युवा वयस्कों में दिल का दौरा: भारत में दिल का दौरा कितना आम है और क्या आपको दिल के दौरे की चिंता करनी चाहिए?
Medically Reviewed By
Dr Divya Rohra
Written By Srujana Mohanty
on Jun 24, 2022
Last Edit Made By Srujana Mohanty
on Mar 17, 2024
मानव शरीर में हृदय (heart) सबसे महत्वपूर्ण अंग है। हृदय के रक्त प्रवाह (blood flow) में कोई रुकावट दिल का दौरा (heart attack) का कारण बनती है जिससे व्यक्ति की मृत्यु हो भी सकती है। भारत में दिल के दौरे (heart attack) के दर में काफी वृद्धि हुई है, खासकर देश की युवा आबादी में।
इस लेख में हम बात करने वाले है की भारत में दिल का दौरा (heart attack) कितना आम है और किन परिस्थितियों में आपको दिल का दौरा (heart attack) पड़ने की चिंता करनी चाहिए या डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
भारत में दिल का दौरा कितना आम है? (How common is heart attack in India?)
दिल का दौरा (heart attack) भारत में मौत के सबसे आम और प्रमुख कारणों में से एक है। पिछले 10 वर्षों में, भारत में हृदय रोगों (heart diseases) के कारण लोगों की मृत्यु में 40.8% की वृद्धि हुई है। साथ ही, दुनिया भर में 32% मौतें हृदय रोगों (heart diseases) के कारण हुईं है, जिनमें से 85% मौतें दिल के दौरे (heart attack) और स्ट्रोक (stroke) के कारण हुईं हैं। भारत के विभिन्न हिस्सों में 45 से 59 वर्ष की आयु के लोगों में रिपोर्ट्स किए गए हृदय रोगों (heart diseases) के प्रतिशत मामलों को नीचे सारणीबद्ध किया गया है:
क्र.सं. | राज्य (States) | हृदय रोग के प्रतिशत मामले
(Heart Diseases In %) |
1. | हरियाण | 34.2 |
2. | जम्मू और कश्मीर | 33.6 |
3. | पंजाब | 32.6 |
4. | केरल | 28.5 |
5. | दिल्ली | 28.1 |
6. | हिमाचल प्रदेश | 27.9 |
7. | आंध्र प्रदेश | 27.2 |
8. | कर्नाटक | 21 |
9. | छत्तीसगढ़ | 13.7 |
35 साल से कम उम्र के लोगों में दिल का दौरा (heart attack) मौत का एक आम कारण बन गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, देश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में अलग-अलग वर्षों में पुरुषों में हृदय रोगों (heart diseases) के मामलों का प्रतिशत नीचे सारणीबद्ध किया गया है:
क्र.सं | वर्ष (Years) | आयु (वर्षों में)
Age (In Years) | कोरोनरी हृदय रोग (Coronary Heart Disease) के कारण होने वाली मौतों का प्रतिशत | |
शहरी क्षेत्र में (In Urban Area) | ग्रामीण क्षेत्र में (In Rural Area) | |||
1
| 2000 | 20 – 29 | 5.14 | 1.8 |
30 – 39 | 6.16 | 3.1 | ||
40 – 49 | 8.16 | 3.17 | ||
50 – 59 | 12.14 | 4.64 | ||
60 – 69 | 17.76 | 10.21 | ||
2
| 2005 | 20 – 29 | 6.53 | 1.8 |
30 – 39 | 7.35 | 3.78 | ||
40 – 49 | 9.11 | 3.55 | ||
50 – 59 | 12.68 | 4.93 | ||
60 – 69 | 19.5 | 11.24 | ||
3
| 2010 | 20 – 29 | 7.92 | 1.8 |
30 – 39 | 8.54 | 4.45 | ||
40 – 49 | 10.06 | 3.94 | ||
50 – 59 | 13.23 | 5.22 | ||
60 – 69 | 21.25 | 12.28 | ||
4
| 2015 | 20 – 29 | 9.3 | 1.8 |
30 – 39 | 9.73 | 5.13 | ||
40 – 49 | 11.01 | 4.32 | ||
50 – 59 | 13.77 | 5.5 | ||
60 – 69 | 22.99 | 13.31 |
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, देश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में विभिन्न वर्षों में महिलाओं में हृदय रोगों (heart diseases) के मामलों का प्रतिशत नीचे सारणीबद्ध किया गया है:
क्र.सं | वर्ष (Years) | आयु (वर्षों में)
Age (In Years) | कोरोनरी हृदय रोग (Coronary Heart Disease) के कारण होने वाली मौतों का प्रतिशत | |
शहरी क्षेत्र में (In Urban Area) | ग्रामीण क्षेत्र में (In Rural Area) | |||
1 | 2000 | 20 – 29 | 5.06 | 1.3 |
30 – 39 | 6.14 | 2.9 | ||
40 – 49 | 10.3 | 6.55 | ||
50 – 59 | 11.3 | 10.4 | ||
60 – 69 | 17.3 | 9.67 | ||
2 | 2005 | 20 – 29 | 6.37 | 1.3 |
30 – 39 | 7.49 | 2.9 | ||
40 – 49 | 12.3 | 7.39 | ||
50 – 59 | 12.6 | 11.9 | ||
60 – 69 | 19.1 | 11 | ||
3 | 2010 | 20 – 29 | 7.67 | 1.3 |
30 – 39 | 8.84 | 2.9 | ||
40 – 49 | 14.2 | 8.23 | ||
50 – 59 | 14 | 13.4 | ||
60 – 69 | 21 | 12.4 | ||
4 | 2015 | 20 – 29 | 8.98 | 1.3 |
30 – 39 | 10.2 | 2.9 | ||
40 – 49 | 16.2 | 9.08 | ||
50 – 59 | 15.3 | 14.9 | ||
60 – 69 | 22.9 | 13.7 |
क्या आपको हार्ट अटैक की चिंता करनी चाहिए? (Should you worry about a heart attack?)
भारत में दिल के दौरे (heart attack) की बढ़ती दर के साथ स्थिति चिंताजनक हो गई है। आपको दिल के दौरे (heart attack) के बारे में चिंता करने की ज़रूरत नहीं है, लेकिन अगर आपको दिल का दौरा (heart attack) पड़ने के कोई संकेत और लक्षण दिखाई दें तो आपको चिकित्सक से ज़रूर सलाह लेनी चाहिए। सबसे आम लक्षण जो दिल के दौरे (heart attack) का संकेत हो सकते हैं, नीचे सूचीबद्ध हैं।
- छाती में बेचैनी (Chest Discomfort): इसमें छाती में किसी प्रकार का दबाव, जकड़न या दर्द शामिल है जो आपको असहज (uncomfortable) कर देगा।
- पेट दर्द
- पेट में जलन
- खट्टी डकार
- जी मिचलाना
- शरीर के बाईं ओर दर्द का होना
- चक्कर आना
- छाती के बीच से जबड़े या गले तक दर्द फैलना
- थकान
- असामान्य तेज खर्राटे
- ठंडा पसीना
- लंबे समय तक चलने वाली खांसी
- सूजे हुए टखने, पैर और दिल की अनियमित धड़कन
दिल का दौरा (heart attack) भारत के लोगों में एक बहुत ही आम स्वास्थ्य समस्या (health problem) है। इसलिए, यदि आप ऊपर सूचीबद्ध किए गए दिल के दौरे (heart attack) के किसी भी लक्षण का अनुभव करते हैं तो आपको बहुत सावधान रहना चाहिए।
हृदय रोगों (heart diseases) से होने वाली मौतों की बढ़ती दर इस बात की तरफ इशारा करती है की हृदय के स्वास्थ्य का ख्याल रखना काफ़ी आवश्यक हो गया जिससे की आप दिल के दौरे (heart attack) जैसे सम्याओं से खुद को बचा सके।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
#1. क्या 25 साल के व्यक्ति को दिल का दौरा पड़ना दुर्लभ है? (Is it rare for a 25 year old to have a heart attack?)
पहले, 40 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों में दिल का दौरा (heart attack) पड़ने का खतरा अधिक होता था, जबकि 40 वर्ष से कम उम्र के लोगों में दिल का दौरा (heart attack) पड़ने का बहुत ही कम जोखिम होता था। लेकिन लोगों की बदलती जीवनशैली के साथ दिल के दौरे (heart attack) के मामलों में काफी वृद्धि हुई है, आज के समय में हृदय रोग (heart disease) के हर 5 में से 1 रोगी 40 वर्ष से कम उम्र का एक युवा व्यक्ति है।
#2. क्या चिंता से दिल का दौरा पड़ सकता है? (Can anxiety cause a heart attack?)
हां, अवसाद (depression), चिंता (anxiety) या पुराने तनाव (chronic stress) वाले लोगों में दिल का दौरा (heart attack) पड़ने का अधिक खतरा होता है।
#3. फिट लोगों को दिल का दौरा क्यों पड़ता है? (Why do fit people have heart attacks?)
तनाव (Stress), कोलेस्ट्रॉल के स्तर (Cholesterol levels), खराब खान-पान (Bad eating habits), अनिद्रा (Insomnia) और अस्वास्थ्यकर जीवनशैली (unhealthy lifestyle) जैसे विभिन्न कारकों के कारण दिल का दौरा (heart attack) पड़ सकता है।