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मलेरिया के लक्षण व उपचार: समय रहते पहचानें और बचाव करें

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मलेरिया के लक्षण व उपचार: समय रहते पहचानें और बचाव करें

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Medically Reviewed ByDr. Geetanjali Gupta
Written By
Sheena Mehta
Last Edited BySheena MehtaJun 11, 2026
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मलेरिया दुनिया की सबसे पुरानी और खतरनाक संक्रामक बीमारियों में से एक है। यह संक्रमित मादा एनोफिलीज़ (Anopheles) मच्छर के काटने से फैलता है। कई लोग मलेरिया के शुरुआती लक्षणों को सामान्य वायरल बुखार समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन समय पर जांच और उपचार न मिलने पर यह बीमारी गंभीर जटिलताओं का कारण बन सकती है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2024 में दुनिया भर में लगभग 28.2 करोड़ मलेरिया के मामले और 6.1 लाख मौतें दर्ज की गईं। यह दर्शाता है कि आज भी मलेरिया एक बड़ी वैश्विक स्वास्थ्य चुनौती बना हुआ है।

इस ब्लॉग के माध्यम से हम यह जानने की कोशिश करेंगे कि मलेरिया क्या है, मलेरिया के शुरुआती लक्षण क्या हैं, गंभीर मलेरिया के संकेत क्या हैं और मलेरिया का उपचार कैसे किया जाता है। इन सभी प्रश्नों के उत्तर हम इस ब्लॉग में विस्तार से समझेंगे।

मलेरिया क्या है?

मलेरिया Plasmodium नामक परजीवी के कारण होता है। जब संक्रमित मच्छर किसी व्यक्ति को काटता है, तो यह परजीवी रक्त के माध्यम से शरीर में प्रवेश कर जाता है। सबसे पहले यह लिवर को प्रभावित करता है और फिर लाल रक्त कोशिकाओं (Red Blood Cells) को संक्रमित करने लगता है।

मलेरिया के प्रमुख प्रकार हैं:

  • Plasmodium falciparum (सबसे गंभीर)
  • Plasmodium vivax (भारत में आम)
  • Plasmodium malariae
  • Plasmodium ovale
  • Plasmodium knowlesi

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मलेरिया के शुरुआती लक्षण

मच्छर के काटने के लगभग 7 से 15 दिनों के भीतर लक्षण दिखाई देना शुरू हो सकते हैं।

सबसे सामान्य लक्षण

  • तेज बुखार
  • ठंड लगना और कंपकंपी होना
  • अत्यधिक पसीना आना
  • सिरदर्द
  • शरीर और मांसपेशियों में दर्द
  • कमजोरी और थकान
  • मतली और उल्टी
  • भूख कम लगना
  • चक्कर आना

मलेरिया में अक्सर एक विशेष पैटर्न देखने को मिलता है—पहले ठंड लगती है, फिर तेज बुखार आता है और उसके बाद खूब पसीना निकलता है।

गंभीर मलेरिया के संकेत

यदि समय पर इलाज न मिले तो स्थिति गंभीर हो सकती है।

खतरे के संकेत

  • सांस लेने में परेशानी
  • लगातार उल्टी होना
  • बेहोशी या भ्रम की स्थिति
  • दौरे पड़ना
  • खून की कमी (एनीमिया)
  • पीलिया
  • किडनी फेल होना
  • रक्तचाप का कम होना

बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों में मलेरिया अधिक गंभीर रूप ले सकता है।

मलेरिया की जांच कैसे होती है?

सिर्फ लक्षणों के आधार पर मलेरिया की पुष्टि नहीं की जा सकती। इसके लिए जांच जरूरी होती है।

प्रमुख जांचें

  • Malaria Parasite Test
  • Peripheral Blood Smear
  • Rapid Malaria Antigen Test
  • Complete Blood Count (CBC)

जितनी जल्दी जांच होगी, उतनी जल्दी इलाज शुरू किया जा सकेगा।

मलेरिया का उपचार

मलेरिया का इलाज संक्रमण के प्रकार, मरीज की उम्र और बीमारी की गंभीरता पर निर्भर करता है।

उपचार में क्या शामिल होता है?

  • डॉक्टर द्वारा निर्धारित एंटी-मलेरियल दवाएं
  • बुखार नियंत्रित करने की दवाएं
  • पर्याप्त आराम
  • अधिक मात्रा में पानी और तरल पदार्थ
  • गंभीर मामलों में अस्पताल में भर्ती

महत्वपूर्ण बातें

  • डॉक्टर की सलाह के बिना दवा न लें।
  • दवा का पूरा कोर्स पूरा करें।
  • बीच में दवा बंद करने से संक्रमण दोबारा हो सकता है।
  • बच्चों और गर्भवती महिलाओं का विशेष ध्यान रखें।

मलेरिया और डेंगू में अंतर

कई बार लोग मलेरिया और डेंगू को एक ही बीमारी समझ लेते हैं।

मलेरियाडेंगू
मच्छर के काटने से फैलता हैमच्छर के काटने से फैलता है
ठंड लगने के साथ बुखारअचानक तेज बुखार
पसीना अधिक आता हैशरीर और जोड़ों में तीव्र दर्द
परजीवी के कारणवायरस के कारण
एंटी-मलेरियल दवाओं से उपचारकोई विशेष एंटी-वायरल दवा नहीं

मलेरिया से बचाव कैसे करें?

मलेरिया का सबसे प्रभावी उपाय है मच्छरों से बचाव।

बचाव के उपाय

  • घर के आसपास पानी जमा न होने दें।
  • कूलर, गमले और टंकियों की नियमित सफाई करें।
  • मच्छरदानी का उपयोग करें।
  • मच्छर भगाने वाली क्रीम या रिपेलेंट लगाएं।
  • शाम के समय पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें।
  • खिड़कियों और दरवाजों पर जाली लगवाएं।
  • बुखार होने पर तुरंत जांच करवाएं।

नवीनतम वैश्विक स्थिति

WHO की World Malaria Report 2025 के अनुसार:

  • 2024 में 28.2 करोड़ मलेरिया के मामले दर्ज किए गए।
  • लगभग 6.1 लाख लोगों की मौत मलेरिया से हुई।
  • 2023 की तुलना में मामलों में लगभग 90 लाख की वृद्धि हुई।
  • WHO ने दवा-प्रतिरोध (Drug Resistance) और जलवायु परिवर्तन को मलेरिया नियंत्रण की प्रमुख चुनौतियों में शामिल किया है।

निष्कर्ष

मलेरिया एक गंभीर लेकिन पूरी तरह से रोकी और ठीक की जा सकने वाली बीमारी है। यदि आपको बार-बार बुखार, ठंड लगना, कमजोरी या अत्यधिक पसीना आने जैसे लक्षण दिखाई दें, तो इसे सामान्य वायरल बुखार समझकर नजरअंदाज न करें। समय पर जांच, सही उपचार और मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाकर मलेरिया के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। मलेरिया के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार है—जागरूकता, समय पर जांच और सही इलाज।

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