एक-टेस्ट-और-पता-चल-जाएगा,-हार्ट-अटैक-आ-सकता-है-या-नहीं

आप कभी भी अपने दिल की सेहत के बारे में पूरी तरह से जागरूक (aware) नहीं होते हैं। और आप कभी नहीं जानते कि अगले पल आपके साथ क्या होने वाला है। हमारे आज की जीवनशैली और खानपान को देखते हुए हमें हमारी सेहत को नजरअंदाज (ignore) नहीं करना चाहिए क्यूंकि यह बहुत खतरनाक (dangerous) हो सकता है। तो अपने दिल की सही देखभाल करने के लिए कुछ ऐसे टेस्ट होते हैं जो आपको बता देंगे कि आपको हार्ट अटैक (heart attack) हो रहा है या नहीं।

अगर आपको कभी भी दिल का दौरा (heart attack) पड़ने का संदेह है, तो आपको तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया जाना चाहिए। निदान की पुष्टि करने और उपचार शुरू करने के लिए आपको आमतौर पर एक्यूट कार्डियक केयर यूनिट (acute cardiac care unit) (एसीसीयू) (ACCU), या सीधे कार्डियक कैथीटेराइजेशन यूनिट (cardiac catheterization unit) में भर्ती कराया जाएगा। हृदय रोग (Heart disease) विकासशील भारत में उभरती स्वास्थ्य समस्याओं में से एक बन गया है।

आजकल दिल की समस्या काफी आम हो गया हैं और न सिर्फ बुर्जुग बल्कि युवा भी दिल की समस्या का शिकार हो रहे हैं और अतः आपको अपने दिल से सम्बंधित किसी भी प्रकार की समस्या के लिए तुंरत अपना परिक्षण करवाना चाहिए।अगर आप अपने दिल से जुड़े टेस्ट करवाना चाहते हैं तो आज ही रेडक्लिफ लैब्स से संपर्क कर अपना टेस्ट बुक करवाएं।टेस्ट बुक करने के लिए आप नीचे दिए गएँ नंबर पर कॉल करें और आज भी अपना टेस्ट बुक करवाए।

डब्ल्यूएचओ (WHO) के अनुसार, हृदय रोग से होने वाली पांच में से चार से अधिक मौतें दिल के दौरे (heart attack) और स्ट्रोक (stroke) के कारण होती हैं, और इनमें से एक तिहाई (one third) अकाल मृत्यु (premature deaths) 70 वर्ष से कम उम्र के लोगों में होती है।

आपके दिल की स्थिति का आकलन (assess) करने और संबंधित जटिलताओं (associated complications) की जांच के लिए कुछ परीक्षणों (tests) का उपयोग किया जा सकता है। हालांकि, क्योंकि दिल का दौरा एक चिकित्सा आपात स्थिति (medical emergency) है, इनमें से कुछ परीक्षण आमतौर पर आपके प्रारंभिक उपचार शुरू होने के बाद किए जाते हैं और आपकी स्थिति स्थिर हो जाती है।

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#1. इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (Electrocardiogram)

एक इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (ईसीजी) (electrocardiogram (ECG)) संदिग्ध दिल के दौरे में एक महत्वपूर्ण परीक्षण है। यह अस्पताल में भर्ती होने के 10 मिनट के भीतर किया जाना चाहिए।

ईसीजी टेस्ट आपके दिल की विद्युत गतिविधि (electrical activity) को मापता है। हर बार जब आपका दिल धड़कता है, तो यह छोटे विद्युत आवेग (electrical impulses) पैदा करता है। एक ईसीजी मशीन इन संकेतों को कागज पर रिकॉर्ड करती है, जो आपके डॉक्टर को यह देखने में मदद करती है कि आपका दिल कितनी अच्छी तरह काम कर रहा है।

एक ईसीजी दर्द रहित (painless) होता है और इसे करने में लगभग 5 मिनट लगते हैं। परीक्षण के दौरान (During the test), फ्लैट मेटल डिस्क (flat metal discs) (इलेक्ट्रोड) (electrodes)) आपके हाथ, पैर और छाती से जुड़े होते हैं। इलेक्ट्रोड से तार ईसीजी मशीन से जुड़े होते हैं, जो विद्युत आवेगों (electrical current) को रिकॉर्ड करता है।

एक ईसीजी महत्वपूर्ण है क्योंकि (An ECG is important because):-

  • यह दिल के दौरे (heart attack) के निदान की पुष्टि करने में मदद करता है
  • एक ईसीजी टेस्ट (ECG test) यह निर्धारित करने में मदद करता है कि आपको किस प्रकार का दिल का दौरा (heart attack) पड़ा है, जो सबसे प्रभावी उपचार निर्धारित करने में मदद करेगा।

#2. रक्त परीक्षण (blood test)

दिल के दौरे (heart attack) से आपके दिल को होने वाली क्षति के कारण कुछ प्रोटीन आपके रक्त में धीरे-धीरे रिसने (leak) लगते हैं। यह एंजाइम (Enzymes) विशेष प्रोटीन होते हैं जो आपके शरीर में होने वाली रासायनिक प्रतिक्रियाओं (chemical reactions) को नियंत्रित (control) करने में मदद करते हैं।

यदि डॉक्टरों को संदेह (suspected) है कि आपको एक संदिग्ध दिल का दौरा पड़ा है, तो आपके रक्त का एक नमूना (sample) लिया जाएगा ताकि इन हृदय प्रोटीन (heart proteins) (कार्डियक मार्कर (cardiac markers) के रूप में जाना जाता है) के लिए इसका परीक्षण किया जा सके।

सबसे आम प्रोटीन माप को कार्डियक ट्रोपोनिन (cardiac troponin) कहा जाता है। आपके ट्रोपोनिन स्तर (troponin level) को कुछ दिनों के दौरान किए गए रक्त परीक्षणों (blood tests) की एक श्रृंखला (series) के माध्यम से मापा जाएगा। यह आपके दिल की क्षति (heart damage) का आकलन (assessed) करने की अनुमति देगा, और यह निर्धारित करने में भी मदद करेगा कि आप उपचार के प्रति कितनी अच्छी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

#3. छाती का एक्स – रे (chest X-ray)

यदि दिल के दौरे (heart attack) का निदान अनिश्चित है और आपके लक्षणों के अन्य संभावित कारण (possible causes) हैं, जैसे कि आपके फेफड़ों की परतों (layers of your lungs ) (न्यूमोथोरैक्स)( (pneumothorax))  के बीच फंसी हुई हवा की जेब, तो छाती का एक्स-रे (chest x-ray) उपयोगी हो सकता है। छाती के एक्स-रे का उपयोग यह जांचने के लिए भी किया जा सकता है कि क्या दिल के दौरे से जटिलताएं हुई हैं, जैसे कि आपके फेफड़ों के अंदर तरल पदार्थ (fluid) का निर्माण (फुफ्फुसीय एडिमा) (pulmonary edema)।

#4. इकोकार्डियोग्राम (echocardiogram)

इकोकार्डियोग्राम एक प्रकार का स्कैन है जो आपके दिल के अंदर की तस्वीर बनाने के लिए ध्वनि तरंगों (sound waves) का उपयोग करता है। यह पहचानने में उपयोगी हो सकता है कि हृदय के कौन से क्षेत्र क्षतिग्रस्त (damaged) हो गए हैं और इस क्षति ने आपके हृदय के कार्य को कैसे प्रभावित (affected) किया है।

#5. कोरोनरी एंजियोग्राफी (coronary angiography)

कोरोनरी एंजियोग्राफी यह निर्धारित करने में मदद कर सकती है कि क्या कोरोनरी धमनियों (coronary arteries) में रुकावट या संकुचन (blockage or narrowing) है, और यदि ऐसा है, तो रुकावट (blockage) या संकुचन (narrowing) की सही जगह का पता लगाने के लिए।

परीक्षण में आपके कमर या बांह (groin or arm) में रक्त वाहिकाओं (blood vessels) में से एक में एक पतली ट्यूब (thin tube) (कैथेटर) ((catheter)डालना शामिल है। कैथेटर (catheter) को एक्स-रे का उपयोग करके आपकी कोरोनरी धमनियों (coronary arteries) में निर्देशित (guided) किया जाता है।

इस टेस्ट के दौरान एक विशेष द्रव (special fluid), जिसे कंट्रास्ट एजेंट (contrast agent) कहा जाता है, कैथेटर के माध्यम से पंप किया जाता है। यह द्रव एक्स-रे पर देखा जा सकता है और यह अध्ययन कर सकता है कि यह आपके दिल के चारों ओर कैसे बहता है, किसी भी रुकावट या संकुचन की साइट का पता लगाने में मदद कर सकता है। यह एक डॉक्टर की मदद करता है जिसे हृदय रोग (हृदय रोग विशेषज्ञ (cardiologist)) में विशेषज्ञता (expertise) है, जो आपके लिए सबसे अच्छा इलाज तय करता है।

निष्कर्ष (Conclusion)

हमें याद रखना चाहिए कि अकेले एक परीक्षण (test) हृदय रोग (heart disease) के आपके समग्र जोखिम (overall risk) को निर्धारित (determine) नहीं कर सकता है। अगर आपको लगता है कि आपकी जीवनशैली या पारिवारिक इतिहास (lifestyle or family history) आपको कम उम्र में हृदय रोग के विकास के जोखिम में डाल सकता है, तो आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए, सलाह के अनुसार आपको अपना टेस्ट लगातार अंतराल पर कराते रहना चाहिए और अपनी जीवनशैली की आदतों में भी सुधार करते रहना चाहिए जिससे की आप एक स्वस्थ जीवन बिता सकते हैं।

सामान्य पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

#1. हार्ट के लिए कौन कौन से टेस्ट होते हैं? (What are the tests for heart?)

हार्ट अटैक का पता लगाने के लिए हमें लगातार नियमित अंतराल पर अपने हार्ट सम्बन्ध्ति टेस्ट करवाते रहना चाहिए। नीचे हम ने कुछ टेस्टों के नाम सूचीबद्ध किया है जो की हैं-

  • इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम
  • छाती का एक्स – रे
  • इकोकार्डियोग्राम
  • कोरोनरी एंजियोग्राफी
#2. ईसीजी जांच से क्या पता चलता है? (What does an ECG test reveal?)

यह टेस्ट मुख्य रूप से रक्त संचालित करने वाली रक्त वाहिका में परेशानी, ऑक्सीजन की कमी, नसों का ब्लॉकेज, सीने में दर्द या सूजन, सांस लेमे में परेशानी आदि की जांच करने के लिए किया जाता हैं। इस टेस्ट को हार्ट अटैक या दिल से जुड़ी अन्य समस्यों का पता लगाने के लिए भी किया जाता हैं।

#3. हार्ट ब्लॉकेज के सामान्य लक्षण क्या हो सकते हैं? (What are the common symptoms of heart blockage?)

वैसे इसके बहुत सारे लक्षण हो सकते है लेकिन नीचे हमनें कुछ मत्वपूर्ण लक्षणों के बारे में विस्तार से चर्चा की हैं जो की हैं:-

  • चक्कर आना
  • सांस लेने में तकलीफ होना
  • सांस फूलना
  • सीने में दर्द का महसूस होना
  • दिल की धरकन का तेज़ होना
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Ms. Srujana is Managing Editor of Cogito137, one of India’s leading student-run science communication magazines. I have been working in scientific and medical writing and editing since 2018. I am also associated with the quality assurance team of scientific journal editing. I am majoring in Chemistry with a minor in Biology at IISER Kolkata.

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