If you have turned 30+-then definitely get this test done

जैसे जैसे हमारी उम्र बढ़ती जाती है हमारे शरीर की रोग प्रतिरोध क्षमता (immunity) कम होती जाती है। इसलिए चिकित्सक हमें समय समय पर कुछ जरुरी परीक्षण करवाने की सलाह देते है जिस से की हम एक स्वस्थ जीवन बिता सके।

अगर आप 40 के हो गए है तो यह लेख आपको अंत तक जरूर पढ़ना चाहिए क्युकी इस लेख में हम कुछ जरुरी मेडिकल टेस्ट के बारे में चर्चा करने जा रहे है जो आपको आपके शरीर में किसी भी तरह की समस्या का समय रहते ही पहचान करने में मदद करती है।

कौन कौन से परीक्षण आवश्यक है? (Which Tests Are Necessary?)

वैसे तो बहुत सारे ऐसे परीक्षण है जो आपको अपने 40’s में नियमित रूप से करवाने चाहिए लेकिन इस लेख में हम सिर्फ 5 महत्पूर्ण जांचों की बात करेंगे जो आपको आवश्यक रूप से करवाने ही चाहिए, इनके नाम है:-

  • रक्तचाप परीक्षण (Blood Pressure Test)
  • शुगर परीक्षण (Sugar Test)
  • थाइरोइड टेस्ट (Thyroid test)
  • अस्थि घनत्व परीक्षण (Bone Density Test)
  • हृदय मूल्यांकन (Cardiac Evaluations)

#1. रक्तचाप परीक्षण (Blood Pressure)

रक्तचाप यह एक ऐसा बीमारी है जिस में 80% से ज्यादा रोगियों को इसका कोई लक्षण नहीं दिखाए देता है। अतः आप चाहें स्त्री हो या पुरुष 40 में बाद नियमित रूप से रक्तचाप परीक्षण (blood pressure test) करवाना अनिवार्य हैं। आपको यह बताते चले कि रक्तचाप परीक्षण (blood pressure test) न करना आपके लिए जानलेवा भी हो सकता हैं।

#2. शुगर परीक्षण (Sugar Test)

मधुमेह एक बहुत ही खतरनाक बीमारी है इसमें आपके शरीर में में ब्लड शुगर का स्तर (blood sugar level) बढ़ जाता है। इसलिए चिकित्सक हमेशा सलाह देते है की आपको 40 के उम्र के बाद एक नियमित अंतराल में ब्लड शुगर का परीक्षण (blood sugar test) करवाते रहना चाहिए जिससे की ब्लड शुगर स्तर (blood sugar level) को नियंत्रित किया जा सके।

#3. थाइरोइड टेस्ट (Thyroid Test)

वजन बढ़ना, बालों का झड़ना, भंगुर नाखून और थकावट आदि 40 साल की उम्र के बाद महिलाओं की कुछ आम शिकायतें हैं। इसका एक सामान्य कारण अंडर एक्टिव थायराइड या हाइपोथायरायडिज्म (hypothyroidism) है। यह ग्रंथि (gland) हार्मोन T3, T4 और TSH का स्राव (secretes) करती है, जो शरीर के चयापचय (metabolism) को नियंत्रित करने के लिए जिम्मेदार है।

इसमें कोई भी परिवर्तन शरीर में गंभीर परिवर्तन उत्पन्न कर सकता है। गर्भावस्था, प्रसव, स्तनपान और मीनोपॉज (menopause) के दौरान प्रमुख हार्मोनल परिवर्तनों (major hormonal changes) के कारण महिलाएं इसके प्रति अधिक संवेदनशील (more prone) होती हैं। महिलाओं को 40 साल की उम्र के बाद एक नियमित अंतराल पर थाइरोइड टेस्ट (thyroid test) आवश्यक रूप से करवाना चाहिए।

#4. अस्थि घनत्व परीक्षण (Bone Density Test)

महिलाओं में पुरुषों की तुलना में ऑस्टियोपोरोसिस (osteoporosis) के लिए स्वचालित रूप से अधिक जोखिम होता हैं। यह हार्मोन एस्ट्रोजन (estrogen) के घटते स्तर के कारण होता है जो महिलाओं में हड्डियों पर सुरक्षात्मक भूमिका निभाता है।

ऑस्टियोपोरोसिस (osteoporosis) हड्डि तुमयों की एक अपक्षयी (degenerative) स्थिति है, जहां कैल्शियम जैसे महत्वपूर्ण खनिज (minerals) हड्डियों से निकलते हैं, जिससे वे कमजोर (weak) और भंगुर (brittle) हो जाते हैं। इंटरनेशनल ऑस्टियोपोरोसिस फाउंडेशन (International Osteoporosis Foundation) का अनुमान है कि ऑस्टियोपोरोसिस (osteoporosis) दुनिया भर में लगभग 200 मिलियन महिलाओं को प्रभावित करता है।

महिलाओं में पुरुष की तुलना में हड्डियों में कम घनत्व (low density) होता हैं और उम्र बढ़ने के साथ-साथ वे हड्डियों के द्रव्यमान को अधिक तेज़ी से खो देती हैं, जिससे कुछ महिलाओं में ऑस्टियोपोरोसिस (osteoporosis) होता है। 20 से 80 वर्ष की आयु के बीच, औसत महिला अपने कूल्हे की हड्डी के घनत्व (density) का एक तिहाई खो देती है, जबकि पुरुषों में केवल एक चौथाई अस्थि घनत्व (bone density) में कमी आती है।

#5. हृदय मूल्यांकन (Cardiac Evaluations)

जिस तरह से भारत में हृदय रोगों की संख्या में इजाफा हुआ है हृदय परीक्षण का महत्व काफी बढ़ गया है खास करके जब आपकी उम्र 40 या उस से ज्यादा है तो। आमतौर पर 40 के बाद लोगों में हृदय रोग का खतरा काफी बढ़ जाता है जिस की वजह से उनको काफी दिकक्तों का सामना करना पड़ सकता है।

इसलिए आपको हृदय परीक्षण करवाते रहना चाहिए। इस परीक्षण की मदद से आपके हृदय सम्बंधित सभी समस्यों का अंदाजा लगाया जा सकता है। हृदय परीक्षण में कोलेस्ट्रॉल के स्तर (cholesterol level) का भी जांच किया जाता है जिससे कोलेस्ट्रॉल के स्तर (cholesterol level) के उत्तार चढ़ाव को आसानी से नियंत्रिक किया जा सके।

अगर आपकी उम्र 40 से ज्यादा है और आपने लंबे समय से अपना परीक्षण नहीं करवाया है तो आज ही अपना टेस्ट बुक करे और तंदुरस्त रहे। ऊपर सूचीबद्ध किये गए कोई भी परीक्षण करवाने के लिए रेडक्लिफ लैब में संपर्क करे और घर बैठे ही अपना टेस्ट करवाए।

रेडक्लिफ लैब से अपना टेस्ट बुक करने के लिए यहां क्लिक करें या इस नंबर 9289589001 पे कॉल करें और घर बैठे अपना परीक्षण करवाए। 

सामान्य पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

#1. नियमित रूप से टेस्ट करवाने के क्या लाभ होते है? (What are the benefits of getting tested regularly?)

जब आप 40 के हो जाते है आपका शरीर बहुत सारे परिवर्तन तो अनुभव करता है जिस की वजह से आप किसी बीमारी के शिकार हो सकते है। लेकिन अगर आप नियमित टेस्ट करवाते है तो आप शरीर के होने वाले परिवर्तन का आसानी से पता लगा सकते है फिर उस से होने वाले नुकसान से खुद को बचा सकते है।

#2. रेडक्लिफ लैब से टेस्ट क्यों करवाए? (Why get the test done at Radcliffe Lab?)

रेडक्लिफ लैब भारत का एक भरोसेमंद लैब है यहाँ पर आपका टेस्ट प्रमाणित विशेषज्ञ (certified specialist) और नवीनतम उपकरण (latest equipment) के द्वारा किया जाता है। साथ ही रेडक्लिफ लैब की सर्विसेज पुरे भारत (PAN India) में उपलब्ध है और यहां आपको होम सैंपल कलेक्शन (home sample collection) और 24 घंटे में रिपोर्ट प्राप्त होता है।

Prekshi Garg is a young, dynamic, energetic, and meritorious professional biotechnologist. She is a merit rank holder in her post-graduation and a skilled bioinformatician with great zeal to do her best in neurosciences. She is currently working in the area of Neurotranscritomics dealing with neurodevelopmental and neurodegenerative disorders. She has presented many papers at different scientific forums and is awarded ‘Representing the Institution in Scientific Events’ citation by Amity University Uttar Pradesh and Top position in Student Assistantship Program held at Amity University in addition to awards won for oral presentations in different scientific deliberations. Prekshi has published a good number of papers and book chapters during the start of her academic career itself. Her tremendous skills and knowledge make her a good blend of biotechnology and bioinformatics.

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