release of energy) करने में मदद करता है। छोड़ी गई ऊर्जा (released energy) की तस्वीरें विशेष कैमरों की मदद से शरीर के बाहर से ली जाती हैं। यह परीक्षण मुख्य रूप से आपके हृदय की मांसपेशियों (heart muscles) में बहने वाले रक्त की मात्रा का मूल्यांकन करने के लिए किया जाता है जिससे यह पता लगाया जा सके की जब आप आराम कर रहे हों या कुछ शारीरिक गतिविधि कर रहे हों तो हृदय की कार्यप्रणाली क्या हैं।

#4. कैरोटिड अल्ट्रासाउंड (Carotid Ultrasound)

यह एक अल्ट्रासाउंड है जो आमतौर पर स्ट्रोक (stroke) के जोखिम का मूल्यांकन करने के लिए किया जाता है। इस परीक्षण में कंप्यूटर स्क्रीन पर आपकी धमनियों (arteries) की छवियों को प्राप्त करने के लिए एक ट्रांसड्यूसर (transducer) को आपके गर्दन के किनारों पर लगाया जाता है। इस परीक्षण में स्टेनोसिस (stenosis) की संभावना को खत्म करने के लिए कैरोटिड धमनियों (carotid arteries) के माध्यम से रक्त के प्रवाह (blood stream) की भी निगरानी की जाती है।

#5. एमआरआई (MRI)

यह एक नैदानिक परीक्षण (diagnostic test) है जिसमें आपके दिल की विस्तृत छवियों (detailed image) के निर्माण के लिए मजबूत चुंबक (magnetic) और रेडियो तरंगों (radio wave) का उपयोग किया जाता है। यह दोनों, स्थिर (stil) और चलती तस्वीरें (moving picture), एमआरआई (MRI) के माध्यम से प्राप्त की जा सकती हैं। प्रक्रिया के दौरान कभी-कभी एक विशेष डाई का उपयोग किया जा सकता है जो कोरोनरी धमनियों (coronary arteries) और हृदय (heart) के अन्य भागों को आसानी से अलग पहचान लेता है।

#6. सीटी स्कैन (CT Scan)

कार्डिएक कंप्यूटेड टोमोग्राफी (कार्डियक सीटी) एक हृदय परीक्षण (cardiac test) है जिसमे एक विशेष एक्स-रे मशीन का उपयोग किया जाता है। इस एक्स-रे मशीन (X-ray machine) को आपके शरीर के चारों ओर घुमाने पर आपके दिल की विस्तृत 3डी छवियों (detailed 3D images) को प्राप्त करने में मदद मिलती है।

आक्रामक परीक्षण (Invasive tests)

#1. कोरोनरी एंजियोग्राफी (Coronary angiography)

कोरोनरी धमनियों (coronary arteries) से संबंधित रोगों की जांच के लिए कोरोनरी एंजियोग्राम (Coronary angiogram) सबसे अच्छा उपलब्ध तरीका है। यह एक एक्स-रे परीक्षण (X-ray test) है जो आपके हृदय की मांसपेशियों (heart muscles) को रक्त की आपूर्ति करने वाली कोरोनरी धमनियों (coronary arteries) की जांच करता है।

इस परीक्षण के दौरान एक लंबी लचीली ट्यूब (कैथेटर) आपके कमर या बांह की रक्त वाहिका (blood stream) में डाली जाती है और कैथेटर की नोक आपकी कोरोनरी धमनियों (coronary arteries) तक पहुंचती है। एंजियोग्राम (angiogram) नामक एक्स-रे छवि (X-ray image) प्राप्त करने के लिए आपकी कोरोनरी धमनियों (coronary arteries) में एक विशेष डाई इंजेक्ट की जाती है। परीक्षण आमतौर पर धमनियों (arteries) में मौजूद किसी भी रुकावट (blockage) या संकुचन (narrowing) की पहचान के लिए किया जाता है। यह हृदय वाल्व (heart valve) और मांसपेशियों (muscles) से संबंधित रोगों के निदान में भी मदद करता है।

#2. इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी अध्ययन (ईपी)

यह एक आक्रामक निदान परीक्षण (invasive diagnostic test) है जो आपके दिल की विद्युत गतिविधि (electrical activity) को रिकॉर्ड करता है। परीक्षण आपकी लयबद्ध गड़बड़ी (rhythmic disturbance) के अंतर्निहित कारण (underlying causes) को निर्धारित (determine) करने में मदद करता है और उसके अनुसार उपचार (treatment) की योजना बनाए जाता है। ईपी अध्ययन के विभिन्न चरण हैं जिनमें शामिल हैं

  • अपके दिल के विद्युत संकेतों (electrical activity) को रिकॉर्ड करके विद्युत कार्यों (electrical work) का आकलन करना
  • नियंत्रित परिस्थितियों (controlled condition) में उनका निरीक्षण करने के लिए कुछ असामान्य लय लाना।
  • असामान्य ऊतकों (abnormal tissues) के विनाश के लिए कभी-कभी एक पृथक प्रक्रिया (ablation process) की भी आवश्यकता हो सकती है। 

निष्कर्ष (conclusion)

हृदय शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है और स्वस्थ और लंबे जीवन के लिए इसका उचित कार्य करना महत्वपूर्ण है। अब जब आप विभिन्न हृदय परीक्षणों (cardiac tests) को जानते हैं जो आपके स्वास्थ्य का कुशलता से निदान कर सकते हैं, तो आपको निश्चित रूप से उन्हें प्राथमिकता के रूप में मानना चाहिए जब आपका डॉक्टर आपको इसकी सिफारिश करता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (एफएक्यू)

#1. किस परीक्षण की मदद से हृदय में रुकावट का पता लगाया जा सकता है? (With the help of which test can a heart block be detected?)

अगर आप हार्ट ब्लॉकेज टेस्ट के नाम (heart blockage test name) के बारे में जानना चाहते है तो आपको बताते चले की दिल में किसी भी प्रकार की रुकावट (heart blockage) का पता लगाने के लिए सबसे अच्छा परीक्षण (test) कोरोनरी एंजियोग्राम (coronary angiogram) है।

#2. मानव में किस प्रकार की दिल बीमारी की हो सकती है? (What type of heart disease can occur in humans?)

मनुष्यों में आमतौर पर 4 प्रकार के हृदय रोग हो सकते हैं जिनके नाम हैं अतालता (arrhythmia), कोरोनरी धमनी रोग (coronary artery disease), हृदय की विफलता (heart failure) और हृदय वाल्व रोग (heart valve disease)।

#3. क्या ईसीजी से धमनियों में रुकावट का पता लगाया जा सकता है? (Can an ECG detect a blockage in the arteries?)

नहीं, ईसीजी (ECG) से धमनियों (arteries) में रुकावट का पता नहीं लगाया जा सकता है।

Ms. Srujana is Managing Editor of Cogito137, one of India’s leading student-run science communication magazines. I have been working in scientific and medical writing and editing since 2018. I am also associated with the quality assurance team of scientific journal editing. I am majoring in Chemistry with a minor in Biology at IISER Kolkata.

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